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ओडिशा में शराब माफियाओं का आतंक, छत्तीसगढ़ के नागरिक पर जानलेवा हमला-छत्तीसगढ़ पुलिस मौन

महासमुंद/कोमाखान। छत्तीसगढ़ में जहां अवैध शराब पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है, वहीं सीमावर्ती ओडिशा में अवैध शराब कारोबार बेलगाम होता जा रहा है। इसका असर अब छत्तीसगढ़ के सीमा क्षेत्रों में भी साफ दिखने लगा है। यहां स्थानीय पुलिस भी मौन बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इन शराब गुर्गों को हर महीने “प्रोत्साहन राशि” के नाम पर संरक्षण दिया जाता है।


🚨 छत्तीसगढ़ के नागरिक पर हमला

जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर की दोपहर ईश्वर पटेल नर्रा (35 वर्ष), पिता सुखीराम पटेल अपने साथी हंसराज पटेल के साथ खरियाररोड अपने ट्रैक्टर के लिए डीजल लेने गए थे।
रास्ते में छत्तीसगढ़–ओडिशा सीमा के नर्रा गांव में अवैध शराब कारोबार में संलिप्त ओंकार ठाकुर के गुर्गों ने रास्ता  रोककर खरियारोड के पास लोहे की रॉड से उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

हमले में ईश्वर पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें खून से लथपथ हालत में ओडिशा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक FIR दर्ज नहीं हो पाई है। 


⚠️ ग्रामीणों ने बताया – पुलिस संरक्षण में फल-फूल रहा कारोबार

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ओंकार ठाकुर नर्रा गांव में लंबे समय से अवैध शराब का विक्रय कर रहा है। जब ग्रामीणों और पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो बदले की भावना से यह हमला करवाया गया।
ग्रामीणों के मुताबिक, इससे पहले भी छत्तीसगढ़ पुलिस और ग्रामीणों के बीच शराब विक्रय को लेकर कई बार झूमाझटकी हो चुकी है, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।


🚧 सीमा पार शराब तस्करी पर नहीं लगाम

सिर्फ नर्रा ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के कई सीमा गांवों में अवैध शराब कारोबार तेजी से फैल रहा है। इन क्षेत्रों से शराब की खेप चोरी-छिपे छत्तीसगढ़ तक पहुंचाई जा रही है।


💥 ओडिशा–छत्तीसगढ़ सीमा बना नशे का अड्डा

कुछ दिन पहले नर्रा गांव के ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ सीमा पर अवैध शराब बेचते हुए एक व्यक्ति को पकड़ लिया था।
लेकिन बताया जा रहा है कि ओंकार ठाकुर की गुंडागर्दी के चलते उसने अपने साथी को छुड़ा लिया।
ग्रामीणों ने इस घटना की शिकायत कोमाखान पुलिस और जनप्रतिनिधियों से की, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
ग्रामीणों के अनुसार, नर्रा गांव को ओडिशा के तस्करों ने नशे का अड्डा बना दिया है, जहां ओडिशा के गुर्गे गांजा और शराब आसानी से उपलब्ध करा रहे हैं।


📢 ग्रामीणों की सरकार से मांग

ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सीमा क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब और नशे के कारोबार पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


🗓️ तिथि: 31 अक्टूबर 2025
📍 स्थान: खरियाररोड (ओडिशा) / महासमुंद सीमा
रिपोर्ट: वेबमोर्चा 

📞 WebMorcha | दिलीप शर्मा
📲 9617341438, 7879592500

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