बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है। बिलासपुर हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी द्वारा दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर अब 23 अप्रैल को सुनवाई तय की गई है।
🟡 हाई कोर्ट के फैसले को दी चुनौती
जानकारी के अनुसार, हाई कोर्ट ने इस मामले में अमित जोगी को मास्टरमाइंड मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसी फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। इसके अलावा उन्होंने सरेंडर की शर्त पर रोक लगाने की भी मांग की है।
Gold-Silver Rate Today: आज कितनी है 24 कैरेट सोने की कीमत? 22 और 18 कैरेट के भी चेक करें रेट्स
⚖️ सुप्रीम कोर्ट ने दी अगली तारीख
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच में मामले की प्रारंभिक सुनवाई हुई, जिसमें दोनों याचिकाओं को एक साथ टैग करते हुए 23 अप्रैल की तारीख तय की गई है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरेंडर पर तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि संबंधित जज ही इस पर फैसला करेंगे।
“CG में विमान दुर्घटना: प्राइवेट प्लेन पहाड़ से टकराया, हड़कंप मचा, पुलिस अधिकारी तुरंत रवाना!”
🟠 हाई कोर्ट के फैसले की प्रमुख बातें
- अमित जोगी को धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी करार
- आजीवन कारावास और ₹1000 जुर्माना
- जुर्माना न भरने पर 6 महीने अतिरिक्त सजा
- तीन सप्ताह में सरेंडर का आदेश
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि एक ही अपराध में शामिल आरोपियों के बीच बिना ठोस कारण भेदभाव नहीं किया जा सकता।
🔍 केस का बैकग्राउंड
यह मामला वर्ष 2003 का है, जब एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया था, जबकि बाद में कानूनी प्रक्रिया के दौरान कई अहम मोड़ आए।
🧾 आगे क्या?
अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। 23 अप्रैल को होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि हाई कोर्ट के फैसले पर क्या रुख अपनाया जाता है और अमित जोगी को राहत मिलती है या नहीं।




