छत्तीसगढ़ में ठिठुरन के लिए हो जाएं तैयार…

रायपुर। चक्रवात फेंगल तूफान का असर खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ में मौसम खुलने लगी है। इससे अब रात में ठंड बढ़ेगी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन-चार दिनों तक रात के तापमान में लगातार गिरावट का दौर रहेगा। इससे प्रदेश के कई इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। वहीं, बस्तर में अगले तीन दिन हल्के बादल रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। तूफान और उसका असर खत्म होने के बाद समुद्र में बने सिस्टम से प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में पिछले दो-तीन दिनों से बारिश और बादल रहे, जिससे दिन और रात का पारा सामान्य से ज्यादा बना हुआ है।

यहां पढ़ें: Masoor Ki Daal: आखिर क्यों सनातन धर्म में मसूर की दाल को मानते हैं ‘non-veg’, ब्राह्मण अपने भोजन में नहीं करते शामिल

आज बुधवार को कुछ जिले में बादल छाए रहने की संभावना है। दिन का तापमान 30 डिग्री के आसपास ही रहेगा। लेकिन रात के तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। मंगलवार को दिन का तापमान 30 डिग्री पहुंच गया, जो नॉर्मल से 1.5 डिग्री अधिक था। सरगुजा संभाग सबसे ठंडा है यहां न्यूनतम तापमान 10 से 15 डिग्री के बीच बना हुआ है। मंगलवार को बलरामपुर में रात का तापमान 10.9 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं सरगुजा में रात का तापमान 15.6 डिग्री रहा। सूरजपुर में 13.9 डिग्री, कोरिया में 13.9 डिग्री टेंपरेचर रहा।

Masoor Ki Daal: आखिर क्यों सनातन धर्म में मसूर की दाल को मानते हैं ‘non-veg’, ब्राह्मण अपने भोजन में नहीं करते शामिल

Masoor Ki Daal: साधारण तौर पर शाकाहारी भोजन का अर्थ क्या होता है? दाल, चावल, सब्जी और चपाती ना. किंतू यदि किसी दाल पर ही सवाल उठ जाए तो शाकाहारी भोजन करने वाले लोग क्या करें. लेकिन यह हकीकत है कि एक दाल ऐसी है जिसे non-veg’ के समान माना जाता है. सनातन धर्म में लाल मसूर की दाल को तामसिक भोजन के रूप में वर्गीकृत किया गया है. हिंदू धर्म में तामसिक चीजें खाने की मनाही है जैसे लहसुन और प्याज आदि. क्योंकि उन्हें मांसाहार के समान माना गया है. इसीलिए साधु-संत और ब्राह्मण इन चीजों को नहीं खाते.

Masoor Ki Daal: लाल मसूर की दाल को शाकाहार वाले नहीं खाते हैं ये बात सुनने में थोड़ी अटपटी लगती है. लेकिन यह बात सही है कि जो साधु-संत वैष्णव पद्धति का पालन करते हैं वे भूलकर भी कभी लाल मसूर की दाल नहीं खाते. लाल मसूर दाल के बारे में माना जाता है कि यह मांसाहारी भोजन, प्याज और लहसुन की तरह ही सुस्ती और नकारात्मक भावनाओं को बढ़ावा देती है. इसके साथ भी इसे शाकाहार ना मानने के पीछे कई मान्यताए हैं. क्या हैं वो मान्यताएं और इससे जुड़ी खास बातें आइए जानते हैं…

कामधेनु-मसूर को लेकर किंवदंती

एक किंवदंती लाल मसूर दाल को दिव्य गाय कामधेनु के रक्त से जोड़ती है. ऐसा कहा जाता है कि यह पौधा उस जगह पर उगता है जहां पर हमला होने के बाद कामधेनु गाय का खून गिरा था. हिंदू धर्म ग्रंथों में कामधेनु को एक दिव्य गाय के रूप में वर्णित किया गया है. यह गाय महासागर के मंथन से निकली थी. कामधेनु गाय किसी भी इच्छा को पूरा करने की क्षमता रखती है और उसे समृद्धि और संपन्नता से जोड़कर देखा जाता है. विभिन्न ग्रंथों में उसकी उत्पत्ति का वर्णन किया गया है.

ब्राह्णण क्यों मानते हैं तामसिक

Masoor Ki Daal: बताया गया है कि उसे देवताओं ने जमदग्नि और वशिष्ठ जैसे ऋषियों को उपहार के रूप में दिया था. उन्होंने कामधेनु गाय का उपयोग अनुष्ठान करने और अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया था. किंवदंती के अनुसार, शक्तिशाली राजा सहस्त्रबाहु ने ऋषि जमदग्नि के आश्रम से कामधेनु को चुराने का प्रयास किया. इसके बाद हुए संघर्ष में, राजा सहस्त्रबाहु अर्जुन ने कामधेनु पर बाणों से हमला किया. ऐसा कहा जाता है कि जहां भी कामधेनु गाय का खून जमीन पर गिरा, वहां लाल मसूर दाल का पौधा उग आया. इसीलिए मसूर दाल को सीधे दिव्य गाय के कष्ट और बलिदान से जोड़कर देखा जाता है. इसी वजह से ब्राह्णण इसे तामसिक भोजन मानते हैं.

मान्यता है कि राहु के रक्त से पैदा हुई मसूर

Masoor Ki Daal: ऐसी भी मान्यता है कि जब भगवान विष्णु ने स्वरभानु नाम के दैत्य का मस्तक काटा तो वह मरा नहीं बल्कि उसका शरीर दो हिस्सों में बंट गया. उसका सिर राहु कहलाया और धड़ केतु. ऐसा माना जाता है कि मस्तक कटने से जो रक्त गिरा उसी से लाल मसूर की दाल उत्पन्न हुई. यही कारण है साधु-संत और वैष्णव पद्धति को मानने वाले लाल मसूर की दाल को मांसाहार के रूप में देखते हैं और भूलकर भी इसे नहीं खाते.

हाई प्रोटीन के कारण भी नहीं खाते

Masoor Ki Daal: लाल मसूर दाल को हाई प्रोटीन सामग्री वाला माना जाता है. जिसके कारण आहार संबंधी प्रभाव के मामले में इसकी तुलना मांस से की जाती है. हाई प्रोटीन की वजह से लाल मसूर की दाल काम शक्ति को प्रोत्साहित करती है साथ ही क्रोध को भी बढ़ाती है. लाल मसूर की दाल खाने से मन में उग्रता का भाव आता है. लाल मसूर दाल के बारे में माना जाता है कि यह सुस्ती को बढ़ावा देती है. ये सभी चीजें साधु-संतों और ब्राह्मण के लिए ठीक नहीं होती इसलिए प्राचीन समय से ही हमारे विद्वानों ने लाल मसूर की दाल खाने पर पाबंदी लगाई हुई है.

तंत्र-मंत्र और काली पूजा में होता है उपयोग

Masoor Ki Daal: लाल मसूर की दाल और इससे बने व्यंजनों को तामसिक माना जाता है. साथ ही साथ इसका उपयोग तंत्र-मंत्र के उपायों में भी किया जाता है. इसके पीछे भी यही कारण है कि जहां मूल रूप से मांसाहार का उपयोग नहीं किया जा सकता वहीं इस दाल और इससे बने व्यंजनों का उपयोग मांसाहार के रूप में किया जाता है. हिंदू पौराणिक कथाओं और सांस्कृतिक प्रथाओं में निहित कई कारणों से देवी काली को लाल मसूर दाल चढ़ाई जाती है. इसे विशेष रूप से काली पूजा जैसे अनुष्ठानों के दौरान देवी को चढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

ऐसी ही मान्यताओं के अनुसार लाल मसूर दाल हिंदू संस्कृति में दोहरी स्थिति रखती है. इसे तामसिक भोजन के रूप में वर्गीकृत किए जाने के कारण ज्यादातर साधक या तपस्वी इसे खाने से बचते हैं.

Life Innovation: बेहतरीन जिंदगी जीने के 07 आसान टिप्स

Life Innovation:  जिंदगी में हर कोई खुश रहना चाहता है। जीवन में कोई समस्या ना आए। लेकिन कई बार जिंदगी में ऐसे समय आ जाते हैं जब हमें कठिन स्थितियों का सामना करना पड़ता जाता है। हर किसी को उस समय के लिए भी तैयार रहना चाहिए। जिंदगी को बिना किसी तनाव के और बेहतरीन जीने के लिए हर किसी के पास अपने नुस्खे होते हैं। आइए जानते हैं आपके जीवन को आसान बनाने में मदद करेंगी।

खुद के परेशानियों पर गौर करें Life Innovation

जब भी जिंदगी में कभी समस्या आए तो एक बार उनपर गौर करें। सोचें कि क्या ये आपको धीरे-धीरे कहीं खत्म तो नहीं कर रही हैं? अगर हां तो इससे बचने के उपाय करें। आपकी समस्या आपको नहीं मार सकती। हम सभी अपनी जिंदगी में ड्रामा क्वीन या किंग होते ही हैं। जिस वजह से हम छोटी-छोटी परेशानियों को बड़ा बना देते हैं।

कार्यक्रम में भाग लें Life Innovation

किसी कार्यक्रम  पर जाने के लिए आपको बहुत सारी तैयारियां करनी पड़ती हैं। लेकिन यहां जाने के बाद आपको नए लोगों से मिलने का अवसर  मिलता है। यदि आपको नए मित्र बनाने का शौक है तो खूब इवेंट में जाएं। आपके आस-पास मौजूद व्यक्ति का कोई उपयोग तो होगा।

ममद को अपनाएं

जिंदगी में ये एक स्वार्थी दुनिया है। यहां लोग आपसे तभी बात करेंगे जब उन्हें जरूरत होगी। जब आप उनकी मदद करते हैं कुछ को याद रहता है तो कुछ भूल जाते हैं। जिन्हें आपकी मदद याद होती है वो आपकी परेशानी में आपका साथ जरूर देंगी।

गुस्से में शांत रहें

गुस्से में शांत रहने से कई परेशनियों का हल ऐसे ही निकल जाएगा। जब भी गुस्सा आए शांत रहें। इससे परेशानी बढ़ने से रुक जाएगी।

किताबें पढ़ें और फिल्म देखें

फिल्म देखें और खूब किताबें पढ़ें। इससे आपके दिमाग में सकारात्मकता आएगी। छोड़े नहीं

चाहे कोई बेकार नौकरी हो या रिश्ता एकदम से उसे छोड़े नहीं। अपनी तरफ से हर संभव कोशिश करें और देखिएगा आपका समय जरूर आएगा।

डेडलाइन को फॉलो करें

अपने काम को टाइम पर खत्म करने का यह सबसे अच्छा तरीका है। डेडलाइन को फॉलो करने की वजह से आपका काम कभी लेट नहीं होगा। इसके अलावा इससे आपको ऑफिस में खासी इज्जत मिलेगी।

 

Ank Jyotish बुधवार 04 दिसबंर: जानें आज का शुभ रंग और कलर

ज्योतिष डेस्क, वेबमोर्चा डॉट कॉम: Ank Jyotish बुधवार 04 दिसबंर: अंकों के माध्यम से मनुष्य के विषय एवं उसके भविष्य को जानने का प्रयास किया जाता है। उदाहरण के लिए समझिए यदि किसी व्यक्ति का जन्म 23 अप्रैल को हुआ है तो उसकी जन्म तारीख के अंकों का योग 2+3=5 आता है। अर्थात 5 उस व्यक्ति का मूलांक कहा जाएगा। अगर किसी की जन्मतिथि दो अंकों यानी 11 है तो उसका मूलांक 1+1= 2 होगा। मिलेगी मदद! जानें आज अपना भविष्यफल…

Aaj Ka Ank Jyotish आज अंक ज्योतिष Ank shaastr
Ank Jyotish अंक शास्त्र

अंक 1

अपने कार्यों का मूल्यांकन करना न भूलें। Ank Jyotish आपके नेतृत्व में काम करने वाली टीम प्रसिद्धि, अच्छे परिणाम व पुरस्कार की हकदार बनेगी और इसका पूरा श्रेय आपको जाता है। याद रखें महत्वाकांक्षी बनें, लेकिन लालच से बचें।

शुभ अंक- 4

शुभ रंग- केसरिया

अंक 2

अपने पेशे से संबंधित मामले  पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। Ank Jyotish आज आप कुछ बड़े निर्णय लेंगे हालाँकि कुछ समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। अपनी नीतियों में सुधार करें और तकनीकों व योजनाओं के बारे में सावधान रहें

शुभ अंक- 2

शुभ रंग- सफेद

अंक 3

आज लक की जगह परिश्रम पर ध्यान दें। Ank Jyotish व्यापार या करियर में उन्नति के लिए आपका कोई शुभचिंतक आपकी मदद कर सकता है। याद रखें कुछ भी स्थायी नहीं होता, इसी तरह अचानक आई घरेलू मुसीबतों से भी आपको जल्द ही छुटकारा मिल जायेगा।

शुभ अंक- 7

शुभ रंग- गुलाबी

अंक 4

आपके सहकर्मी, मित्र या अधिकारी आपको अन्य किसी भी चीज़ से अधिक खुश करेंगे। Ank Jyotish अगर आप सिंगल है तो अब समय है किसी खास से मिलने का क्योंकि अभी आपकी दिलचस्पी प्यार लेने और देने में अधिक है।

शुभ अंक- 3

शुभ रंग- पीला

अंक 5

आज अपना ध्यान नयी तकनीक या कौशल की तरफ केंद्रित करें और गलतियां करने से बचें। Ank Jyotish जीवन की किसी भी परिस्थिति से न घबराएं, आप अपनी मानसिक शक्तियों से कुछ भी पाने में सक्षम हैं।

शुभ अंक- 6

शुभ रंग- लाल

अंक 6

सफर में गड़बड़ी या बाधा से आप आहत हो सकते हैं। Ank Jyotish आज आपका पेशेवर जीवन बेहतरीन है और आपका दृष्टिकोण पहले से कहीं अधिक व्यावहारिक है। आपने अपनी प्राथमिकता सूची पर अच्छी तरह से काम किया है।

शुभ अंक- 5

शुभ रंग- नीला

अंक 7

व्यापार या ऑफिस दोनों में ही आपकी जीत निश्चित है। Ank Jyotish सार्वजनिक दुश्मन या राजनीतिक विपक्षी भी आज आपका साथ देंगे जिससे आपको फायदा होगा। नए वातावरण में काम करना आपको नए अनुभव प्रदान कर सकता है।

शुभ अंक- 6

शुभ रंग- पीला

अंक 8

सितारे आपके जीवन को समृद्धि, सफलता और नई संभावनाओं से भरने की ओर इशारा कर रहे हैं। Ank Jyotish कार्यस्थल में आज आपको विजय प्राप्त हो सकती हैं जिससे आप अच्छा महसूस करेंगे। खुद पर विश्वास और अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें।

शुभ अंक- 8

शुभ रंग- हरा

अंक ज्योतिष अंक शास्त्र Ank shaastr आज
अंक शास्त्र

अंक 9

आज सब कुछ भूल कर अपनी शक्ति और प्रदर्शन पर विश्वास करें। Ank Jyotish धन के नुकसान से बचने के लिए आज ऋण लेने या देने से बचें। अपनी प्रतियोगिता की भावना आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

शुभ अंक- 18

शुभ रंग- सुनहरा

Aaj Ka Panchang 04 December बुधवार: दिन का शुभ मुहूर्त और राहुकाल का वक्त

Aaj Ka Panchang 04 December बुधवार:  Aaj Ka Panchang: 04 दिसंबर 2024 को मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। इस तिथि पर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और गांदा योग का संयोग रहेगा। दिन के शुभ मुहूर्त की बात करें तो बुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा। राहुकाल दोपहर 12:10 से 13: 28 मिनट तक रहेगा। चंद्रमा धनु राशि में मौजूद रहेंगे।

Aaj Ka Panchang हिंदू ज्योतिष को वैदिक पंचांग के नाम से जाना जाता है। पंचांग के माध्यम से समय और काल की सटीक गणना की जाती है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों से मिलकर बना होता है। ये पांच अंग तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण है। यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य और चंद्र ग्रह की स्थिति, हिंदूमास और पक्ष आदि की जानकारी देते हैं।

Aaj Ka Panchang Panchang Calendar
Aaj Ka Panchang: आज

तिथि     तृतीया   13:08 तक

नक्षत्र     पूर्वाषाढ़ा            17:04 तक

प्रथम करण        गारा      13:08 तक

द्वितीय करण       वणिजा  25:00 तक

पक्ष       शुक्ल

वार       बुधवार

योग       गांदा      13:50 तक

सूर्योदय  07:02

सूर्यास्त  17:19

चंद्रमा    धनु

राहुकाल            12:10 − 13:28

विक्रमी संवत्      2081

शक संवत          1946

मास      मार्गशीर्ष

शुभ मुहूर्त          अभिजीत           कोई नहीं

Aaj Ka Panchang   अशुभ मुहूर्त

राहु कालं           11:37:004 AM to 12:56:40 PM

यंमघन्त कालं     07:38:15 AM to 08:57:51 AM

गुलिकालं           10:17:27 AM to 11:37:004 AM

छत्तीसगढ़, पंचायत एवं नगरपालिकाओं की चुनाव की तारीख जल्द, निर्वाचन आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

रायपुर, 03 दिसम्बर 2024।  राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की अध्यक्षता में आज राज्य निर्वाचन आयोग अटल नगर नवा रायपुर कार्यालय के सभा कक्ष में नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायत के आगामी आम/उप निर्वाचन अंतर्गत निर्वाचन कार्यों की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर संभाग के संभागायुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, संभाग के सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा उप जिला निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में मुख्य रूप से चुनाव के सुचारू रूप से संचालन हेतु चुनाव की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केन्द्रों की स्थिति और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक के माध्यम से चुनाव के सुचारू और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।

राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सभी अधिकारियों से शांतिपूर्ण निर्वाचन सम्पन्न कराने सभी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मतदाता सूची प्रकाशन के पूर्व सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न कराने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन नामावली को सभी जिला निर्वाचन अधिकारी व्यक्तिगत रूप से स्वयं देखे, उसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होना चाहिये।

मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने चुनावी प्रक्रिया के दौरान होने वाली चुनौतियों और संभावित समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने, मतदाता जागरूकता बढ़ाने, और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की समय-समय पर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किये गए दिशानिर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की जा रही है। सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने-अपने जिलों के निर्वाचन की तैयारी की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि आप सभी अपनी तैयारीयों की समीक्षा करते रहें। गत 26 नवम्बर को बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग तथा 29 नवम्बर को दुर्ग संभाग के अधिकारियों की चुनाव तैयारी के संबंध में समीक्षा की जा चुकी है कल 4 दिसंबर को बस्तर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।

कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने सुरक्षा उपायों और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर सुविधाओं, कर्मचारियों की तैनाती, और निर्वाचन सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो। बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि सभी संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और सहयोग बना रहे ताकि चुनाव प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को समय पर सही जानकारी प्रदान करें। इस अवसर पर रायपुर संभाग के संभागायुक्त महादेव कावरे, पुलिस विभाग के नोडल अधिकारी ओ पी पाल, रायपुर संभाग के आई जी श्री अमरेश मिश्रा, राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्रवर नरेन्द्र भूरे, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सिंह सहित अन्य प्रमुख अधिकारी उपस्थित थें।

छत्तीसगढ़ के धान खरीदी में पहुंचे कांग्रेस नेता, दिखा कईं खांमियां

रायपुर/03 नवंबर 2024। धान खरीदी में किसानों की समस्याओं देखने तथा उस समस्याओं के निराकरण के लिये सरकार का ध्यानाकर्षण करने के लिये कांग्रेस ने प्रदेश की सभी धान खरीदी केंद्रों में ‘‘धान खरीदी केन्द्र चलो अभियान चलाया।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेतागण, पदाधिकारी गण विभिन्न सोसायटियों में जाकर किसानों की समस्याओं की जानकारी लिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर के छापरभानपुरी, तरन्जी, बरान्जी, टोकापाल धान खरीदी केन्द्र जा कर व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा धान बेचने आये किसानों से चर्चा किया। इन सोसायटियों में किसानों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को बताया कि

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर के छापरभानपुरी

1 बारदाने की कमी है, जिससे किसानों को धान बेचने में परेशान होना पड़ रहा।

2 टोकन की व्यवस्था अव्यवहारिक है, जिससे किसानों को परेशान होना पड़ रहा, नंबर ही नहीं आ रहा।

3 किसानों को भुगतान मात्र 2300 रू. प्रति क्विंटल के हिसाब से हो रहा है।

4 इलेक्ट्रॉनिक कांटा में जो तौलाई हो रहा है उसमें 1.5 किलोग्राम से 2.5 किलोग्राम अधिक तौला जा रहा है।

5 अनावरी रिपोर्ट कम बनाई गयी है तथा खरीदी भी 21 क्विंटल के हिसाब से नहीं हो रही है। कहीं-कहीं ही पूरा धान खरीदा जा रहा।

6 सोसायटियों में धान का उठाव नहीं होने के कारण जगह की कमी है। धान के बोरे जाम है।

7 सरकार ने कहा है कि 50 प्रतिशत नये, 50 प्रतिशत पुराने बारदानों का उपयोग किया जाये। 50 प्रतिशत पुराने बारदाने समितियों में पहुंचे ही नहीं है, जिसके कारण धान खरीदी बाधित हो रही है।

8 टोकन कटने की तारीख से 7 से 10 दिन बाद धान बेचने के लिये किसानों को बुलाया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रायपुर जिले के खरोरा के ग्राम माठ के धान खरीदी केंद्र में गए तथा वहां पर उपस्थित धान बेचने आये किसानों एवं सोसायटी कर्मचारियों से चर्चा कर धान खरीदी में आ रही समस्याओं की जानकारी लिया। किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया कि-

1 सबसे ज्यादा टोकन को लेकर परेशानी आ रही है। 15 दिन बाद तक का भी टोकन नहीं मिल रहा।

2 किसानों से पूरा धान नहीं खरीदा जा रहा है।

3 बड़े किसान अपनी बारी का इंतजार कर रहे उनकी बारी ही नहीं आ रही है।

4 सोसायटी से धान का उठाव नहीं होने के कारण जाम की स्थिति बन गयी है। जगह का अभाव हो गया है।

5 तौल अधिक लेने के कारण किसानों को 2 कि.ग्रा. तक का नुकसान हो रहा है।

6 बारदाना की भी कमी है। किसान परेशान है।

पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने धरसींवा धान खरीदी केंद्र और सांकरा धान खरीदी केंद्र में गए तथा वहां पर उपस्थित धान बेचने आये किसानों एवं सोसायटी कर्मचारियों से चर्चा कर धान खरीदी में आ रही समस्याओं की जानकारी लिया।

1 तौल में 1 से 1.5 किग्रा. ज्यादा ले रहे है।

2 टोकन की गंभीर समस्या है।

3 लक्ष्य के बराबर धान की खरीदी नहीं हो रही क्योंकि जिनके टोकन कटे है उनका पूरा धान नहीं आ पा रहा।

4 धान का उठाव नहीं होने से सोसायटी में धान के बोरे जाम।

5 कांग्रेस के अभियान को देखते हुए कही-कही आज से धान उठाव शुरू हुआ है।

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पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव महासमुंद के पिथौरा

इन खरीदी केंद्रों में पहुंचे कांग्रेस नेता

पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव महासमुंद के पिथौरा, राजाडेरा एवं बिलाईगढ़ के सरसींवा सोसायटी गये। इन सोसायटियों में भी किसान बारदाने, टोकन, कम तौल एवं उठाव की समस्या से परेशान हो रहे है।

दुर्ग शहर-ग्रामीण एवं भिलाई में ताम्रध्वज साहू, रविन्द्र चौबे, अरूण वोरा, कोण्डागांव में मोहन मरकाम, बलरामपुर में अमरजीत भगत, महासमुंद में द्वारिकाधीश यादव, चातुरी नंद, देवेन्द्र बहादुर सिंह, विनोद चंद्राकर, विनय जायसवाल, सक्ति जिले में रामकुमार यादव, बालेश्वर साहू, जगदलपुर एवं बस्तर ग्रामीण में लखेश्वर बघेल, धमतरी में अंबिका मरकाम, ओंकार साहू, गुरूमुख सिंह होरा, जांजगीर-चांपा में राघवेन्द्र सिंह, व्यास कश्यप, शेषराज हरबंश, राजनांदगांव शहर एवं ग्रामीण में दलेश्वर साहू, भोलाराम साहू, हर्षिता बघेल, बालोद में अनिला भेडिया, संगीता सिन्हा, कोरबा शहर एवं ग्रामीण में जयसिंह अग्रवाल,

फूल सिंह राठिया, मोहित केरकेट्टा, पुरूषोत्तम कंवर, सूरजपुर में डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, खेलसाय सिंह, पारसनाथ राजवाडे, बिलासपुर शहर एवं ग्रामीण में अटल श्रीवास्तव, रश्मि सिंह ठाकुर, कांकेर में कुंवर सिंह निषाद, संतराम नेताम, शंकर ध्रुवा, रायगढ़ शहर एवं ग्रामीण में उमेश पटेल, विद्यावती सिदार, जशपुर में रामपुकार सिंह, लालजीत सिंह राठिया, यु.डी. मिंज, विनय भगत, सुकमा में कवासी लखमा, राजमन बेंजाम, सारंगढ़-बिलाईगढ़ उत्तरी जांगडे, कविता प्राणलहरे, नारायणपुर सावित्री मंडावी, चंदन कश्यप,

खैरागढ़-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी इंद्रशाह मंडावी, बेमेतरा गुरू रूद्र कुमार, आशीष छाबड़ा, गुरूदयाल बंजारे, कोरिया अंबिका सिंहदेव, गौरेला-पेण्ड्रा मरवाही डॉ.के.के ध्रुव, शैलेष पाण्डेय, मुंगेली दिलीप लहरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर गुलाब सिंह कमरो, दंतेवाड़ा देवती कर्मा, रेखचंद जैन, गरियाबंद अमितेष शुक्ल, जनकलाल ध्रुव, कवर्धा छन्नी साहू, भुनेश्वर बघेल, डॉ. प्रीतम राम विभिन्न सोसायटियों में जाकर किसानों की समस्याओं की जानकारी लिया गया।

 

CM in Maharashtra?: फंसा फिर पेच.. अजित दादा आए थे दिल्ली गुत्थी सुलझाने, क्या उन्होंने दिया उलझा?

CM in Maharashtra?: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार की तरह मंगलवार का दिन भी सस्पेंस से भरा रहा. महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे आने के 10वें दिन भी सीएम और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी. हां, शिवसेना शिंदे गुट के नेता और राज्य के कार्यवाहक CM एकनाथ शिंदे की सेहत में सुधार की खबर जरूर आई. एकनाथ शिंदे मुंबई के लिए रवाना भी हो चुके हैं और रात तक पहुंच जाने की खबर है. ऐसे में अब लगने लगा है कि आज रात तक महाराष्ट्र की जनता को कुछ गुड न्यूज मिल जाए.+

बीजेपी के सीएम चेहरा देवेंद्र फडणवीस पहले से ही मुंबई में खूंटा गाड़े हुए हैं. लेकिन, महायुति के अंदर एक और सहयोगी दल एनसीपी के नेता अजित पवार को लेकर थोड़ा परेशानी बढ़ने की खबर आ रही है. कहा जा रहा है कि अजित पवार भी वही मंत्रालय की डिमांड कर रहे हैं, जो शिवसेना शिंदे गुट कर रही है.

CM in Maharashtra आपको बता दें कि NPC नेता अजित पवार सोमवार शाम से ही दिल्ली में हैं. अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर महाराष्ट्र में सरकार बनने की दिशा में बातचीत जहां अंतिम दौर में पहुंच चुकी है. वैसी स्थिति में अजित पवार क्यों बीते 24 घंटे से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं? महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कवायद के बीच में मुंबई छोड़कर अजित पवार दिल्ली में क्या कर रहे हैं? अजित पवार गृह मंत्री अमित शाह से किसलिए मिलना चाह रहे हैं? क्या एनसीपी भी सरकार में ऐसा मंत्रालय की मांग कर रही है, जिसपर दावा एकनाथ शिंदे गुट ने पहले से ही ठोक रखा है?

महाराष्ट्र में आज की रात सरकार का फॉर्मूला तय! CM in Maharashtra

महाराष्ट्र में 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह होने हैं. ऐसे बीजेपी के दोनों पर्यवेक्षक मुंबई पहुंच गए है या फिर पहुंचने वाले हैं. ऐसे में अजित पवार का दिल्ली नहीं छोड़ना कई सवालों को जन्म दे रहा है. हालांकि, आपको बता दें कि अजित पवार ही वह पहले शख्स थे, जिन्होंने बीजेपी को सीएम चेहरा देने पर सबसे पहले समर्थन दिया था. कहा जा रहा है कि इसी बात को लेकर एनसीपी और शिंदे गुट में तानातनी भी चल रही है. लेकिन, अजित पवार का लगातार दिल्ली में रहना कई सवालों को जन्म दे रहा है.

क्या अजित पवार अब हो गए नाराज?

महाराष्ट्र में महायुति की प्रचंड जीत के 10वें दिन भी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. एकनाथ शिंदे पहले ही कह चुके हैं कि बीजेपी जो फैसला लेगी, उसको हम मानेंगे. ऐसे में बार-बार अटकलों का बाजार क्यों गर्म हो जाता है? हालांकि, एकनाथ शिंदे को लेकर भी सवाल उठ रहे थे कि वह बेशक बोल चुके हैं, लेकिन अंदर से सीएम पद का दावा छोड़ना नहीं चाह रहे हैं. इसलिए पांच दिन के अंदर दो बार अपने गांव चले गए. शायद इस वजह से बीजेपी कोई बड़ा फैसला नहीं ले पाई. लेकिन, अब वह मुंबई आ रहे हैं.

CM in Maharashtra जहां तक अजित पवार की बात है. कहा जा रहा है कि प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे नेताओें से उनकी लगातार बातचीत हो रही है. नई सरकार में कुछ मंत्रालयों पर पेच फंसा हुआ है. शायद वह सुलझा कर आज रात पवार मुंबई पहुंच जाएंगे. बीजेपी के दोनों पर्यवेक्षक विजय रुपाणी और निर्मला सीतारमन भी मुंबई पहुंचने वाले हैं. कहा जा रहा है कि एनसीपी नेता अजित पवार भी रात की फ्लाइट से मुंबई पहुंच जाएंगे. ऐसे में दोनों पर्यवेक्षक और महायुति के नेता मिलकर मंत्रालयों को लेकर आज रात कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं.

छत्तीसगढ़ पांचवी और आठवीं की परीक्षा के लिए विभाग ने जारी किया आदेश, जानें क्या-क्या हैं निर्देश

रायपुर. छत्तीसगढ़ विष्णु देव साय कैबिनेट के फैसले के बाद कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा लेने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा निर्देश दिया है. छत्तीसगढ़ के सभी कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को आदेश जारी किया गया है. बता दें कि 2010-11 में कक्षा पांचवी, आठवीं की बोर्ड परीक्षा को समाप्त किया गया था. प्रत्येक बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा (compulsory education) दी जाती है. इसी कारण किसी बच्चों को फेल नहीं किया जाता था. बोर्ड परीक्षा बंद करने से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर को देखते हुए फिर से केंद्रीयकृत परीक्षा लेने का फैसला लिया गया है.

प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में कक्षा पांचवी, कक्षा आठवी की नियमित परीक्षा ली जाएगी. यदि विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होता है तो उसे परीक्षा दिनांक के दो माह के भीतर फिर से परीक्षा का अवसर दिया जाएगा. किसी भी विद्यार्थी को प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण होने तक विद्यालय से निष्कासित नहीं किया जाएगा. सीजी बोर्ड के सभी सरकारी, अशासकीय, अनुदान प्राप्त स्कूल में परीक्षा आयोजित की जाएगी.

केंद्रीय परीक्षा जिला स्तर पर ली जाएगी. जिला शिक्षा अधिकारी गोपनीयता बनाए रखते हुए गुणवत्ता युक्त परीक्षा सम्पन्न कराएंगे. परीक्षा के लिए विद्यार्थी से कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा. परीक्षा मार्च में आयोजित की जाएगी. परीक्षा की समय सारणी संचालक लोकशिक्षण सचिवालय जारी करेगा.

यहां पढ़िए आदेश की प्रति –

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रायपुर, BEO पर प्रधान पाठक ने उठाया हाथ, निलंबित

रायपुर। बीईओ (BEO ) पर हाथ उठाना मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक को भारी पड़ गया. संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पांडेय (Rakesh Pandey) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान पाठक राजन कुमार बघेल को निलंबित कर दिया है.

संभागीय संयुक्त संचालक राकेश पांडेय (Rakesh Pandey) ने बताया कि मिडिल स्कूल के परसदा सोंठ अभनपुर में पदस्थ प्रधान पाठक राजन कुमार बघेल ने अभद्र व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया गया. हाथ मरोड़ा गया और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई. यहां तक कुर्सी को पटकते हुए फ़ाइल पकड़कर सिर में मारा गया. प्राथमिक तौर पर दोषी पाए जाने के बाद प्रधान पाठक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है.

निलंबन आदेश में बताया गया कि प्राचार्य पद पर पदोन्नति के संबंध में अपना गोपनीय प्रतिवेदन सुधार के लिए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी अभनपुर (Abhanpur) के समक्ष उपस्थित हुए थे. इस दौरान बहसबाजी करते हुए अधिकारी से अभद्र व्यवहार किया गया, जिसकी वजह से प्रधानपाठक को सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण, अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है. निलंबन अवधि के दौरान राजन कुमार बघेल का मुख्यालय कसडोल विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नियत किया गया है.

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प्रधान पाठक राजन कुमार बघेल को निलंबित