महासमुंद जल जीवन मिशन घोटाला? छुरी-डबरी में 55 लाख की टंकी, लेकिन एक बूंद पानी नहीं : कागजों में 100% ‘हर घर जल’, जमीन पर एक बूंद नहीं

छुरी-डबरी गांव में जल जीवन मिशन टंकी के गेट पर लिखा नल चालू समय – सुबह 7 से 9 और शाम 4 से 6 बजे तक

रिपोर्ट: दिलीप शर्मा, ग्राउंड जीरो से महासमुंद जिले में जल जीवन मिशन को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। बागबाहरा ब्लॉक अंतर्गत घोटियापानी पंचायत के आदिवासी बहुल गांव छुरी-डबरी में स्थिति ऐसी है कि ग्रामीण इसे “महासमुंद जल जीवन मिशन घोटाला” बता रहे हैं।

गांव घने जंगलों के बीच स्थित है और यहां गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में केवल एक हैंडपंप है, जिसमें भी पानी की भारी समस्या है। गर्मी के दिनों में हालात और बिगड़ जाते हैं।

55.98 लाख की लागत से बनी टंकी

जल जीवन मिशन के तहत गांव में 55 लाख 98 हजार रुपये की लागत से पानी टंकी का निर्माण किया गया है। टंकी परिसर में बाउंड्री वॉल और मुख्य गेट भी बनाया गया है। बोर्ड पर ठेकेदार का नाम परिमल कश्यप दर्ज है।

टंकी के गेट पर बाकायदा लिखा गया है –
“नल चालू – प्रातः 7 बजे से 9 बजे तक, सायं 4 बजे से 6 बजे तक।”

लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आज तक एक बूंद पानी सप्लाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि अभी तक पानी के लिए बोर खुदाई भी नहीं की गई है। ऐसे में बिना जल स्रोत तैयार किए टंकी निर्माण कर दिया गया।

सरकारी पोर्टल में 100% हर घर जल

जल जीवन मिशन के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार:

  • कुल परिवार – 168

  • नल कनेक्शन – 168 (100%)

  • शेष परिवार – 0

  • JJM स्टेटस – 100% हर घर जल

  • कुल जल योजनाएं – 2

  • कुल जल स्रोत – 2

सरकारी रिकॉर्ड में गांव पूरी तरह संतृप्त दर्शाया गया है।

छुरी-डबरी गांव में जल जीवन मिशन टंकी के गेट पर लिखा नल चालू समय – सुबह 7 से 9 और शाम 4 से 6 बजे तक
जल जीवन मिशन के तहत बनी टंकी के गेट पर पानी सप्लाई का समय लिखा है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार गांव में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा।

जमीनी सच्चाई अलग

ग्रामीणों का कहना है कि घरों तक पाइपलाइन बिछी है, लेकिन पानी नहीं आता। गांव में एक हैंडपंप ही एकमात्र सहारा है। उनका कहना है कि पहले जल स्रोत की व्यवस्था होनी चाहिए थी, उसके बाद टंकी निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए जाने चाहिए थे।

आदिवासी बहुल गांव

छुरी-डबरी की कुल आबादी 784 है, जिसमें 753 लोग अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी पोर्टल में 100% हर घर जल दिखाया जा रहा है, तो गांव में पानी क्यों नहीं पहुंच रहा? ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा तत्काल जलापूर्ति शुरू करने की मांग की है।

नीचे देखें ग्रामीणों ने क्या कहा-

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