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महासमुंद में आधी रात सुअर चोरी करते 9 लोग पकड़े गए, पार्षद के दो सुअर ईको वाहन में मिले

वार्ड क्रमांक 21 सुभाष नगर में हुई घटना, रेलवे फाटक बंद होने से भाग नहीं सके आरोपी; 80 हजार रुपये बताई गई चोरी गए दो सुअरों की कीमत

महासमुंद। शहर के वार्ड क्रमांक 21 सुभाष नगर में आधी रात सुअर चोरी का मामला सामने आया है। यहां सुअर पालन कर जीविकोपार्जन करने वाले वार्ड पार्षद बड़े मुन्ना देवार के दो सुअरों को ईको वाहन में भरकर ले जा रहे नौ लोगों को पकड़ लिया गया। घटना के बाद पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, बड़े मुन्ना देवार पिता स्वर्गीय मंगलू देवार (50 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 21 महासमुंद, सुअर पालन का व्यवसाय करते हैं। उनके पास लगभग 50 सुअर हैं। 3 नवंबर की रात करीब 9 बजे सभी सुअर घर के पास बने कोठे (बाड़े) में मौजूद थे। इसके बाद वे सोने चले गए।

4 नवंबर की रात करीब 2 बजे सुअरों के चिल्लाने की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। बाहर आकर देखा तो कुछ लोग उनके सुअरों को ईको वाहन क्रमांक CG 04 PT 5999 में भरकर भागने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और मोहल्ले के सुशील देवार के साथ वाहन का पीछा किया।

इसी दौरान बेलसोंडा रेलवे फाटक बंद होने के कारण ईको वाहन को रोक लिया गया। कुछ देर बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वाहन की जांच करने पर उसमें दो सुअर मिले। वाहन में चालक सहित कुल नौ लोग सवार थे।

रायपुर के तेलीबांधा के रहने वाले बताए गए आरोपी

एफआईआर में वाहन चालक की पहचान रितेश यादव के रूप में हुई है। उसके साथ गुज्जर गोपाल, रनवीर फुलरिया, वीर फुलरिया, रितेश नेताम, सागर यादव, मनीष कुमार, कार्तिकराम और देव साहू के नाम दर्ज हैं। शिकायत के अनुसार सभी ने अपना पता रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र का बताया है।

घर लौटकर सुअरों की गिनती करने पर बड़े मुन्ना देवार को दो सुअर कम मिले। वाहन में बरामद दोनों सुअरों की पहचान उन्होंने अपने सुअरों के रूप में की। इनकी अनुमानित कीमत करीब 80 हजार रुपये बताई गई है।

पहले भी गायब हो चुके थे सुअर

पार्षद बड़े मुन्ना देवार ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि इससे पहले भी उनके यहां से एक-दो करके कई सुअर गायब हो चुके थे। शुरुआत में उन्हें लगता था कि सुअर कहीं चले गए होंगे, लेकिन इस घटना के बाद उन्हें चोरी की आशंका हुई।

उन्होंने पारिवारिक सदस्यों और वरिष्ठ लोगों से विचार-विमर्श के बाद 4 नवंबर को पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

महासमुंद पुलिस ने एफआईआर क्रमांक 0671/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक मानसिंह साहू कर रहे हैं।

फिलहाल एफआईआर में दर्ज तथ्यों के आधार पर पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।

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