ब्रेकिंग न्यूज़: बिलासपुर हाई कोर्ट ने 11 किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान न्यायाधीशों की नियुक्ति की
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिसूचना के अंतर्गत राज्य के 11 किशोर न्याय बोर्ड में प्रधान न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए आदेश जारी किए हैं। यह कदम किशोर न्याय प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
नई नियुक्तियों का विवरण
महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिसूचना के अनुसार, निम्नलिखित न्यायिक अधिकारियों को विभिन्न किशोर न्याय बोर्डों का प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया है:
- कल्पना भगत: अंबिकापुर
- दिव्या गोयल: जशपुर
- सविता सिंह ठाकुर: बिलासपुर
- सिद्धार्थ आनंद सोनी: जांजगीर
- आरती ठाकुर: बेमेतरा
- माधुरी मरकाम: राजनांदगांव
- अंशुल वर्मा: गरियाबंद
- अंकिता तिग्गा: कांकेर
- अरुण नोर्गे: महासमुंद
- विनय कुमार साहू: धमतरी
- मीनू नंद: सुकमा
इन नियुक्तियों के माध्यम से राज्य सरकार किशोर न्याय के तहत न्यायिक प्रक्रियाओं में सुधार लाने की कोशिश कर रही है।
विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति
इसके साथ ही, विधि एवं विधायी कार्य विभाग की अधिसूचना के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खिलेश्वरी सिन्हा को पूरे छत्तीसगढ़ में विशेष न्यायाधीश के रूप में पदस्थ किया गया है। यह न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत होने वाले अपराधों के मामलों का विचार करेगी, जिनका अन्वेषण सीबीआई द्वारा किया गया हो। न्यायालय का मुख्यालय रायपुर में स्थापित किया गया है।
किशोर न्याय प्रणाली को सशक्त बनाना
किशोर न्याय (देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत, राज्य सरकार ने न्यायिक मजिस्ट्रेटों को किशोर न्याय बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इससे किशोर न्याय बोर्ड के कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। यह अधिनियम किशोरों के अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
बिलासपुर हाई कोर्ट द्वारा की गई ये नियुक्तियाँ न केवल न्यायिक प्रणाली में सुधार के लिए हैं, बल्कि यह किशोरों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इससे स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ सरकार किशोर न्याय के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और न्यायिक सुधारों पर जोर दे रही है। यह घटनाक्रम राज्य में न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
