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🎭 10 अक्टूबर को कोमाखान में पूनम और दिव्या की रंगारंग प्रस्तुति, देखना न भूलें!

महासमुंद | कोमाखान। दशहरा और शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरती एक बार फिर रंगों से निखरने वाली है। प्रदेश की सुप्रसिद्ध लोक कलाकार पूनम विराट तिवारी और दिव्या तिवारी अपनी टीम रंग छत्तीसा के साथ कोमाखान में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी।

यह विशेष आयोजन 10 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रात 8 बजे साप्ताहिक बाजार स्थल, कोमाखान (जिला महासमुंद) में आयोजित होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए दशहरा उत्सव समिति कोमाखान की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।


🌕 दशहरा और शरद पूर्णिमा पर छत्तीसगढ़ी लोककला का संगम

इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोकगायिका पूनम विराट तिवारी और कलाकार दिव्या तिवारी अपनी रंगकर्मी टीम के साथ लोकगीत, नृत्य और नाट्य कला की अनोखी झलक पेश करेंगी।
‘रंग छत्तीसा’ मंच अपने पारंपरिक और आधुनिक लोक-रंग के मेल के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है।


पूनम विराट तिवारी
Poonam and Divya’s colourful performance

🌸 कौन हैं पूनम विराट तिवारी?

राजनांदगांव की रहने वाली पूनम विराट तिवारी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और राष्ट्रपति सम्मान प्राप्त है।
वे छत्तीसगढ़ी लोककला की प्रसिद्ध गायिका और रंगकर्मी हैं। उनके पति स्वर्गीय दीपक विराट तिवारी प्रसिद्ध अभिनेता और लोककलाकार रहे हैं, जिन्होंने पद्मश्री हबीब तनवीर सहित कई राष्ट्रीय कलाकारों के साथ मंच साझा किया था।


💔 एक माँ, जिसने बेटे की अंतिम विदाई गीत से दी

पूनम तिवारी का जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल है।
2019 में अपने बेटे सूरज तिवारी को हृदय रोग से खोने के बाद भी उन्होंने बेटे की अंतिम इच्छा पूरी की — “माँ, मुझे विदाई रोकर नहीं, गाकर देना।”
बेटे की चिता के पास उन्होंने ‘चोला माटी के हे राम, एखर का भरोसा’ लोकगीत गाकर अपने पुत्र को अंतिम विदाई दी।
यह पल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश को भावुक कर गया।


🎶 लोककला की मिसाल ‘चोला माटी के हे राम’ से मिली पहचान

पूनम तिवारी ने अपने स्वर से छत्तीसगढ़ की लोककला को नई पहचान दी।
चोला माटी के हे राम’ गीत आज भी लोकसंस्कृति की आत्मा बन चुका है।
उन्होंने नया थिएटर और रंग छत्तीसा मंच के जरिए देशभर में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को जिया और जीवित रखा।

दशहरा उत्सव समिति कोमाखान
Dussehra Celebration Committee Komakhan

🙏 आयोजन समिति की अपील

दशहरा उत्सव समिति ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे परिवार सहित इस सांस्कृतिक संध्या में शामिल होकर छत्तीसगढ़ की लोककला को प्रोत्साहन दें।


📸 Photo Courtesy: रंग छत्तीसा / WebMorcha
✍️ रिपोर्ट: WebMorcha न्यूज डेस्क, महासमुंद

webmorcha@zohomail.in

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