अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई: अमेरिका-इज़राइल का ईरान पर हवाई हमला

ब्रेकिंग न्यूज़: ईरान और इसराइल के बीच तीव्र संघर्ष, नई हमलों का दौर शुरू

ईरान और इसराइल के बीच ताजा झड़पों की लहर ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है। इसराइल ने ईरान की संपर्क में कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं।

इसराइल के हमलों की शुरुआत

इसराइली सेना ने सोमवार को तेहरान में बुनियादी ढांचे को लक्षित करते हुए बड़ी मात्रा में हमले शुरू किए। हालांकि, उन्होंने इस मामले में और जानकारी साझा नहीं की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि ईरान जनसंख्याबल वाले क्षेत्रों से मिसाइल और ड्रोन लॉन्च कर रहा है, जिससे ईरान के इन क्षेत्रों को लक्षित किया जा सकता है।

हालांकि, इसराइल ने अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं पेश किए हैं। लंबे समय से जारी संघर्ष के कारण गाजा क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर है।

ईरान की ओर से प्रतिशोध का संकेत

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके पावर प्लांट्स पर हमला किया गया, तो वह इसराइल और अन्य क्षेत्रीय देशों के बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा। ईरान की सैन्य संघटन, आईआरजीसी, ने कहा है कि वे ईरान के खिलाफ किसी भी आक्रमण का प्रतिशोध लेने के लिए तैयार हैं।

साथ ही, ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि युद्ध में अब तक 1,500 से अधिक ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। इसराइल में भी ईरानी हमलों में 15 लोगों की जान गई है।

अन्य देशों में घेराबंदी और खतरे

इसराइल में ईरानी मिसाइलों के हमले जारी हैं, जिनमें दक्षिण और मध्य इसराइल में मलबा गिरने की रिपोर्ट्स आ रही हैं। इसराइल के अधिकारियों को चिंतन है कि अमेरिका युद्ध को समय से पहले रोक सकता है। इससे पहले ट्रम्प प्रशासन ने तेहरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी जहाजों के लिए खोल दे।

अन्य क्षेत्र जैसे कि सऊदी अरब में, आईआरजीसी ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस और अमेरिका के पांचवें बेड़े पर हमले किए हैं। इसके अलावा, कुवैत और बहरीन में भी चेतावनी सायरन बजने की खबरें आई हैं।

स्थिति की जटिलता

इस क्षेत्र की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख फातिह बायरोल ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व की स्थिति 1970 के दो ऊर्जा संकटों के मुकाबले कहीं ज्यादा गंभीर है।

सीट्रॉल एवं स्थिति की गंभीरता ने विश्व तेल बाजार में अस्थिरता पैदा कर दी है। जिससे भविष्य के लिए चिंता बढ़ गई है।

अन्त में, भारतीय नागरिकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता है। अबू धाबी के अल-धफल एयरबेस के निकट एक औद्योगिक क्षेत्र में गिरने वाले मलबे से एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है।

इस प्रकार, ईरान और इसराइल के बीच जारी झड़पों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को एक नई चुनौती दी है। इसे ध्यान में रखते हुए, वैश्विक शक्तियों को स्थिति का समीक्षात्मक अध्ययन करना होगा।

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