नगर पंचायत तुमगांव में बढ़ी खींचतान, 14 पार्षदों ने अध्यक्ष, CMO और S.I. पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

रूपेश टंडन। महासमुंद, 17 जून 2025: जिले की बहुचर्चित नगर पंचायत तुमगांव एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में संपन्न नगर पंचायत चुनाव के कुछ ही महीने बीते हैं और अब अध्यक्ष एवं पार्षदों के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। 14 पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अध्यक्ष बलराम कांत साहू, मुख्य नगर पंचायत अधिकारी (CMO) और सब इंजीनियर पर भ्रष्टाचार एवं मनमानी का गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

क्या हैं पार्षदों के आरोप?

पार्षदों का कहना है कि नगर विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं है। सीसी रोड निर्माण से लेकर रामसागर तालाब के गहरीकरण और सौंदर्यीकरण तक—हर काम में गुणवत्ता की अनदेखी और नियमों की अवहेलना की जा रही है। ठेकेदार को बार-बार नोटिस देने के बावजूद समय पर कार्य शुरू नहीं किया गया, और अब बारिश के मौसम में तालाब गहरीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है, जबकि तालाब में पहले से पानी भरा हुआ है।

14 पार्षदों की सामूहिक शिकायत

शिकायत करने पहुंचे पार्षदों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें कार्यों की जानकारी देना तो दूर, निरीक्षण तक करने नहीं दिया जा रहा है। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि CMO और सब इंजीनियर की मिलीभगत से अध्यक्ष द्वारा कार्यों में मनमानी की जा रही है।

अध्यक्ष बोले – “तैयार हूं जांच के लिए”

वहीं इस पूरे विवाद पर नगर पंचायत अध्यक्ष बलराम कांत साहू ने सफाई दी है। उनका कहना है:

“पार्षदों के आरोप निराधार हैं। मैंने रामसागर तालाब का काम गांव के बुजुर्गों, पंचायत सदस्यों और नागरिकों से चर्चा के बाद प्रारंभ किया है। भाजपा कार्यकाल में अधूरे कार्यों को अब पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जा रहा है। मैं किसी भी जांच के लिए तैयार हूं।”

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तालाब का काम मुनादी कराकर प्रारंभ किया गया और जनहित को सर्वोपरि रखते हुए ही निर्णय लिए जा रहे हैं।

क्या है असली तस्वीर?

शिकायतों और प्रतिवाद के बीच अब गेंद प्रशासन के पाले में है। कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है। पार्षदों की शिकायत के आधार पर जल्द ही तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा।


📝 विशेष टिप्पणी:

नगर पंचायत जैसे छोटे स्तर के शासन में पारदर्शिता, सहभागिता और जवाबदेही बहुत अहम होती है। ऐसे में जब निर्वाचित प्रतिनिधि ही आपस में टकरा जाएं, तो विकास कार्यों पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है।

📲 इस खबर को तुरंत शेयर करें

🚨 ताजा खबर सबसे पहले पाएं!

WhatsApp से भी तेज अपडेट के लिए अभी Telegram जॉइन करें

👉 Join Telegram Channel