ब्रेकिंग न्यूज: पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी
नई दिल्ली: 7 अप्रैल 2026 को देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के नए मूल्य जारी कर दिए हैं। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि आज पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
प्रमुख शहरों में ईंधन की वर्तमान स्थिति
सभी प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम में कोई बदलाव नहीं आया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। मुंबई में पेट्रोल 103.50 रुपये और डीजल की लागत 90.01 रुपये प्रति लीटर है। इसी तरह, चेन्नई में पेट्रोल 100.84 रुपये, जबकि कोलकाता में यह 105.45 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है।
महानगरों में आज की रेट लिस्ट (7 अप्रैल 2026)
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| मुंबई | 103.50 | 90.01 |
| कोलकाता | 105.45 | 92.02 |
| चेन्नई | 100.84 | 92.39 |
| बेंगलुरु | 102.96 | 90.99 |
| लखनऊ | 95.34 | 88.50 |
| पटना | 105.71 | 91.49 |
इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा
हालांकि, तेल कंपनियों ने इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस वृद्धि के चलते कॉमर्शियल डीजल की कीमत अब 137.81 रुपये प्रति लीटर हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर पड़ेगा, जिससे उत्पादन लागत में वृद्धि हो सकती है।
कंपनियों का सख्त फैसला और इसकी वजहें
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लंबे समय से खुदरा कीमतों को यथावत रखने से तेल कंपनियों को भारी घाटा उठाना पड़ा है। इसे ध्यान में रखते हुए कंपनियों ने नई व्यापारिक रणनीति अपनाई है। अब सरकारी तेल कंपनियां रिफाइनरियों से डिस्काउंट रेट पर ईंधन खरीदेंगी। यह पहली बार है जब तेल कीमतों के विनियमन के बाद घाटे की भरपाई के लिए इस प्रकार का महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, जो आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। हालांकि, इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी दर्शाती है कि तेल कंपनियों को अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए सख्त निर्णय लेने की आवश्यकता है। आने वाले दिनों में इस वृद्धि का व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है, जो विभिन्न उद्योगों की लागत को प्रभावित कर सकता है।
