महासमुंद, 15 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ में अवैध धान परिवहन और खरीदी में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। एक ओर बागबाहरा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव को निलंबित किया गया है, वहीं दूसरी ओर सहकारी समितियों में गंभीर अनियमितताओं पर समिति प्रबंधक को निलंबित करने और एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने बागबाहरा कृषि उपज मंडी समिति के सचिव श्री कुशल राम ध्रुव को गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्य में उदासीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कलेक्टर खाद्य शाखा के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।
जारी आदेश के अनुसार विपणन वर्ष 2025-26 में 28 दिसंबर 2025 को ग्राम टेमरी निवासी कृषक श्री राधेश्याम साहू के घर के पास ओडिशा राज्य से अवैध रूप से धान ट्रक से लाकर खाली किया जा रहा था। इस दौरान तीन ट्रैक्टर में धान पलटा गया, लेकिन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बागबाहरा के निर्देशों के बावजूद मंडी प्रशासन द्वारा आवश्यक पंचनामा, जप्ती एवं वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई और न ही धान मंडी के सुपूर्द किया गया।
निलंबन अवधि में श्री ध्रुव का मुख्यालय छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन मंडी बोर्ड, संभागीय कार्यालय रायपुर रहेगा। इस दौरान वे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के पात्र होंगे। वहीं, उनके स्थान पर मंडी निरीक्षक श्री दिनेश कुमार साहू को आगामी आदेश तक बागबाहरा मंडी समिति के सचिव का प्रभार सौंपा गया है।
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इधर, कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने धान खरीदी के अंतिम दिनों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए प्राथमिक कृषि एवं साख सहकारी समिति घोंच एवं बढ़ईपाली (विकासखंड पिथौरा) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समिति में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में पुराने रबी फसल के धान को खपाने, गुणवत्ता विहीन धान की खरीदी तथा तौलाई में गड़बड़ी किए जाने के तथ्य सामने आए।
कलेक्टर श्री लंगेह ने इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए समिति प्रबंधक को तत्काल निलंबित करने तथा संबंधित प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम पिथौरा श्री बजरंग वर्मा, खाद्य अधिकारी श्री अजय यादव एवं जिला विपणन अधिकारी श्री आशुतोष कोसरिया उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को धान खरीदी केंद्रों में सतत निगरानी रखने, शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और अंतिम दिनों में अवैध धान विक्रय पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।
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उन्होंने यह भी कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता दी जाए, जिन किसानों का टोकन कट चुका है लेकिन धान नहीं बिका है, उनका भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन किसानों का धान बिक चुका है और रकबा शेष है, उन्हें रकबा समर्पण के लिए प्रेरित किया जाए।
प्रशासन की इन सख्त कार्रवाइयों से साफ है कि अवैध धान परिवहन और खरीदी में गड़बड़ी करने वालों पर आने वाले दिनों में और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।







