पिथौरा। महासमुंद जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र में मादा Nilgai के शिकार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा नीलगाय को मारकर उसका मांस पकाने की तैयारी की जा रही थी, तभी वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि चार अन्य फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, सुखीपाली गांव के शांतिनगर निवासी ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे सोमवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए भालुडोंगरी क्षेत्र गए थे। इसी दौरान उन्होंने एक मादा नीलगाय को देखा, जिसे कुत्तों ने दौड़ा-दौड़ाकर थका दिया था। आरोप है कि दोनों ने इसका फायदा उठाते हुए कुल्हाड़ी से हमला कर नीलगाय को मार डाला।
घटना के बाद आरोपी नीलगाय को पास के खेत में ले गए और मांस पकाने की तैयारी करने लगे। इस बीच अन्य ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। किसी ने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को मौके से पकड़ा गया, जबकि बाकी लोग फरार हो गए।
पूछताछ के आधार पर वन विभाग ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। फिलहाल मुख्य आरोपी सहित चार लोगों की तलाश की जा रही है। मामले में Wildlife Protection Act 1972 के तहत केस दर्ज किया गया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी सुखराम निराला ने बताया कि मृत नीलगाय मादा थी और उसकी उम्र करीब चार वर्ष थी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
अलग घटना में हिरण घायल
इसी क्षेत्र के गिरना गांव के जंगल में एक Deer पेड़ से टकराकर घायल हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे प्राथमिक उपचार दिया। उपचार के बाद हिरण की हालत में सुधार होने पर उसे जंगल में छोड़ दिया गया।

