महासमुंद। धान खरीदी व्यवस्था में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर (खाद्य शाखा) महासमुंद ने जिला स्तरीय नोडल अधिकारी उमेश कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन केंद्रों का निर्धारित तिथियों में भौतिक सत्यापन नहीं किए जाने के मामले में की गई है।
कलेक्टर कार्यालय से जारी नोटिस के अनुसार राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राजपत्र क्रमांक 868, दिनांक 14 नवंबर 2025 के माध्यम से 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक की अवधि को धान खरीदी कार्य के लिए छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संरक्षण तथा विवाद निवारण अधिनियम 1979 (ESMA Act 1979) के अंतर्गत आवश्यक सेवा घोषित किया गया है।
धान खरीदी वर्ष 2025-26 के सुचारु संचालन के लिए उमेश कुमार को जिले के धान उपार्जन केंद्रों का जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त कर निगरानी एवं सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को आवंटित धान उपार्जन केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर पीबीएम पोर्टल में प्रविष्टि करना अनिवार्य था।
नोटिस में उल्लेख है कि दिनांक 17 जनवरी 2026 एवं 18 जनवरी 2026 को संबंधित धान उपार्जन केंद्रों का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया, जो जारी निर्देशों की अवहेलना है। कलेक्टर ने इसे ESMA Act 1979 का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बताया है।
कलेक्टर द्वारा नोडल अधिकारी उमेश कुमार को 24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-सीमा में उत्तर प्रस्तुत नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी नोटिस में दी गई है।










