अहंकार, क्रोध व लोभ के रावण को धैर्य, समर्पण और कर्तव्यरूपी रामबाण से जलाएँ
ज़िंदगीनामा। डॉ. नीरज गजेंद्र विजयादशमी के अवसर पर हम सभी रावण मारने-जलाने की खुशियां मनाते हैं। बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देते हैं। हम इसे रावण के अंत का प्रतीक पर्व मानते हैं, लेकिन उन तथ्यों को नज़र अंदाज कर जाते हैं, जिसमें हमारे भीतर की बुराइयों के खिलाफ लड़ने का संदेश होता … Read more