Homeदेश - विदेशइव्लोएव ने मर्फी को हराया, वोल्कानोव्स्की से फेदरवेट खिताबी मुकाबला तय!

इव्लोएव ने मर्फी को हराया, वोल्कानोव्स्की से फेदरवेट खिताबी मुकाबला तय!

ब्रेकिंग न्यूज़: यूएफसी फाइट नाइट 270 में मोवसर एव्लोव ने लेरोन मर्फी को हराया, टाइटल मैच का रास्ता साफ
लंदन में हुए इस मुकाबले में, मोवसर ने पॉइंट हिसाब में कमी के बावजूद जीत हासिल की।

लंदन, 22 मार्च 2026: रूस के मोवसर एव्लोव ने बिना हार के चल रहे लेरोन मर्फी के खिलाफ एक बहुमत निर्णय से जीत दर्ज की। यह मुकाबला ओ2 एरेना में हुआ, जहां एव्लोव ने एक महत्वपूर्ण लम्हे में अपने आप को अगले फेदरवेट चैम्पियन एलेक्ज़ेंडर वोल्कनॉस्की के खिलाफ टाइटल फाइट के लिए तैयार किया।

तेज तर्रार मुकाबला: तकनीक और रणनीति का संघर्ष

दोनो फाइटर्स ने अपनी अजेय रिकार्ड को दांव पर लगाते हुए दिखाया कि जीत उनके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। एव्लोव, जो कि अपने कुश्ती कौशल के लिए जाने जाते हैं, ने इस बार अपनी स्ट्राइकिंग कौशल को भी दिखाने की कोशिश की। दूसरी ओर, मर्फी ने अभी तक की अपनी शानदार डिफेंसिव तकनीक का इस्तेमाल करके एव्लोव के प्रयासों को टालने की पूरी कोशिश की।

पहले दो राउंड में मर्फी ने अपनी दमदार बिल्लीबिल्ली और दाएं हाथ की दमदार स्ट्राइक से एव्लोव को रोकने की कोशिश की। जबकि एव्लोव ने इस दौरान अपने नए स्पिनिंग स्ट्राइक का प्रदर्शन किया।

चौथे राउंड में पॉइंट कटौती का प्रभाव

तीसरे राउंड की शुरुआत में, एव्लोव ने मुकाबले को जमीन पर लाने में सफलता पाई, लेकिन मर्फी जल्दी से फिर से खड़े हो गए। चौथे राउंड की शुरुआत में, मर्फी को एक और घूंसा पड़ा, जिसके चलते रेफरी मार्क गोडार्ड ने एव्लोव से एक पॉइंट काट लिया। यह निर्णय बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि फाइट का परिणाम निर्णायक हो सकता था।

अंतिम राउंड में एव्लोव का जोरदार प्रयास

पॉइंट कटौती के बाद, एव्लोव ने अंतिम राउंड में पूरी ऊर्जा लगाई। हालांकि, मर्फी ने फिर भी अपनी डिफेंसिव क्षमता का परिचय देते हुए खुद को खड़ा रखा। दोनों फाइटर्स ने एक-दूसरे पर आक्रामक तरीके से हमला किया, लेकिन एव्लोव ने दो जजों की दृष्टि में 48-46 से जीत हासिल की, जबकि एक जज ने 47-47 का स्कोर रखा।

इतिहास में पहला हार: मर्फी की प्रतिक्रिया

मर्फी के लिए यह मुकाबला उनके करियर की पहली हार थी, जिसने उन्हें कोर्ट में निराश किया। इस जीत के साथ, मोवसर एव्लोव ने भविष्य में टाइटल मुकाबले से पहले बड़ी संभावनाएं पैदा की हैं।

इस जीत ने एव्लोव को न केवल सम्मान दिलाया बल्कि उनकी आगामी लड़ाई के लिए भी उन्हें मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा किया। अब देखने वाली बात ये है कि क्या वे वोल्कनॉस्की के खिलाफ अपनी मेहनत को सही साबित कर पाएंगे।

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