ब्रेकिंग न्यूज़: लेटेस्ट LPG टैंकर भारत की ओर बढ़ा, मौजूदा संकट के बीच सातवां टैंकर
खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच, एक और LPG टैंकर, ‘ग्रीन संवी’, ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। यह टैंकर, भारत की ओर बढ़ने वाला सातवां टैंकर है, जो इस क्षेत्र में पिछले तनाव के कारण निकला है।
Gree Sanvi का महत्व
‘ग्रीन संवी’ टैंकर, जो 58,811 मीट्रिक टन की क्षमता रखता है, ने हाल ही में अपने यात्रा के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया। इसे टैंकर ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म वेसलफाइंडर द्वारा ट्रैक किया गया है। इससे पहले, भारत के लिए छह अन्य टैंकर—शिवालिक, नंदा देवी, जग वसंत, BW टायर, BW एल्म और पाइन गैस—भारतीय तट पर पहुँच चुके हैं।
नई घटनाओं के अनुसार, ग्रीन संवी ने अब AIS (एडवांस्ड इंटेलिजेंस सिस्टम) को चालू कर दिया है और क़ेश्म-लारक क्रॉसिंग की ओर बढ़ रहा है।
अन्य टैंकरों की स्थिति
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में कम से कम 15 भारतीय तेल और गैस जहाज फंसे हुए हैं। इनमें दो अन्य LPG कार्गो टैंकर, ‘ग्रीन आसा’ और ‘जग विक्रम’, शामिल हैं। जबकि ग्रीन संवी ने अपने हलचल शुरू कर दी है, अन्य दोनों टैंकर अभी भी अपनी जगह पर रुकें हुए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वे अब भी जलडमरूमध्य के निकट फंसे हुए हैं।
इन टैंकरों पर चढ़े हुए चालक दल के बारे में किसी प्रकार की जानकारी नहीं है। ‘ग्रीन संवी’ का अंतिम भारतीय वितरण पोर्ट अज्ञात है, लेकिन इसकी यात्रा के संकेत में "इंडिया शिप इंडिया क्रू" लिखा है, जो IRGC बलों द्वारा संभावित हमलों से बचने की भारतीय रणनीति को दर्शाता है।
संभावित परिणाम और चिंताएँ
हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच कभी भी स्थिति और जटिल हो सकती है। चालू संकट के कारण ग्रहीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जिससे अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
इस बीच, भारत सरकार की ओर से किसी भी तरह की सुरक्षा या राहत उपायों की जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन इन टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय नौसेना की सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
भारत में LPG की बढ़ती मांग को देखते हुए, यह भी महत्वपूर्ण है कि इन टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाए। यह न सिर्फ देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि स्थिति को सामान्य करने में भी मदद करेगा।
समापन
भविष्य में टैंकरों की स्थिति पर नज़र रखी जाएगी। जैसे-जैसे घटनाएं विकसित होती हैं, हमारे रिपोर्टरों द्वारा और भी जानकारी लाई जाएगी।
प्रकाशित: 3 अप्रैल, 2026, 18:09 IST
लेखक: बिदिशा साहा
