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छत्तीसगढ़ मौसम : आने वाले कुछ घंटें बाद रायपुर में होगी मानसून की एंट्री, जानें कैसा रहेगा मौसम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है। साथ ही  एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा, अंधड़ चलने और वज्रपात की भी संभावना बनी हुई है। नौतपा के बीच बुधवार गुरुवार 29 मई को छत्तीसगढ़ में दक्षिण पश्चिमी मानसून की एंट्री हो गई है, आने वाले 24 घंटे में रायपुर पहुंचने का अनुमान है। 64 साल के इतिहास में ये पहली बार है, जब मानसून मई के महीने में ही पहुंच गया है। चुंकी अब तक प्रदेश में मानसून के पहुंचने की सामान्य तारीख 12-13 जून है।

आज 30 मई को छत्तीसगढ़ के अधिकांशत: जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। खास करके बस्तर संभाग के सातों जिलों में तेज बारिश की उम्मीद है। हालांकि बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी भाग पर बने गहन अवदाब के प्रभाव के कारण 30 मई से पूरे छत्तीसगढ़ में वर्षा में कमी आने की संभावना है। अगले 48 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।

जानें आज कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

आज शुक्रवार को छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ तेज हवा (50-60 kmph) तथा भारी वर्षा होने की संभावना है। 2 दिनों बाद एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ तेज हवा (40-50 kmph) तथा हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। रायपुर में आज आकाश सामान्यतः मेघमय रहने तथा गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 37°C और 25°C के आसपास रहने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ मौसम
छत्तीसगढ़ मौसम

जानिए वर्तमान में सक्रिय है कई मौसम प्रणालियां

दक्षिण-पश्चिम मानसून 29 मई 2025 को छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

मॉनसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, सैंडहेड द्वीप, बालुरघाट से होकर गुजर रही है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों से दूर उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहन अवदाब (deep depression) पिछले 6 घंटों के दौरान 22 KM प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ गया है

इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने, शाम तक गहन अवदाब की तीव्रता बनाए रखने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होकर अवदाब में बदलने की संभावना है।

एक द्रोणिका दक्षिण-पूर्व राजस्थान से लेकर उत्तर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहन अवदाब के केंद्र तक समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर बनी हुई है।