महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में धान खरीदी में हुए लाखों रुपये के घोटाले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने उपार्जन केंद्र बाघामुड़ा के फरार समिति प्रभारी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले कई महीनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था, जिसे अब न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन में करीब 40.96 लाख रुपये मूल्य का धान गायब पाया गया था।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला इसी साल जनवरी महीने में सामने आया था। 24 जनवरी 2026 को मुनगासेर शाखा के ब्रांच मैनेजर सेवकराम चंद्राकर (58 वर्ष) ने बागबाहरा थाने में धान खरीदी में बड़ी अनियमितता की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शिकायत के मुताबिक, उपार्जन केंद्र बाघामुड़ा के ऑनलाइन रिकॉर्ड में 1,25,878 कट्टा धान स्टॉक में उपलब्ध दिख रहा था। लेकिन जब अधिकारियों की टीम ने धान खरीदी केंद्र के फड़ पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, तो वहां स्टेक की कुल संख्या 74 थी, जिसमें केवल 1,22,574 कट्टे ही मौके पर मिले।
3,304 कट्टा धान मिला था गायब
ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान करने पर कुल 3,304 कट्टा धान (1321.6 क्विंटल) कम पाया गया। शासन द्वारा निर्धारित 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य के हिसाब से इस गायब धान की कुल कीमत 40,96,960 रुपये आंकी गई। इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता और गबन का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया था।
मामला दर्ज होते ही भागा आरोपी
धान घोटाले की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने तत्काल तत्कालीन समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव के खिलाफ बागबाहरा थाने में अपराध क्रमांक 12/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी समिति प्रभारी फरार हो गया था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
साइबर सेल और तकनीकी विश्लेषण से मिली सफलता
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही थीं। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी के मोबाइल का सीडीआर (Call Detail Record) एनालिसिस किया और उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखी।
तकनीकी विश्लेषण के जरिए जब पुलिस को आरोपी की सटीक लोकेशन मिली, तो पुलिस ने तत्काल जाल बिछाया। पुलिस की टीम ने ग्राम मोखा में तगड़ी घेराबंदी करते हुए आरोपी प्रेमसिंह ध्रुव को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण:
- नाम: प्रेमसिंह ध्रुव (पिता: धनीराम ध्रुव)
- उम्र: 42 वर्ष
- निवासी: ग्राम मोखा, थाना कोमाखान, जिला महासमुंद (छहग)।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और आज (17 जुलाई 2026) उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले में यह भी जांच कर रही है कि इस घोटाले में क्या कुछ अन्य लोग भी शामिल थे।


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