Home Blog Page 85

भारत अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आज होगा 5वां सोली सोराबजी स्मृति व्याख्यान

0
भारत अंतरराष्ट्रीय केंद्र में आज होगा 5वां सोली सोराबजी स्मृति व्याख्यान

ब्रेकिंग न्यूज़: 5वां सॉली सोराबजी मेमोरियल व्याख्यान 14 अप्रैल 2026 को

कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन और NIVAARAN के सहयोग से 14 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 5वां सॉली सोराबजी मेमोरियल व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साम्राज्य में मानवाधिकार" विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

सॉली सोराबजी की विरासत को समर्पित

यह व्याख्यान सॉली सोराबजी की विद्या को समर्पित है, जो एक प्रसिद्ध कानून विशेषज्ञ और भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल रहे हैं। इस वर्ष का विषय मानवाधिकारों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बीच बढ़ते जुड़े हुए पहलुओं पर केंद्रित है, जो आज के तकनीकी और संवैधानिक विमर्श में अत्यधिक प्रासंगिक है।

सॉली सोराबजी का समर्पण और उनके विचार आज भी कानूनी क्षेत्र में मार्गदर्शक हैं। उनकी प्रेरणा से स्थापित यह व्याख्यान हर साल कानूनी बहसों में महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रस्तुत करता है।

प्रतिभागियों के लिए जानकारी

प्रतिभागियों को इस व्याख्यान में शामिल होने के लिए पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण करने वाले सदस्यों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, यह कार्यक्रम लाइवलीव के यूट्यूब चैनल पर भी स्ट्रीम किया जाएगा, जिससे सभी लोग इसे देख सकेंगे।

लाइव स्ट्रीमिंग के लिए लिंक: यहाँ क्लिक करें

कार्यक्रम की जानकारी

  1. तारीख: 14 अप्रैल 2026
  2. समय: भारतीय समयानुसार 6:30 बजे (यूके में 2:00 बजे)
  3. स्थान: सेमिनार हॉल 1, 2 और 3, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, मैक्स म्यूलर मार्ग, नई दिल्ली
  4. शैली: भौतिक + लाइव स्ट्रीमिंग

कार्यक्रम की रूपरेखा

कार्यक्रम का उद्घाटन और स्वागत सिद्दार्थ सिजोरिया, सुप्रीम कोर्ट के वकील द्वारा किया जाएगा। इसके बाद सॉली सोराबजी पर विचार व्यक्त करेंगे:

  • जयदीप गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता और सीएलए के सदस्य
  • विकास सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता और एससीबीए के अध्यक्ष

मुख्य अतिथि का परिचय नंदिनी गोरे, NIVAARAN की सचिव और वरिष्ठ साझेदार, करंजवाला और सह. द्वारा दिया जाएगा। मुख्य व्याख्यान न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।

अंत में, राजीव दत्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता और NIVAARAN के उपाध्यक्ष, समापन टिप्पणियाँ देंगे। अंत में, धन्यवाद ज्ञापन सिद्दार्थ सिजोरिया करेंगे।

यह कार्यक्रम न केवल कानूनी पेशेवरों के लिए बल्कि सभी प्रतिभागियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें मानवाधिकारों और प्रौद्योगिकी के सम्मिलन पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस तरह, न्याय, तकनीक और मानवाधिकारों का यह संगम न केवल सॉली सोराबजी के कार्यों को आगे बढ़ाएगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए एक सकारात्मक प्रेरणा स्रोत बनेगा।

आगामी इस उद्धाटन से निश्चित ही कानूनी और सामाजिक विमर्श में नई दिशा मिलेगी।

"जल जीवन मिशन: हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को जारी किया आदेश, 536 करोड़ के कामों की जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करने का लिया संज्ञान!"

0
<p><strong>"जल जीवन मिशन: हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को जारी किया आदेश, 536 करोड़ के कामों की जानकारी शपथ पत्र के साथ पेश करने का लिया संज्ञान!"</strong></p>

ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन पर हाई कोर्ट का संज्ञान

बिलासपुर, 14 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही और नागरिकों की कठिनाइयों को देखते हुए, बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका की सुनवाई शुरू की है। इस मामले में डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार से जानकारी मांगी है कि राज्य शासन को जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए 536 करोड़ रुपए की राशि दी गई है। अगली सुनवाई 7 मई को होगी।

केंद्र का बयान और जल आपूर्ति की स्थिति

ताजा मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि छत्तीसगढ़ के रायगढ़, दुर्ग, बस्तर और अंबिकापुर जिलों में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और अन्य सुविधाएं स्थापित की गई हैं, लेकिन समस्या यह है कि इन स्थानों पर पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। चीफ जस्टिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनहित याचिका के रूप में इसकी सुनवाई प्रारंभ की। इस क्रम में, केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने डिवीजन बेंच को जल जीवन मिशन से संबंधित पत्र प्रस्तुत किया।

जल जीवन मिशन के लिए पत्र में निर्देश

केंद्र सरकार द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जल जीवन मिशन के विस्तार के लिए आवश्यक धनराशि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद ही जारी की जाएगी। हालांकि, राज्य को यह निर्देश दिया गया है कि वह अपने संसाधनों से काम करता रहे। पत्र में कहा गया कि राज्य को जल्द ही उचित धनराशि दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और कार्यान्वयन

हाई कोर्ट में पेश किए गए अन्य पत्र में बताया गया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तार को दिसंबर 2028 तक मंजूरी दे दी है। इसमें न केवल बढ़ी हुई धनराशि है, बल्कि ग्रामीण पेयजल आपूर्ति क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों पर भी ध्यान दिया गया है। मार्च 2026 में छत्तीसगढ़ के लिए 536.53 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।

निष्कर्ष

इस प्रकार, जल जीवन मिशन के कार्यों में लापरवाही की समस्या को हल करने के लिए हाई कोर्ट ने कदम उठाया है। राज्य शासन को निर्देश दिया गया है कि वह अगले सुनवाई में शपथपत्र प्रस्तुत करे, जिसमें बताया जाए कि इस राशि का उपयोग कैसे किया जाएगा। यह मामला केवल जल आपूर्ति की स्थिति ही नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण है। अगली सुनवाई 7 मई को निर्धारित की गई है, जिसमें इस मामले पर आगे की जानकारी प्राप्त होगी।

NBA: एलेक्स मैकेचनी का साहसिक सफर, स्टार फिजियो बनने की कहानी

0

ब्रेकिंग न्यूज: एलेक्स मैकेचन की अद्वितीय यात्रा ने उन्हें स्कॉटलैंड से उठाकर NBA के प्रमुख फिजियोथेरेपिस्ट बना दिया है। वे बास्केटबॉल के करियर को संजीवनी देने के लिए जाने जाते हैं।

एलेक्स मैकेचन ने अपने करियर की शुरुआत स्कॉटलैंड में की थी, लेकिन अब वे NBA में एक महत्वपूर्ण नाम बन चुके हैं। उनकी विशेषज्ञता और समर्पण ने उन्हें बास्केटबॉल खिलाड़ियों की चोटों को ठीक करने और उन्हें फिर से खेल में वापस लाने में मदद की है। NBA की कई टीमें उनकी सेवाएँ ले चुकी हैं, और वे खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन चुके हैं।

एलेक्स की इस सफलता की कहानी न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कड़ी मेहनत और समर्पण से किसी भी क्षेत्र में महानता प्राप्त की जा सकती है।

इस प्रकार, एलेक्स मैकेचन ने अपने कार्यों के माध्यम से बास्केटबॉल जगत में एक विशेष स्थान बना लिया है, जो भविष्य के लिए एक प्रेरणा के रूप में कार्य करेगा।

भारतीय शेयर बाजार में दीर्घकालिक धन सृजन की शानदार क्षमता!

0
Indian equities demonstrate strong long-term wealth creation potential

ब्रेकिंग न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में दीर्घकालिक समृद्धि की संभावना

भारतीय शेयर बाजार ने फिर से यह साबित कर दिया है कि इसमें दीर्घकालिक समृद्धि का व्यापक अवसर है। हाल ही में एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय स्टॉक मार्केट ने पिछले 20 वर्षों में 11 से 12 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की है।

निवेशकों की संपत्ति में अत्यधिक वृद्धि

रिपोर्ट के अनुसार, Nifty 50 ने निवेशकों की संपत्ति को 8 गुना से अधिक बढ़ाया है। FundsIndia की ‘वेल्थ कनवर्सेशंस रिपोर्ट’ में बताया गया है कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण से, भारतीय शेयर बाजार ने 1990 से अब तक लगभग 80 गुना वृद्धि दर्ज की है, जो सालाना 13 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "बाजार में समय बिताना बाजार पर समय को चयने से अधिक महत्वपूर्ण है। इतिहास में हर प्रमुख बाजार सुधार के बाद हमेशा एक पुनः प्राप्ति होती है, जो दीर्घकालिक समृद्धि सुनिश्चित करती है।"

बाजार में उतार-चढ़ाव का महत्व

रिपोर्ट के अनुसार, शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। ऐतिहासिक रूप से, बाजार में लगभग हर वर्ष 10 से 20 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जबकि 80 प्रतिशत वर्षों में सकारात्मक रिटर्न हासिल किया गया है। यह दर्शाता है कि अस्थिरता अक्सर अस्थायी होती है।

समाचार में यह भी उल्लेख किया गया है कि बड़े बाजार सुधार, जो 30 से 60 प्रतिशत के बीच होते हैं, लगभग 7 से 10 वर्षों में एक बार होते हैं। इससे उबरने की अवधि आमतौर पर 1 से 3 वर्षों की होती है, जिसके बाद तेजी के रुझान देखने को मिलते हैं। यह तथ्य दिखाता है कि निवेश बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मिड और स्मॉल-कैप का प्रदर्शन

मिड और स्मॉल-कैप शेयरों ने बड़ी कंपनियों की तुलना में बेहतर दीर्घकालिक रिटर्न प्रदान किया है। मिडकैप ने पिछले 20 वर्षों में 14 प्रतिशत CAGR दर्ज किया है। हालांकि, इनसे जुड़ी अस्थिरताएँ भी अधिक होती हैं, जिससे संतुलित आवंटन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

इतिहास के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि यदि आप अपने निवेश का समय बढ़ाते हैं, तो रिटर्न में उल्लेखनीय सुधार होता है। 7 वर्षों से अधिक समय के लिए शेयरों में निवेश करने से डबल-डिजिट रिटर्न की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं, और कई मामलों में नकारात्मक रिटर्न की कोई घटना नहीं मिली है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अनुशासित निवेश रणनीतियों जैसे SIPs और STPs की प्रभावशीलता पर जोर दिया गया है, जो निवेशकों को अस्थिरता के दौर से निकलने में मदद करती हैं।

इसके साथ ही, ने यह भी इंगित किया कि दीर्घकालिक में, शेयर बाजार ने मुद्रास्फीति, ऋण, सोने और रियल एस्टेट को हमेशा पछाड़ा है, जिससे यह दीर्घकालिक पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण घटक बन जाता है।

आखिरकार, रियल एस्टेट में 7 से 8 प्रतिशत की स्थिर औसत रिटर्न होने का लाभ है, लेकिन विशेषज्ञों ने इस पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई है कि विविधता बनाए रखना सही रहता है न कि किसी एक संपत्ति वर्ग पर ध्यान केंद्रित करना।

हजारों करोड़ों की लग्जरी गाड़ियों में गांजे की तस्करी! गांव से आईं बहनें बनीं अद्भुत तस्कर, विनीता जोशी और रानी यादव का खौफनाक राज़!

0
<p><strong>हजारों करोड़ों की लग्जरी गाड़ियों में गांजे की तस्करी! गांव से आईं बहनें बनीं अद्भुत तस्कर, विनीता जोशी और रानी यादव का खौफनाक राज़!</strong></p>

ब्रेकिंग न्यूज़: शहर में गांजा तस्करी का मामला, दो सगी बहनें पकड़ाई

बिलासपुर। 14 अप्रैल 2026 – छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में दो सगी बहनों को गांजा तस्करी करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह दोनों बहनें गांव से शहर आई थीं और नाम बदलकर गांजा बेचने की गंदी धंधे में जुट गई थीं। आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है और अब उन्हें ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा गया है।

नशे के खिलाफ पुलिस की मुहिम

बिलासपुर के एसएसपी रजनेश के दिशा-निर्देश में पुलिस ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में नशे के खिलाफ खासता अभियान चलाया है। एसीसीयू और सरकंडा पुलिस की संयुक्त टीम ने पाटलीपुत्र इलाके में छापेमारी की। पुलिस को पहले से सूचनाएं मिली थीं कि राजकिशोर नगर और पाटलीपुत्र नगर में दो महिलाएं गांजा बेचने का काम कर रही हैं। उनकी पहचान मानकी केंवट (उर्फ विनिता जोशी) और सुदामा केंवट (उर्फ रानी यादव) के रूप में हुई है।

तस्करी के तरीके और गिरफ्तारी

इन दोनों बहनों ने अपना नाम बदलकर शहर के विभिन्न इलाकों में गांजा बेचना शुरू किया था। खास तौर पर उन्होंने निचली बस्तियों को अपने इस धंधे का लक्ष्य बनाया था। पुलिस ने छापे के दौरान 6 किलो गांजा, 5 लाख 98 हजार 30 रुपए कैश, एक कार और दो स्कूटी बरामद की हैं। इन वाहनों का इस्तेमाल गांजा तस्करी में किया जा रहा था। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि बहनों ने अपनी तस्करी की कमाई से स्कूटी खरीदी थी।

पूर्व में भी रही हैं संलिप्त

गिरफ्तार की गई दोनों बहनों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है। ये पूर्व में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में भी संलिप्त रहीं हैं। पुलिस ने अब तक इनसे संबंधित 15 लाख 78 हजार 30 रुपए के सामान को जब्त कर लिया है।

निष्कर्ष

यह मामला यह दर्शाता है कि अंधेरी दुनिया में गिरने वाले लोग किस तरह से सामाजिक बुराइयों में लिप्त हो जाते हैं। पुलिस का यह अभियान न केवल नशे के खिलाफ है, बल्कि समाज में व्याप्त इन जैसी गतिविधियों को रोकने का भी प्रयास है। जनता से अपील की गई है कि वे इस तरह की गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें और अपने समाज को सुरक्षित बनाएं।

जेम्स टेलर: 26 की उम्र में दिल की समस्या से रुक गई करियर

0

ब्रेकिंग न्यूज़: इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर जेम्स टेलर ने अपने रिटायरमेंट के दस साल बाद दिल की बीमारी के कारण हुई कठिनाइयों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि वह "मरने के करीब" थे।

जेम्स टेलर, जिन्होंने केवल 26 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लिया, ने अपनी स्थिति के बारे में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि उनकी दिल की बीमारी कितनी गंभीर थी और इसने उनके करियर को कैसे प्रभावित किया। टेलर ने कहा कि यह एक बहुत गंभीर स्थिति थी, जहां उनकी जान को भी खतरा था।

टेलर का अनुभव न केवल क्रिकेट बिरादरी के लिए, बल्कि सभी के लिए चेतावनी है कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना कितना महत्वपूर्ण है।

इस तरह की जानकारी से न केवल खेल प्रेमियों को टेलर की कहानी का ज्ञान होगा, बल्कि वे खुद के स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक होंगे।

अंत में, जेम्स टेलर की कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन में स्वास्थ्य सबसे पहले है।

ग्रीक पुलिस सीमा पर प्रवासियों को वापस धकेलने के लिए मास्कधारी ‘भाड़े के योद्धे’ का इस्तेमाल

0
ग्रीक पुलिस सीमा पर प्रवासियों को वापस धकेलने के लिए मास्कधारी 'भाड़े के योद्धे' का इस्तेमाल

ताजा खबर: प्रवासियों के बीच मर्केनरी गतिविधियों का खुलासा

एक नई रिपोर्ट में यह सामने आया है कि मर्केनरी गतिविधियों में शामिल लोग स्वयं प्रवासी हैं। ये लोग पाकिस्तान, सीरिया और अफगानिस्तान जैसे देशों से भर्ती किए गए हैं। यह जानकारी देशभर में चिंता को बढ़ाती है।

प्रवासियों की सुरक्षा पर सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, इन मर्केनरियों को न केवल धन दिया जाता है, बल्कि उनके पास लूटे गए मोबाइल फोन भी होते हैं। ये मोबाइल फोन अन्य प्रवासियों से चुराए गए हैं। इसके साथ ही, मर्केनरियों को ऐसे दस्तावेज भी दिए जाते हैं, जो उन्हें ग्रीस के माध्यम से यात्रा करने की अनुमति देते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां प्रवासियों की सुरक्षा को गंभीर खतरे में डालती हैं। विभिन्न देशों से आए लोग पहले ही मुश्किल परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। अब इसमें मर्केनरियों की दखलंदाजी एक नया संकट उत्पन्न कर रही है।

मानवता के खिलाफ अपराध

मर्केनरियों द्वारा किए जा रहे इन कृत्यों को मानवता के खिलाफ अपराध माना जा रहा है। सुनिश्चित नहीं किया जा सकता कि ये प्रवासी कितनी सुरक्षित स्थिति में हैं। जब मर्केनरियों का समर्थन और संरक्षण होता है, तो प्रवासियों का शोषण हो सकता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मर्केनरियों को आकर्षित करने के लिए लुभावने ऑफ़र दिए जाते हैं। उन्हें नकद पुरस्कार के साथ-साथ मोबाइल फोन दिए जाते हैं, जिससे वे अन्य प्रवासियों को आक्रांतित कर सकें। यह एक गंभीर मामला है जिसे विश्व स्तर पर देखने की जरूरत है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता

इस स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है। मामला केवल एक देश का नहीं है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय समस्या बन चुकी है। विभिन्न देशों को मिलकर इस मुद्दे को सुलझाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रवासी सुरक्षित रहें और मर्केनरी गतिविधियों का अंत हो सके।

जब तक इस संकट पर प्रभावी तरीके से काबू नहीं पाया जाता, तब तक प्रवासियों का जीना मुश्किल बना रहेगा। अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संगठन और मानवाधिकार समूहों को इस दिशा में सक्रियता दिखानी चाहिए।

समाप्ती में, यह कहना होगा कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग तथा मर्केनरी गतिविधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। प्रश्न यह है कि क्या राज्य इस पर ध्यान देंगे या स्थिति की गंभीरता को नजरअंदाज करेंगे।

इस प्रकार, प्रवासी संसाधनों और धन का शोषण कर रहे मर्केनरियों के खिलाफ सख्त कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल प्रवासियों के अधिकारों की रक्षा करेगा, बल्कि एक सशक्त और सुरक्षित समाज की दिशा में भी एक बड़ा कदम होगा।

"हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मकान मालिक-किरायेदार के रिश्ते की सच्चाई साबित करना अनिवार्य, नाम दर्ज कराने से नहीं बनते वास्तविक मालिक!"

0
<p><strong>"हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मकान मालिक-किरायेदार के रिश्ते की सच्चाई साबित करना अनिवार्य, नाम दर्ज कराने से नहीं बनते वास्तविक मालिक!"</strong></p>

ब्रेकिंग न्यूज़

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाई कोर्ट ने मकान मालिक और किरायेदार के संबंधों पर एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि केवल दस्तावेजी रिकॉर्ड में नाम होने से कोई मकान मालिक नहीं बन जाता है। इस संदर्भ में, कोर्ट ने रेंट कंट्रोल ट्रिब्यूनल के आदेश को रद्द कर दिया है।

मकान मालिक-किरायेदार संबंध को साबित करना अनिवार्य

हाई कोर्ट ने हाल ही में किराएदार की बेदखली से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी की। जस्टिस संजय के. अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि केवल राजस्व रिकॉर्ड में नाम होने से किसी को मकान मालिक का दर्जा नहीं मिल सकता है। उन्होंने कहा कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच संबंध की स्पष्टता होनी आवश्यक है। यदि यह संबंध स्थापित नहीं है, तो बेदखली का आदेश नहीं दिया जा सकता है।

मामला क्या है?

यह मामला तारबहार क्षेत्र का है, जहां स्वर्णलता और शशि लता मार्कस ने किरायेदार गौतम पांडेय की बेदखली के लिए याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि वे मूल मालिक की वारिस हैं। हालांकि, किरायेदार के वकील ने कोर्ट में कहा कि स्वर्णलता और शशि लता और पांडेय के बीच कभी भी मकान मालिक-किरायेदार का रिश्ता नहीं रहा। जांच में यह पाया गया कि याचिकाकर्ताओं के पास इस संबंध में कोई रेंट एग्रीमेंट भी नहीं था।

छत्तीसगढ़ किराया नियंत्रण अधिनियम का महत्व

छत्तीसगढ़ किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत, केवल जमीन का स्वामी होना ही मकान मालिक होने का प्रमाण नहीं है। धारा 2 (5) के अनुसार, वर्तमान में मकान का किराया ले रहा व्यक्ति ही वास्तविक मकान मालिक माना जाता है। इसके अलावा, यदि कोई ट्रस्टी या गार्जियन किसी और के फायदे के लिए किराया वसूलता है, या कोई खाली जगह किराए पर दी जाती है, तो वह भी इस दायरे में आता है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का यह फैसला निश्चित रूप से मकान मालिकों और किरायेदारों के बीच संबंधों की स्पष्टता को स्थापित करने में सहायक साबित होगा। यह निर्णय यह बताता है कि केवल कागजी दस्तावेजों से ही अधिकार नहीं मिलते, बल्कि वास्तविकता में संबंध स्थापित करना आवश्यक है। इस प्रकार, यह निर्णय अन्य मामलों में भी महत्वपूर्ण सिद्धांत स्थापित कर सकता है, जिससे उचित न्याय और व्यवस्था की स्थापना हो सकेगी।

एडम पीटी: 2028 लॉस एंजेल्स ओलंपिक, गॉर्डन रामसे और पूल में वापसी!

0

ब्रेकिंग न्यूज़: दो बार के ओलंपिक चैंपियन एडम पीटी ने किया अपने वापसी के बारे में चर्चा। लॉस एंजेल्स ओलंपिक की तैयारी में जुटे हैं।

एडम पीटी, जो दो बार के ओलंपिक चैंपियन हैं, ने हाल ही में अपने खेल में वापसी पर बात की। उन्होंने बताया कि वह लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 की तैयारी कर रहे हैं। एडम ने साझा किया कि अपनी वापसी के दौरान उन्हें किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और कैसे वह अपने प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं।

इस कड़ी में, एडम पीटी ने टीवी शेफ गॉर्डन रेमसे की शादी में उनके भाषण का जिक्र भी किया, जो इस पल को और भी खास बना गया। उन्होंने बताया कि गॉर्डन के साथ उनके अच्छे संबंध हैं और उनके विचारों ने उन्हें प्रेरित किया है।

एडम पीटी की इस कड़ी मेहनत और समर्पण से यह साफ है कि वह ओलंपिक में अपनी जगह बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उनकी यात्रा पर निगाहें बनी रहेंगी, जब वे 2028 के लॉस एंजेल्स ओलंपिक में भाग लेने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।

निष्कर्ष: एडम पीटी की वापसी और ओलंपिक की तैयारी सबके लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

PM ने बैसाखी के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं

0
PM ने बैसाखी के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं

पीएम ने बैसाखी के अवसर पर देशवासियों को दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बैसाखी के पावन अवसर पर सभी लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस मौके पर अपने विशेष संदेश में सभी को खुशियों और समृद्धि की कामना की।

पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा, "आप सभी को बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं!" इस संदेश के माध्यम से उन्होंने देशवासियों के साथ इस विशेष त्योहार का आनंद साझा किया।

बैसाखी, जिसे पंजाब में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है, फसल कटाई का उत्सव है। यह त्योहार न केवल कृषि के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक भी है। लोग इसे ऊर्जा, उमंग और उत्साह के साथ मनाते हैं।

त्योहार का महत्व

बैसाखी की उपासना कृषक समाज के लिए एक महत्वपूर्ण समय है। इस दिन किसान अपनी मेहनत का फल प्राप्त करते हैं और फसल बंटवारे की तैयारियाँ करते हैं। इसके साथ ही, यह दिन सुख, समृद्धि और खुशियों का भी पर्व है। पंजाब में विशेष परेड और भव्य आयोजन होते हैं, जहां स्थानीय संस्कृति और परंपराएँ जीवंत नजर आती हैं।

बैसाखी की छुट्टियों के दौरान, लोग एक-दूसरे के घर जाकर मिठाई और पकवान बाँटते हैं। इस दिन विशेष रूप से लंगर का आयोजन भी होता है, जिसमें सभी को भरपेट भोजन कराया जाता है। यह परंपरा भाईचारे और एकता को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री का योगदान

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि इस पर्व के माध्यम से हम सभी को एकजुटता और भाईचारे का संदेश फैलाना चाहिए। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे मिलकर एक सुखद और समृद्ध भविष्य की ओर बढ़ें। उनका यह संदेश समाज में सकारात्मकता और सामंजस्य बढ़ाने का प्रयास है।

बैसाखी का त्योहार न केवल agrarian समुदाय के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक विशेष अवसर है। यह त्योहार उत्सवी भावना, एकजुटता और प्रेम का प्रतीक है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए शुभकामनाओं के साथ-साथ, सभी लोगों ने एक बार फिर इस महोत्सव की खुशी में भाग लिया है।

बैसाखी के इस विशेष पर्व पर पूरा देश खुशियों में डूबा हुआ है। कई धार्मिक स्थानों, गुरुद्वारों और समाजिक स्थानों पर इस उत्सव समारोहों की धूम मची हुई है। लोग मित्रों और परिवार के साथ मिलकर इस पर्व का आनंद ले रहे हैं।

इस महापर्व पर, प्रधानमंत्री मोदी का संदेश सारे देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने सभी को व्यक्तिगत और सामूहिक तौर पर इस अवसर को संजीवनी के रूप में जीने का आह्वान किया है। बैसाखी, जो फसल की भरपूरता और खुशियों का प्रतीक है, सभी के लिए एक नया आरंभ लेकर आए, यही कामना है।