रूस का क्यूबा को समर्थन जारी, पहली तेल शिपमेंट पहुंची

ब्रेकिंग न्यूज़: रूस ने क्यूबा को जारी रखा सहायता का वादा

रूस ने क्यूबा के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करते हुए घोषणा की है कि वह क्यूबा को आवश्यक सहायता प्रदान करता रहेगा। क्यूबा के लिए पहले तीन महीने में कच्चे तेल की पहली खेप रूस के झंडे वाले टैंकर द्वारा भेजी गई है।

ऊर्जा संकट में क्यूबा को सहायता

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता, मारिया ज़ाखरोवा ने कहा है कि "क्यूबा हमारे लिए कैरेबियन में सबसे करीबी मित्र और सहयोगी है, और हम इसे अकेला नहीं छोड़ सकते।" उनके अनुसार, क्यूबा में समर्थन जारी रहेगा। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका ने क्यूबा पर लागू ऊर्जा ब्लॉक को उठाने की मांग की है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हाल ही में एक रूसी टैंकर, अनातोली कोलोडकिन, को क्यूबा जाने की अनुमति दी, जो तीन हफ्ते की यात्रा के बाद मैटांज़ास की खाड़ी में पहुंचा। इस टैंकर में 730,000 बैरल तेल लादकर लाया गया है, जबकि क्यूबा ने जनवरी से ऊर्जा संकट का सामना किया है।

संकट का प्रभाव और क्यूबाई नागरिकों की प्रतिक्रिया

क्यूबा के सामने आए ऊर्जा संकट के कारण देश में अक्सर बिजली कटौती हो रही है, जिससे अस्पताल, सार्वजनिक परिवहन और कृषि उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। क्यूबाई नागरिक, विशेषकर ऊर्जा और खनिज मंत्री विंसेंट डी ला ओ लेवी, ने टैंकर के आगमन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम रूस सरकार और उसके लोगों के प्रति अपने आभार को व्यक्त करते हैं। यह अविश्वसनीय खेप हमारे सामने जटिल ऊर्जा स्थिति के बीच आई है।"

रूस और क्यूबा के बीच ऐतिहासिक संबंध हैं, और मॉस्को ने वाशिंगटन की आलोचना की है कि वे क्यूबा पर ईंधन आपूर्ति को रोक रहे हैं।

ट्रंप का बयान और भविष्य की संभावनाएँ

राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्हें क्यूबा में तेल भेजने में "कोई समस्या" नहीं है और उन्होंने इसे मानवीय कारणों से अनुमति दी है। ट्रंप ने क्यूबा की राजनीति को आड़े हाथ लेने के साथ कहा, "क्यूबा का खत्म हो गया है। उनका शासन खराब है और उनके नेता भ्रष्ट हैं।"

क्यूबा अपनी आवश्यक ऊर्जा का केवल 40 प्रतिशत ही उत्पादन कर सकता है, और उसे अपने ऊर्जा ग्रिड को बनाए रखने के लिए आयात पर निर्भर रहना पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह खेप लगभग 180,000 बैरल डीजल का उत्पादन कर सकती है, जो क्यूबा की दैनिक मांग को नौ से दस दिनों तक पूरा कर सकती है।

रूस का यह कदम क्यूबा सरकार के लिए एक प्रकार की सांस लेने का अवसर प्रदान करता है, जिसने बढ़ते अमेरिकी दबाव के बीच अपने ऊर्जा संसाधनों को बनाए रखने के लिए अनिवार्य रूप से यह सहायता प्राप्त की है।

राजनांदगांव: फर्जी मैरिज ब्यूरो के जाल में गिरफ्त, संचालक-डायरेक्टर चढ़े पुलिस के हत्थे!

ब्रेकिंग न्यूज: बसंतपुर थाना पुलिस ने फर्जी मैरिज ब्यूरो के संचालकों को गिरफ्तार किया

बसंतपुर, [तारीख] – बसंतपुर थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए फर्जी मैरिज ब्यूरो संचालित करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो विवाह को लेकर धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं।

आरोपियों के नाम और पहचान

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान राजेश और दीपक के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों पर शादी के नाम पर लोगों से पैसे वसूलने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फर्जी मैरिज ब्यूरो चला रहे थे। लोग इनसे शादी के लिए आवेदन करते थे और उनका एक बड़ा धनराशि इनसे वसूल किया जाता था, लेकिन किसी भी ग्राहक को सच्ची सेवाएं नहीं दी जाती थीं।

धोखाधड़ी का तरीका

पुलिस ने बताया कि ये आरोपी लोगों को आकर्षक शादी पैकेज के बारे में बताकर झूठे वादे करते थे। इनकी योजना में एक विशेष वेबसाइट बनाना भी शामिल था, जिसके माध्यम से वे ग्राहक को अपनी सेवा का वादा करते थे। इनका काम इतना चहुंमुखी था कि कई लोग इनकी बातों में आकर अपने भविष्य की खुशियों को इन लोगों के हाथों में सौंप देते थे।

कई लोग जिन्होंने इनसे संपर्क किया, उन्‍होंने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए योजना बनाई और अंततः सफलतापूर्वक उन्हें गिरफ्तार किया।

पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई

बसंतपुर थाना के उप निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि जांच जारी है और और भी लोगों को फर्जी मैरिज ब्यूरो के बारे में सतर्क रहने की सलाह दी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी सेवाओं का लाभ उठाने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।

निष्कर्ष

बसंतपुर थाना पुलिस की यह कार्रवाई समाज में विवाह संबंधी धोखाधड़ी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोग किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए सावधानी बरतें और ऐसे मामलों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। विवाह का मामला न केवल व्यक्तिगत होता है, बल्कि यह परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचना आवश्यक है।

IPL 2026: वेटोरी ने कहा – कप्तानी से सुधारेंगे ईशान की बैटिंग और विकेटकीपिंग!

ब्रेकिंग न्यूज़: आईपीएल 2026 में कश्मीर के खिलाड़ी ईशान किशन को सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी सौंपी गई है। कुमिंस के दूसरे हाफ में खेलने तक किशन टीम का नेतृत्व करेंगे।

ईशान किशन, जो अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं, SRH में एक मजबूत कोर टीम के साथ मैदान में उतरेंगे। कुमिंस की वापसी तक किशन के पास टीम को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी होगी। विश्लेषकों का मानना है कि किशन की कप्तानी से SRH की चुनौती बढ़ेगी, जिससे उन्हें टॉप चार में स्थान बनाने का मौका मिल सकता है।

किशन अब अपने अनुभव और खेलने के कौशल से टीम को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाने का प्रयास करेंगे।

इस निर्णय से साफ है कि SRH अपनी टीम को सर्वोच्च स्तर पर पहुंचाने के लिए तैयार है।

ऑस्ट्रेलियाई रयान विलियम्स ने भारत में किया जादुई डेब्यू!

ब्रेकिंग न्यूज़: भारत के लिए नया सितारा, रायन विलियम्स ने किया शानदार डेब्यू!

कोच्चि में एशियाई कप क्वालिफायर में हांगकांग के खिलाफ दो-एक से जीत के साथ रायन विलियम्स ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। यह पल उनके लिए सपने के सच होने जैसा था, जब उन्होंने मैच के चौथे मिनट में गोल करके टीम को बढ़त दिलाई।

भारत के लिए नया अध्याय

32 वर्षीय विलियम्स ने अपने गोल को याद करते हुए कहा, "मैंने इसे लंबे समय तक सोचा है और इसे हासिल करने के लिए कई प्रयास किए हैं।" उन्होंने कहा, "केरल में, फुटबॉल का गृहनगर, पांच मिनट के भीतर गोल करना और जीतना, यह सब कुछ धुंधला सा लग रहा था।" उनके इस प्रदर्शन ने न केवल उन्हें आत्मविश्वास दिया, बल्कि उनके प्रशंसकों का भी दिल जीत लिया।

विलियम्स ने पहले ऑस्ट्रेलिया के लिए युवा स्तर पर खेला है, और पिछले साल अपना पासपोर्ट मिलने के बाद वह भारत के लिए खेलने के योग्य बन गए।

कोच्चि में गोलों की बारिश

भारत की शुरुआत बेहतरीन रही, जब विलियम्स ने जल्दी गोल करके घरेलू दर्शकों को उत्साहित किया। कोच्चि का माहौल, जिसे लंबे समय से देश के फुटबॉल का गढ़ माना जाता है, ने इस मौके को और खास बना दिया।

गोल के बाद विलियम्स ने अपनी भावनाओं पर नियंत्रण पाने में कठिनाई जताई। उन्होंने कहा, "इस पल का जश्न मनाने के दौरान मेरे अंदर की भावना ने मुझ पर नियंत्रण कर लिया।"

इसके अलावा, आकाश मिश्रा ने 50वें मिनट में भारत का दूसरा गोल किया, जो उनका भी पहला अंतरराष्ट्रीय गोल था।

भारत की एकमात्र जीत का पल

हालांकि, यह जीत भारत के लिए संतोष का पल थी, लेकिन टीम का सफर निराशाजनक रहा। कोच खालिद जामिल की अगुवाई में भारत ने ग्रुप सी में छह मैचों में केवल पांच अंक प्राप्त किए, जिससे वे अंतिम स्थान पर रहे।

हांगकांग के खिलाफ जीत इस क्वालिफिकेशन राउंड में उनकी एकमात्र जीत थी, जो अप्रत्याशित परिणामों के साथ मिले थोड़े से संतोष का प्रतीक थी। विलियम्स ने कहा, "अगर आप गोल करते हैं लेकिन जीत नहींते, तो इसका कोई मतलब नहीं।"

इस जीत के बाद, भारत को उत्साह का एक क्षण मिला। वास्तव में, विलियम्स के लिए यह उनके लंबे समय से चाही गई टीम की जर्सी में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की शुरुआत थी।

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प्रकाशित: अमर पनिकर
तारीख: 1 अप्रैल, 2026 20:37 IST

कोंडागांव: बिजली आई, पर पानी के लिए ग्रामीण आज भी रेत खोदने को मजबूर!

ब्रेकिंग न्यूज़: स्पेस टेक्नोलॉजी के विकास के बीच पानी की कमी से जूझ रहे ग्रामीण

भारत ने अपनी स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कई उपलिब्धियाँ की हैं और विश्व गुरु बनने का सपना देख रहा है। लेकिन इसी देश में कई गाँव अभी भी बुनियादी आवश्यकता, जैसे पानी के संकट से जूझ रहे हैं। तमाम प्रगति के बावजूद, ग्रामीण क्षेत्रों की असली समस्या अब भी जीवित है।

पानी की गंभीर समस्या

तमाम विकास और टेक्नोलॉजी में प्रगति के बावजूद, देश के कई हिस्सों में पानी की किल्लत समस्या बनी हुई है। खासकर गाँवों में, जहाँ लोग अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए पानी की खोज में संघर्ष कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, हरियाणा का गाँव तुमड़ीवाल, जहाँ के स्थानीय निवासी पानी की कमी से बेहद परेशान हैं। यहाँ के लोग जानवरों को पानी पिलाने और रोज़मर्रा के उपयोग के लिए पानी की तलाश में दिन-रात कठिनाई का सामना कर रहे हैं।

वर्तमान स्थिति और भविष्य की चुनौतियाँ

इस समस्या का समाधान निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है। गाँवों में जल संचय की योजनाएँ, बारिश के पानी का संरक्षण और जल शुद्धिकरण जैसे उपायों पर ध्यान देना आवश्यक है। इसके अलावा, ग्राम पंचायतों को भी इस दिशा में सक्रिय रूप से काम करने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों को एक स्थायी और सुरक्षित जल आपूर्ति मिल सके।

विकास की दिशा में कदम

जबकि भारत में स्पेस टेक्नोलॉजी में तेजी से विकास हो रहा है, स्थानीय स्तर पर बुनियादी आवश्यकताओं की तरजीह देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। केवल तकनीकी उन्नति ही नहीं, बल्कि गाँवों में रहने वाले लोगों के लिए पानी, बिजली और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सेवाएँ भी चाहिए। सरकार को इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस योजनाएँ बनानी होंगी ताकि विकास का लाभ सभी को समान रूप से मिल सके।

निष्कर्ष

अंत में, यह आवश्यक है कि हम देश के विकास के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी आवश्यकताओं पर ध्यान दें। स्पेस टेक्नोलॉजी के अद्वितीय प्रगति के साथ-साथ, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गाँव और उनकी समस्याएँ भी हमारी प्राथमिकताओं में शामिल हों। केवल तभी हम एक सच्चे और समृद्ध भारत की ओर बढ़ सकेंगे।

पॉल फरब्रेक्स ने सीजन के अंत में ससेक्स छोड़ी!

ब्रेकिंग न्यूज़:
हेओव क्रिकेट क्लब के मुख्य कोच ने अभियान की शुरुआत से पहले अपने जाने का संकेत दिया है। क्लब के भीतर चल रही संकट की स्थिति अब और गंभीर हो गई है।

हेओव क्रिकेट क्लब, जो आगामी सत्र के लिए पूरी तैयारी कर रहा था, अब अपने मुख्य कोच की संभावित विदाई के कारण चिंतित है। कोच ने हाल के प्रदर्शन और टीम की स्थिति को लेकर गंभीरता व्यक्त की है।

यह संकट टीम के खिलाड़ियों के मनोबल पर भी असर डाल सकता है। यदि कोच वास्तव में क्लब छोड़ते हैं, तो यह निर्णय टीम की आगामी प्रतियोगिताओं पर भारी प्रभाव डाल सकता है।

अभियान की शुरुआत से पहले यह स्थिति क्लब के प्रबंधन के लिए सिरदर्द बन गई है, और प्रशंसकों के बीच भी चिंताएं बढ़ रही हैं।

आगे की समस्याओं से निपटने के लिए क्लब को जल्दी से कदम उठाने की आवश्यकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि हेओव क्रिकेट क्लब इस कठिनाई का सामना कैसे करेगा।

पीएम ने आत्म-गणना पूरी की, भारतीयों से Census में भाग लेने की अपील।

तात्कालिक समाचार: जनगणना 2027 की शुरुआत, पीएम मोदी ने किया आत्म-गणना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज खुद अपनी आत्म-गणना पूरी की, जो जनगणना 2027 की पहली चरण की शुरुआत का संकेत है। इस प्रक्रिया में, लोगों को अपने घरों की जानकारी खुद से प्रदान करने का अवसर मिला है।

जनगणना प्रक्रिया की नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आत्म-गणना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की। उन्होंने बताया कि यह जनगणना पूरी तरह से डिजिटल साधनों के जरिए की जा रही है। यह पहली बार है जब देश की जनगणना के लिए डेटा संग्रहण का यह नया तरीका अपनाया गया है।

पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में कहा, "आज जनगणना 2027 की पहली चरण की शुरुआत हो चुकी है। मैं सभी भारतीय नागरिकों से अपील करता हूँ कि वे स्वयं अपनी घर की जानकारी भरें और इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सक्रिय भाग लें।"

आत्म-गणना का महत्व

जनगणना का उद्देश्य है देश के नागरिकों की संख्याबल, आवास एवं अन्य आवश्यक जानकारी का सटीक डेटा एकत्रित करना। यह जानकारी न केवल सरकारी नीतियों को बनाने में सहायक होगी, बल्कि विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के लिए भी आधार प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस प्रक्रिया से हर नागरिक को अपने अधिकारों का अहसास होगा, और वह खुद के परिवार का डेटा सही तरीके से प्रस्तुत कर सकेंगे। इससे सरकारी योजनाएं और भी अधिक प्रभावी बन सकेंगी।

डिजिटल तकनीक का प्रयोग

इस बार की जनगणना में डिजिटल तकनीक का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। इससे डेटा संग्रहण का काम तेज और सटीक हो सकेगा। मोदी जी ने यह भी बताया कि डिजिटल प्रक्रिया से डेटा को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और गलत आंकड़ों की संभावना भी कम होगी।

देश की जनसंख्या के विस्तार को ध्यान में रखते हुए, यह प्रक्रिया सभी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अनगिनत भारतीय नागरिकों से यह अपील की जा रही है कि वे समय पर अपनी जानकारी भरे ताकि सही और सटीक डेटा एकत्रित किया जा सके।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद, अब यह प्रत्येक भारतीय नागरिक का उत्तरदायित्त्व है कि वे अपने-अपने घरों की जानकारी को सही तरीके से प्रस्तुत करें। जनगणना 2027 का यह पहला चरण सभी नागरिकों के सक्रिय सहयोग से ही सफल होगा। सभी को इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए, जिससे हम एक मजबूत और सटीक जनसंख्या आंकड़े की ओर बढ़ सकें।

राजनांदगांव में किरायेदारों को मिली खुशखबरी: पीएम आवास योजना के तहत आवासों का हुआ आवंटन!

ब्रेकिंग न्यूज़: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लॉटरी से आवासों का आवंटन

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आज एक महत्वपूर्ण लॉटरी का आयोजन किया गया, जिसमें वर्षों से किराए में निवासरत लोगों को आवास उपलब्ध कराए गए। यह योजना उन भूभागों के विकास को प्राथमिकता देती है, जहाँ पर आवास संकट है, और यह गरीब व मध्यम वर्ग के लिए एक सुनहरा अवसर पेश करती है।

योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री आवास योजना मुख्यतः निम्न और मध्य वर्ग के परिवारों को रियायती दरों पर घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस योजना का मकसद उन लोगों को रहने की जगह प्रदान करना है जो लंबे समय से किराए के मकानों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस लॉटरी कार्यक्रम के माध्यम से, सरकार ने ऐसे परिवारों को प्राथमिकता दी है जो अपने खुद के घर के सपने को साकार करना चाहते हैं।

आवास आवंटन प्रक्रिया

लॉटरी के आयोजन में संबंधित विभाग ने बड़ी संख्या में आवेदनों को प्राप्त किया, जिनमें से योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया। चयनित व्यक्तियों को उनकी आर्थिक स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य मानदंडों के आधार परhousing units आबंटित किए गए हैं। इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सीधा ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम अपनाया गया है, जिससे सभी को उचित और समान अवसर मिले हैं।

अंत में

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस लॉटरी का आयोजन देश के उन लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो खुद का घर खरीदने का सपना देखते हैं। यह न केवल आवास संकट को हल करने में मदद करेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी विकास को भी प्रोत्साहन देगा। सरकार की इस पहल से निश्चित रूप से बहुत से परिवारों को ठोस आवास मिलेगा, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इस प्रकार की योजनाएं समाज में स्थिरता और विकास सुनिश्चित करती हैं।

ईसीबी Sussex की वित्तीय मुश्किलों के बीच नए लाभ नियमों पर विचार कर रहा है

ब्रेकिंग न्यूज़:
ईसीबी के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गॉल्ड ने प्रीमियर लीग के नियमों को अपनाने पर विचार करने का संकेत दिया है। यह कदम क्रिकेट में पारदर्शिता और विकास को बढ़ावा देने के लिए उठाया जा सकता है।

रिचर्ड गॉल्ड ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा कि वे प्रीमियर लीग के सफल मॉडल को क्रिकेट में लागू करने के संबंध में विभिन्न पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस तरह के नियमों से खेल की गुणवत्ता और खिलाड़ियों की सुरक्षा में सुधार होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि ईसीबी का लक्ष्य क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और आकर्षक बनाना है। गॉल्ड के अनुसार, प्रीमियर लीग का दृष्टिकोण अन्य खेलों के लिए एक प्रेरणा स्रोत हो सकता है।

इस प्रयास से ईसीबी उम्मीद कर रहा है कि न केवल दर्शकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी नई दिशा मिलेगी। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक सुखद समाचार है कि खेल के प्रशासन में सुधार के लिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।

निष्कर्ष:
ईसीबी के प्रमुख द्वारा प्रीमियर लीग के नियमों को अपनाने के विचार ने क्रिकेट की दुनिया में नई उम्मीदें जगाई हैं, जिससे खेल के विकास को नई दिशा मिल सकेगी।

भारतीय ओलंपिक संघ ने ईक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया के लिए अड-हॉक पैनल बनाया

ब्रेकिंग न्यूज़: भारतीय ओलंपिक संघ ने ईक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया के संचालन के लिए बनाई समिति
दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर ईक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (EFI) के प्रबंधन के लिए एक चार सदस्यीय तात्कालिक समिति का गठन किया गया है। यह समिति लोकतांत्रिक शासन की बहाली के उद्देश्य से कार्य करेगी।

नई तात्कालिक समिति का गठन

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने एक तात्कालिक समिति का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता यशोधरा राजे सिंधिया करेंगी। समिति में अन्य सदस्य हैं: फ़्रैंसिस्को लिमा, जो अंतरराष्ट्रीय ईक्वेस्ट्रियन महासंघ (FEI) में निदेशक (शासन) हैं, वकील विदुष्पत सिंहानिया और कर्नल अशोक यादव। इस समिति का गठन 27 मार्च को जारी किए गए IOA के आदेश के अनुसार किया गया है।

निर्णय का पृष्ठभूमि

यह निर्णय दिल्ली उच्च न्यायालय के 18 फरवरी के निर्णय के आलोक में लिया गया है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि EFI की कार्यकारी समिति का कार्यकाल सितंबर 2023 में समाप्त हो गया था और उसके पास आगे चलने का कोई चुनावी अधिकार नहीं है। जिसके चलते EFI में चुनाव होने की प्रक्रिया लंबित है, और न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। इससे पहले, कोर्ट ने पूर्व कार्यकारी समिति को अस्थायी व्यवस्था के तहत बहाल किया था ताकि खिलाड़ियों की भागीदारी में निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।

समिति के कार्य और जिम्मेदारियाँ

IOA के आदेश के अनुसार, यह तात्कालिक समिति EFI के प्रशासन, वित्तीय और नियामक नियंत्रण को संभालेगी। इसके अंतर्गत EFI के खातों का संचालन, प्रतियोगिताओं का आयोजन और चयन प्रक्रियाओं की निगरानी करना शामिल होगा। समिति को EFI के संविधान को राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 और 2026 के नियमों के अनुसार पुनर्गठन करने की जिम्मेदारी दी गई है।

यह समिति अपने नए संविधान और नियमों को दो महीने के भीतर अंतिम रूप देगी और अगले 30 दिनों में चुनावों की अधिसूचना भी जारी करेगी। IOA ने यह स्पष्ट किया है कि यह तात्कालिक समिति तब तक कार्यशील रहेगी जब तक कि एक नई निर्वाचित कार्यकारी समिति अपने कार्यभार ग्रहण नहीं कर लेती, उसके बाद इसे भंग कर दिया जाएगा।

हाल ही में EFI की कार्यकारी समिति के कुछ निर्णयों की भी आलोचना की गई है, जिसमें एक बलात्कार मामले में आरोपी टर्सेम सिंह वरैच को भारतीय टेंट पेगिंग टीम का मुख्य प्रशिक्षक बनाने का निर्णय शामिल है।

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