रायगढ़: मर चुके बदमाश को जिला बदर करने का आदेश, पुलिस विभाग में हड़कंप

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रायगढ़। जिला प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रायगढ़ जिले में आदतन बदमाश श्याम गोरख को जिला बदर करने का आदेश जारी किया गया, लेकिन बाद में पता चला कि जिस व्यक्ति को बाहर भेजने की तैयारी थी, उसकी मौत हो चुकी है। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

जिला बदर का आदेश, फिर निकली चौंकाने वाली सच्चाई

11 सितंबर 2025 को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने एसपी के प्रतिवेदन के आधार पर श्याम गोरख (आ. जगदीश गोरख, उम्र 27 वर्ष, निवासी सोनिया नगर, रायगढ़) को एक साल के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया था। आदेश के मुताबिक, उसे 24 घंटे के भीतर रायगढ़ सहित आसपास के जिले—सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर—से बाहर जाना था।

लेकिन आदेश जारी होने के कुछ ही समय बाद मौखिक सूचना मिली कि श्याम गोरख की पहले ही मौत हो चुकी है।

फरारी पंचनामा के आधार पर हुई कार्रवाई

कलेक्टर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क) एवं (ख) के तहत यह कार्रवाई 25 अगस्त 2025 को प्राप्त फरारी पंचनामा के आधार पर की गई थी। हालांकि, आदेश जारी होने के बाद जब उसकी मौत की सूचना मिली तो पुलिस को वेरीफिकेशन कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके आधार पर आगे की कार्यवाही होगी।

विभाग की लापरवाही पर उठे सवाल

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब आरोपी की मौत हो चुकी थी तो पुलिस और जिला प्रशासन के पास इसकी जानकारी क्यों नहीं थी। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही तय होगा कि यह गलती लापरवाही की वजह से हुई या सूचना छिपाई गई।

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पामगढ़ विधायक वायरल ऑडियो पर बोले PCC चीफ दीपक बैज कहा – बदनाम करने के लिए जारी हुआ है ऑडियो, AI के जमाने में छेड़छाड़ संभव

PCC चीफ दीपक बैज

रायपुर। पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश और रेत माफिया के बीच बातचीत का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल मच गया है। इस मामले पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने विधायक से चर्चा करने के बाद मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह ऑडियो विधायक को बदनाम करने की साजिश है। आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जमाना है और इसमें छेड़छाड़ की गई है।

वोट चोरी और मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा

बैज ने राहुल गांधी के ताजा खुलासे का हवाला देते हुए कहा कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में फर्जी मतदाता और मतदाता सूची से नाम कटने की घटनाएं सामने आई हैं। राहुल गांधी ने एक मोबाइल से 12 मिनट में 14 नाम काटे जाने का मामला उजागर किया है। यह चुनाव आयोग और बीजेपी गठबंधन की मिलीभगत को दिखाता है।

2 लाख कलेक्टर, 2 लाख SDM और 5 लाख मेरा…’, पामगढ़ विधायक का कथित ऑडियो वायरल, रेत माफिया से डील का दावा

यहां सुनें वायरल वीडियो

बीजेपी नेताओं पर बरसे बैज

उन्होंने कहा कि आज बीजेपी के मंत्री सत्ता के नशे में चूर हैं। कार्यकर्ताओं को कीड़ा-मकोड़ा समझा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मामलों पर मंत्री ओपी चौधरी की आलोचना करते हुए कहा कि वे विभागीय कर्मचारियों से मिलने तक नहीं गए। यह उपेक्षा की स्थिति है।

बढ़ते बिजली बिल से जनता परेशान

बैज ने कहा कि महंगाई और बढ़ते बिजली बिल ने जनता की कमर तोड़ दी है। जहां पहले बिल 5 रुपए आता था, वहीं अब 15 रुपए तक पहुंच गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा – “एक तरफ सरकार महतारी वंदन योजना के तहत 1000 रुपए देती है, तो दूसरी तरफ बिजली बिल के नाम पर 2000 रुपए वसूल लेती है। आने वाले समय में जनता नाराजगी जाहिर करेगी।

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कभी 40 स्कूलों का मालिक, आज असहाय—घोटालेबाज राजेश शर्मा की पत्नी को गमगीन विदाई

60 करोड़ के डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल घोटाले

रायपुर। डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल घोटाले के आरोपी और 2017 से जेल में बंद राजेश शर्मा को अदालत से विशेष अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को अपनी पत्नी उमा शर्मा के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत मिली। राजेश अपनी पत्नी को अंतिम विदाई देने के लिए देवेंद्र नगर मुक्तिधाम पहुंचा, जहां केवल जेल कर्मी और मीडिया मौजूद थे। कभी राजधानी के चर्चित लोगों में गिने जाने वाले राजेश की असहाय स्थिति बेहद मार्मिक और करुण दृश्य पेश कर रही थी।

राजेश शर्मा का आरोप है कि अदालत से अनुमति मिलने के बावजूद जेल प्रशासन ने उसकी पत्नी का पर्याप्त इलाज नहीं कराया।


2017 से जेल में बंद

राजेश शर्मा और उसकी पत्नी 2011 से फरार थे। 2017 में गिरफ्तारी के बाद से राजेश जेल में है। उन पर आरोप है कि उन्होंने विद्यार्थियों से पहली से 12वीं तक की पूरी फीस (करीब 1.5 लाख रुपए प्रति छात्र) एकमुश्त लेकर लगभग 60 करोड़ रुपए की ठगी की।


ऐसे बढ़ा कारोबार

  • राजेश ने 2005 तक एक स्कूल में शिक्षक के रूप में काम किया।

  • 2007 में डॉल्फिन इंटरनेशनल स्कूल की शुरुआत की और देखते ही देखते 40 से अधिक स्कूलों की चेन खड़ी कर दी।

  • प्रचार के लिए ‘शक्तिमान’ मुकेश खन्ना और ‘शकुनि’ गुफी पेंटल जैसे कलाकारों को ब्रांड एम्बेसडर बनाया।

  • फीस से मिली रकम को एमसीएक्स, फिल्मों और अन्य निवेशों में लगाया, जिसमें भारी नुकसान हुआ।


कर्मचारियों और स्टाफ को भी ठगा

राजेश ने 40 स्कूलों में 150 से अधिक स्टाफ और 8 बसों में ड्राइवर-कंडक्टर रखे थे। लेकिन उन्हें महीनों तक वेतन नहीं मिला। इतना ही नहीं, उसने एक अखबार भी शुरू किया था और उसके कर्मचारियों को भी सैलरी नहीं दी।


फर्जी दस्तावेज और फरारी

राजेश और उसकी पत्नी ने शिक्षण समिति के लिए कई सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर किए। हैदराबाद में दोनों के पास से फर्जी आधार कार्ड और पैनकार्ड बरामद हुए, जिनमें उनका नाम बदलकर दर्ज था। फरारी के दौरान दोनों वहीं एक स्कूल में पढ़ा रहे थे।


प्रॉपर्टी जब्ती और पीड़ितों को राहत

जांच में सामने आया है कि राजेश की नवापारा-राजिम में जमीनें हैं। पुलिस इन्हें जब्त कर पीड़ितों को पैसा लौटाने की कोशिश कर रही है।


55 करोड़ 40 लाख की ठगी के केस

राजेश और उसकी पत्नी के खिलाफ रायपुर, गोबरा-नवापारा, पाटन समेत 9 जिलों में कुल 55.40 करोड़ रुपए की ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। पहली एफआईआर रायपुर की समता कॉलोनी निवासी पालक चंदा जैन ने कराई थी।

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CGPSC घोटाला मामला : रिटायर्ड IAS और पूर्व परीक्षा नियंत्रक समेत 5 गिरफ्तार, CBI ने कोर्ट में किया पेश

CGPSC

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में CBI की कार्रवाई तेज हो गई है। शुक्रवार को एजेंसी ने पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पीएससी के पूर्व सचिव और रिटायर्ड IAS जीवनलाल ध्रुव व उनके बेटे सुमित ध्रुव, साथ ही निशा कोसले और दीपा आदिल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।

इससे पहले भी सीबीआई ने आरती वासनिक को पूछताछ के बाद छोड़ा था, लेकिन अब सबूत मिलने पर उन्हें हिरासत में लिया गया है।

महासमुंद, CBI की रेड, 5 ठिकानों पर एक साथ दबिश, CGPSC घोटाले में कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त, रिसॉर्ट में कराये गये क्योश्चन पेपर सॉल्व

पहले ही 7 आरोपी जेल में

  • 18 नवंबर को तत्कालीन अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी और उद्योगपति श्रवण कुमार गोयल गिरफ्तार हुए थे।

  • 10 जनवरी को 5 और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, जिनमें नितेश सोनवानी (तत्कालीन अध्यक्ष का भतीजा) और ललित गणवीर (उप परीक्षा नियंत्रक) शामिल थे।

  • 12 जनवरी को शशांक गोयल, भूमिका कटियार और साहिल सोनवानी को गिरफ्तार किया गया।

क्या है CGPSC घोटाला?

CGPSC यह घोटाला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य उच्च पदों पर योग्य उम्मीदवारों की अनदेखी कर, प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों के नजदीकियों को चयनित किया गया।
सीबीआई ने जांच में कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं और अब तक दर्जनों लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। फिलहाल सभी आरोपी जेल में हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

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महासमुंद की बेटी दिव्या रंगारी ने बढ़ाया मान, फाइनल में पहुँची टीम, भारतीय टीम ने इंडोनेशिया को हराकर बनाया इतिहास, जिले में खुशी की लहर

Mahasamund's daughter Divya Rangari brought pride to the nation, reached the finals

महासमुंद/19 सितंबर 2025। मलेशिया में आयोजित FIBA अंडर-16 विमेंस एशिया कप 2025 में भारत की महिला बास्केटबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। इस उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले की बेटी दिव्या रंगारी (पिता – विनोद रंगारी) भी शामिल हैं।

भारत ने सेमीफाइनल में इंडोनेशिया को 65-53 के स्कोर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। मैच के पहले दो क्वार्टर रोमांचक रहे, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने बेहतरीन बढ़त बनाकर जीत दर्ज की।

लगातार 4 जीत से फाइनल तक सफर

भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में पहले ईरान, फिर उज्बेकिस्तान और समोआ को हराया। चौथे मैच में सेमीफाइनल में इंडोनेशिया पर जीत दर्ज कर टीम फाइनल में पहुंची। इस शानदार प्रदर्शन से पूरे प्रदेश और महासमुंद जिले में खुशी की लहर है।

भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ी

  • छत्तीसगढ़: दिव्या रंगारी

  • कर्नाटका: श्रवानी शिवन्ना, महक शर्मा, अदिति

  • तेलंगाना: विहा रेड्डी, नेथरा

  • केरल: एदिना मरियम जॉनसन

  • तमिलनाडु: एंजलीना अरुण जॉर्ज, सुमिथरा देवी कालीमुथु

  • महाराष्ट्र: रेवा कुलकर्णी, वैष्णवी प्रशांत परदेशी

  • गुजरात: दिनल वित्थानी

बधाइयों की बौछार

भारतीय टीम के फाइनल में पहुंचने पर प्रदेश और जिले के नेताओं, अधिकारियों और खेल संघों ने बधाई दी। इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष राजीव जैन, सांसद रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिंहा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और खेलप्रेमी शामिल रहे।


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89 करोड़ की ठगी कांड: भिलाई के दो कारोबारी गिरफ्तार, दो अब भी फरार

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रायपुर। गुजरात के गांधीधाम निवासी व्यवसायी से 89 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में भिलाई के दो कोयला व्यापारियों को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल हैं। वहीं, संदीप अग्रवाल और राखी अग्रवाल अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

पीड़ित व्यवसायी पवन मोर ने बताया कि भिलाई के नेहरू नगर निवासी इन चारों आरोपियों ने मिलकर कोक एक्सपोर्ट में निवेश का झांसा दिया और उनसे 89 करोड़ रुपए ठग लिए। इस संबंध में 8 फरवरी 2025 को गांधीधाम बी डिवीजन थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद से सभी आरोपी फरार थे और गुजरात पुलिस लगातार इनकी तलाश में जुटी हुई थी।

17 सितंबर को गुजरात पुलिस की टीम दुर्ग जिले के कुरूद पहुंची और एक भाजपा नेता के रिश्तेदार के घर पर दबिश दी, जहां संजय और सचिन लंबे समय से छिपे हुए थे। पुलिस ने मौके से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़ित पवन मोर ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते इनकी गिरफ्तारी में देर हुई। इसके अलावा इन पर गुजरात, अहमदाबाद, मुंबई और कोलकाता में लगभग 200 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने के भी आरोप हैं।

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रायगढ़: छोटी बहन की हत्या करने वाली बड़ी बहन को उम्रकैद

छत्तीसगढ़: करोड़ों के फर्जी टेंडर घोटाले में डिप्टी कमिश्नर निलंबित

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रायगढ़: छोटी बहन की हत्या करने वाली बड़ी बहन को उम्रकैद

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रायगढ़। जिले में हुई एक दिल दहला देने वाली वारदात में बड़ी बहन ने अपनी छोटी बहन की हत्या कर दी थी। अब कोर्ट ने इस मामले में बड़ी बहन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला कोतरा रोड थाना क्षेत्र के ग्राम पतरापाली का है।

मामला क्या है?

24 अप्रैल 2024 की रात को नेहा कुमारी महतो (20 वर्ष) ने छोटी बहन रंजिता कुमारी से लौकी छीलने और खाना बनाने को कहा। रंजिता ने मना कर दिया, जिससे गुस्से में आकर नेहा ने किचन में रखे लोहे के खलबट्टे से बहन के सिर पर वार कर दिया। चीख सुनकर घरवाले जाग न जाएं, इस डर से उसने कई बार हमला किया। गंभीर चोट लगने से रंजिता की मौके पर ही मौत हो गई।

इसके बाद नेहा ने मृत बहन को कंबल से ढककर लाइट बंद कर दी और सामान्य तरीके से परिवार के साथ व्यवहार करती रही। अगली सुबह पिता ने जब रंजिता को जगाने की कोशिश की, तब हत्या का राज खुला।

छत्तीसगढ़: करोड़ों के फर्जी टेंडर घोटाले में डिप्टी कमिश्नर निलंबित

जांच और कोर्ट की कार्रवाई

मृतका के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने का प्रयास) के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी बड़ी बहन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में नेहा ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

मामला सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन की अदालत में चला। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने नेहा कुमारी महतो को उम्रकैद की सजा और अर्थदंड से दंडित किया। इस प्रकरण में लोक अभियोजक पी.एन. गुप्ता ने पैरवी की।

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छत्तीसगढ़: करोड़ों के फर्जी टेंडर घोटाले में डिप्टी कमिश्नर निलंबित

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रायपुर। दंतेवाड़ा में करोड़ों के फर्जी टेंडर प्रकरण में आदिवासी विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंदजी सिंह को निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, डॉ. सिंह जब दंतेवाड़ा में सहायक आयुक्त पद पर पदस्थ थे, तभी करोड़ों रुपए के फर्जी टेंडर लगाए गए थे। कलेक्टर ने वर्ष 2021 से 2024 तक जारी हुए विभागीय टेंडरों की जांच करवाई, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

जांच में पता चला कि 45 टेंडर फर्जी तरीके से लगाए गए थे। यह गड़बड़ी डॉ. आनंदजी सिंह और उस समय के सहायक आयुक्त केएस मेसराम के कार्यकाल में हुई थी। मामला खुलते ही दोनों अफसरों और विभाग के एक बाबू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि बाबू अब तक फरार है।

अब विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंदजी सिंह को सस्पेंड कर दिया है। इस अवधि में उनका कार्यस्थल आयुक्त, आदिम जाति विभाग रायपुर तय किया गया है। वहीं, केएस मेसराम पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

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छत्तीसगढ़: गिरफ्तारी से बचने कोर्ट पहुंचे पूर्व IAS आलोक शुक्ला, जज ने लौटाया वापस

पूर्व IAS आलोक शुक्ला

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में मुख्य आरोपी और रिटायर्ड IAS अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला को लेकर आज बड़ा घटनाक्रम सामने आया। शुक्रवार को वे ईडी (ED) की संभावित गिरफ्तारी से बचने रायपुर स्थित स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल उनकी अर्जी को स्वीकार करने से मना कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं अपलोड, सरेंडर रोका गया

कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अभी तक अपलोड नहीं हुआ है, ऐसे में सरेंडर की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जा सकती। आलोक शुक्ला के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद ही सरेंडर किया जा सकेगा।

सुबह भिलाई स्थित घर में ED की दबिश

आज सुबह ईडी की टीम ने आलोक शुक्ला के भिलाई तालपुरी स्थित घर पर दबिश दी थी। सूत्रों के अनुसार, तलाशी के बाद ईडी उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर सकती थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए ही शुक्ला ने सरेंडर की कोशिश की थी।

सुप्रीम कोर्ट से खारिज हुई थी जमानत याचिका

नान घोटाले में डॉ. आलोक शुक्ला और पूर्व IAS अनिल टुटेजा को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी। लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच (जस्टिस सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा) ने इसे खारिज कर दिया। आदेश के मुताबिक दोनों अधिकारियों को पहले दो हफ्ते ईडी की कस्टडी में और फिर दो हफ्ते न्यायिक हिरासत में रहना होगा। इसके बाद ही उन्हें जमानत मिलेगी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपियों ने जांच को प्रभावित करने की कोशिश की थी।

भूपेश सरकार में मिली थी पॉवरफुल पोस्टिंग

गौरतलब है कि नान घोटाला सामने आने के वक्त आलोक शुक्ला खाद्य विभाग के सचिव थे। दिसंबर 2018 में EOW ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद 2019 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद कांग्रेस सरकार ने शुक्ला और अनिल टुटेजा दोनों को अहम जिम्मेदारियाँ दी थीं। इसी दौरान जांच को प्रभावित करने का आरोप भी लगा।

10 जिलों में जारी ED की कार्रवाई

नान घोटाला मामले में प्रदेशभर के 10 जिलों में ईडी की कार्रवाई जारी है। दुर्ग में ईडी की टीम दो गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंची, वहीं भिलाई के हुडको स्थित सुधाकर रावटे के घर भी दबिश दी गई। टीम दस्तावेज खंगाल रही है और पूछताछ जारी है।
इससे पहले कस्टम मिलिंग मामले में पूर्व IAS अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन पर 140 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का आरोप है।

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🚆 छत्तीसगढ़ का प्रयाग राजिम अब रेल नेटवर्क से जुड़ा

राजिम

सीएम विष्णुदेव साय ने नई मेमू ट्रेन को दिखाई हरी झंडी, कहा – लोगों को मिली सस्ती और सुलभ रेल सेवा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजिम से रायपुर के लिए नई मेमू ट्रेन सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने राजिम-रायपुर-राजिम नई मेमू ट्रेन और रायपुर-अभनपुर मेमू सेवा के राजिम तक विस्तार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भारी संख्या में यात्री इस अवसर पर ट्रेन में सवार हुए और उत्साहपूर्वक रायपुर के लिए रवाना हुए। पूरे क्षेत्र में सस्ती और सुलभ रेल सुविधा मिलने से हर्ष का माहौल रहा।


✨ सीएम साय का बयान

मुख्यमंत्री ने कहा कि –

  • इस सेवा से राजिम, गरियाबंद और देवभोग क्षेत्र के लोगों को राजधानी रायपुर तक सस्ती और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा।

  • विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग और व्यापारी वर्ग सहित सभी के लिए यह ट्रेन अत्यंत उपयोगी साबित होगी।

  • अब छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहे जाने वाले राजिम की राजधानी रायपुर से सीधी रेल कनेक्टिविटी हो गई है।

  • आठ साल पहले धमतरी से रायपुर तक नैरोगेज ट्रेन बंद हुई थी और अब इतने वर्षों बाद फिर से यहां ब्रॉडगेज ट्रेन सुविधा शुरू हुई है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में 45,000 करोड़ रुपए से अधिक की रेलवे परियोजनाएं प्रदेश में संचालित हैं और वर्ष 2025-26 के बजट में लगभग 7,000 करोड़ रुपए का प्रावधान रेल विकास के लिए किया गया है।


🚉 सांसदों और मंत्रियों की प्रतिक्रियाएँ

  • सांसद बृजमोहन अग्रवाल – “राजिम में साधु-संत और पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। अब उन्हें सीधे रेल सुविधा मिलेगी, जिससे पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।”

  • सांसद रूपकुमारी चौधरी – “राजिम से रायपुर आना बेहद आसान हो गया है। श्रद्धालु और पर्यटक अब राजिम से सीधे डोंगरगढ़ तक यात्रा कर सकेंगे।”

  • वन मंत्री केदार कश्यप – “सीधी रेल पहुंच से पर्यटन को गति मिलेगी। प्रदेश के 45,000 करोड़ की रेलवे परियोजनाओं और रावघाट प्रोजेक्ट से बस्तर सहित पूरा प्रदेश लाभान्वित होगा।”

राजिम से रायपुर
Chhattisgarh’s Prayag Rajim now connected to rail network

📅 नई ट्रेन की समय-सारणी

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार –

  • गाड़ी संख्या 68766/68767 राजिम-अभनपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर 19 सितम्बर 2025 से नियमित रूप से संचालित होगी।

  • यह ट्रेन दोनों छोरों से रोज चलेगी।

  • ट्रेन में 06 सामान्य श्रेणी कोच और 02 पावरकार सहित कुल 08 डिब्बे होंगे।


👥 कार्यक्रम में शामिल रहे

इस शुभारंभ अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी, अभनपुर विधायक इन्द्रकुमार साहू, राजिम विधायक रोहित साहू, रेलवे अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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