ब्रेकिंग न्यूज़: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने हाल ही के वेस्ट एशिया संघर्ष के दौरान भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद दिया।
जयशंकर की यूएई यात्रा का महत्व
जयशंकर ने अपने इस दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति को शुभकामनाएं भी दी। उन्होंने भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा बनाने के तरीकों पर चर्चा की। इस मुलाकात के दौरान जयशंकर ने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा, "मैं यूएई के राष्ट्रपति से मिलकर गहरा सम्मानित महसूस कर रहा हूं। वेस्ट एशिया के संघर्ष के दौरान भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए उनकी सराहना करता हूं।"
महत्वपूर्ण मुलाकातें
जयशंकर ने UAE में अपने दौरे के दौरान शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मक्तूम से भी मुलाकात की। उन्होंने इस मुलाकात में कहा, "दुबई में भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार की सराहना की।" उन्होंने यूएई की ओर से भारतीय समुदाय के प्रति निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
इससे पहले, जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद बिन सुलतान अल नाहयान के साथ भी बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिति के विकास और इसके व्यापक प्रभावों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा, "यह मुलाकात बहुत सुखद रही, जहां हमने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के बारे में चर्चा की।"
भारतीय समुदाय के प्रति समर्थन
जयशंकर ने अबू धाबी में भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत की। उन्होंने भारत सरकार की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के प्रयासों के बारे में उन्हें जानकारी दी। उन्होंने कहा, "मैंने अपनी यात्रा की शुरुआत भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करके की। वेस्ट एशिया संघर्ष के बीच उनकी सुरक्षा और भलाई के लिए भारत सरकार की सक्रियता के बारे में बात की।"
जयशंकर ने यूएई सरकार द्वारा भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए किए गए प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने समुदाय की स्थानीय समाज में योगदान की सराहना की और यूएई सरकार के सहयोग का उल्लेख किया।
अंत में, जयशंकर की इस यात्रा ने भारत और यूएई के बीच के संबंधों को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय समुदाय की भलाई के लिए भी एक सकारात्मक कदम है।
