ब्रेकिंग न्यूज: भारत में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग के क्षेत्र में बड़ा बदलाव!
Publicis Groupe India ने ‘Influential’ नामक अपने वैश्विक क्रिएटर मार्केटिंग समाधान का शुभारंभ किया है। इस कदम से इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग को एक डेटा-आधारित, संपूर्ण विकास इंजन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।
इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग का नया आयाम
Publicis Groupe India ने हाल ही में ‘Influential’ का लॉन्च किया है, जिसका मकसद इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग को एक ठोस और मापनीय तरीके से आगे बढ़ाना है। इस पहल के तहत, दिवाकर चंदानी को इस नए समाधान का प्रबंधक साझेदार नियुक्त किया गया है। चंदानी की नेतृत्व क्षमता के साथ, कंपनी इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग की क्षमताओं को बढ़ाने और डेटा, क्रिएटर्स, मीडिया और वाणिज्य को एकल रूप से जोड़कर व्यापारिक परिणामों को मापने का प्रयास करेगी।
भारत में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग बहुत तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यहां की प्रणाली अभी भी बहुत बिखरी हुई है। माप की सीमाएं, क्रिएटर्स का दोहराव और ऑर्गेनिक पहुंच पर अत्यधिक निर्भरता जैसी समस्याएं इसे चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। ‘Influential’ के माध्यम से, Publicis का उद्देश्य बाजार में अपने दृष्टिकोण को मजबूत करना है, जिससे ब्रांड बिखरे हुए कार्यान्वयन से निकलकर अधिक सुसंगत और मापनीय परिणाम प्राप्त कर सकें।
डेटा-आधारित समाधान का महत्व
Publicis Groupe की ‘Connected Identity’ इस सेवा की नींव है, जो उपभोक्ता प्रोफाइल का डेटा बैकबोन तैयार करती है। यह श्रोता मैपिंग और सटीक क्रिएटर चयन को सक्षम बनाता है। ‘Influential’ के वैश्विक नेटवर्क और Captiv8 प्लेटफार्म की मदद से, ब्रांड्स को इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग योजना बनाने, सक्रिय करने और इसके परिणामों को प्रभावी ढंग से मापने की सुविधा मिलेगी।
चंदानी के अनुभव की बात करें तो, उनके पास डिजिटल और प्लेटफार्म पारिस्थितिकी तंत्र में करीब 20 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने Meta, Zee Entertainment Enterprises और Network18 Group जैसी प्रमुख संस्थाओं में काम किया है। उनकी विशेषज्ञता इस क्षेत्र में एक नए दृष्टिकोण को अपनाने में मदद करेगी।
बाजार में प्रतिस्पर्धा और भविष्य
अनुप्रिया आचार्य, CEO, Publicis Groupe South Asia ने कहा, “भारत में इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग ने एक महत्वपूर्ण स्तर हासिल किया है, लेकिन अभी भी एक एकीकृत, डेटा-आधारित नींव की आवश्यकता है। ‘Influential’ के माध्यम से, हम एक क्रिएटर-फर्स्ट दृष्टिकोण की बजाय एक पहचान-आधारित मॉडल में परिवर्तन कर रहे हैं। यह हमें बिखरे कार्यान्वयन के बजाए सटीक, मापनीय और स्केलेबल व्यावसायिक परिणाम प्राप्त करने की क्षमता देगा।”
चंदानी ने कहा, “इस क्षेत्र में ब्रांड्स भारी निवेश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी वे सुसंगत और मापनीय परिणाम प्राप्त करने में संघर्ष कर रहे हैं। हमारा फोकस इसे मौलिक रूप से बदलने पर है। डेटा-आधारित दर्शक बुद्धिमत्ता को क्रिएटर पारिस्थितिकी और मीडिया प्रवर्धन के साथ मिलाकर, हम एक ऐसा मॉडल तैयार कर रहे हैं जो ब्रांड्स के लिए निरंतर और मापने योग्य परिणाम देगा।”
इस तरह, Publicis Groupe की यह पहल न केवल इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग के क्षेत्र में एक नया मोड़ प्रदान करती है बल्कि भारत के ब्रांड्स के लिए संभावनाओं का एक नया द्वार खोलती है।




