छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार इन चेहेरों पर लग सकती है मूहर!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं. BJP संगठन के उच्च पदस्थ सूत्र इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि इस सप्ताह विष्णुदेव साय सरकार में नए चेहरों को शामिल कर लिया जाएगा. साय मंत्रिमंडल में इस समय मंत्रियों के दो पद रिक्त हैं. संगठन की कोशिश है कि हरियाणा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी 14 मंत्रियों का फार्मूला लागू किया जाए. बस केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी मिलने का इंतजार है.

सत्ता और संगठन के अहम चेहरे दिल्ली दौरे पर हैं, जहां एक उच्च स्तरीय बैठक की गई है. हालांकि यह बैठक संगठन चुनाव पर केंद्रित थी, मगर माना जा रहा है कि तमाम आला नेताओं की मौजूदगी में मंत्रिमंडल विस्तार पर भी मुहर लगाई है. इस बैठक में BJP के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव समेत कई नेता शामिल थे.

विष्णुदेव साय सरकार को एक साल बीत गए हैं. सरकार ने पहले एक मंत्री पद रिक्त रखा गया था, लेकिन बृजमोहन अग्रवाल के सांसद निर्वाचित होने के बाद उन्होंने विधायकी से इस्तीफा दे दिया था. उनके इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल में दो पद रिक्त हो गए. बृजमोहन के विभाग CM के अधीन आ गए. पहले से ही विभागों का बोझ मुख्यमंत्री पर था. लोक सभा चुनाव के ठीक बाद मंत्रिमंडल विस्तार कर लिए जाने की चर्चाएं थी, लेकिन महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव खत्म होने तक विस्तार टाल दिया गया. सरकार ने हाल ही में एक वर्ष का जश्न भी मना लिया है.

नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव सिर पर है. कई कद्दावर नेता मंत्रिमंडल विस्तार की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं. उन्हें उम्मीद है कि विस्तार होने की स्थिति में उनका नंबर लग सकता है.

राष्ट्रीय अध्यक्ष से भेंट

दिल्ली प्रवास के दौरान CM विष्णुदेव साय ने BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की है. माना जा रहा है कि इस मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा की गई है. संगठन सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात में मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले संभावित चेहरों को लेकर रायशुमारी की गई है.

पिछले दिनों राज्य सरकार के जनादेश पर्व के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा छत्तीसगढ़ आए थे. उस दौरान भी BJP प्रदेश कार्यालय में राज्य के आला नेताओं के साथ बंद कमरे में उनकी रायशुमारी हुई थी. उस वक्त भी कयास लगाए गए थे कि मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की गई है.

इन नामों पर चर्चा तेज

मंत्रिमंडल विस्तार की हर चर्चा में दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव का नाम सामने आता रहा है. गजेंद्र यादव आरएसएस के पूर्व प्रांत प्रमुख बिसराराम यादव के बेटे हैं. कहते हैं कि साय मंत्रिमंडल के गठन के वक्त भी गजेंद्र यादव के नाम पर चर्चा की गई थी, लेकिन, तब किन्हीं कारणों से उनका नाम अंतिम सूची में नहीं आ सका था. यादव समाज से आने की वजह से भी उनका पलड़ा भारी है. राज्य में OBC वर्ग में साहू समाज के बाद सर्वाधिक संख्या यादवों की है. ऐसे में सामाजिक समीकरण भी गजेंद्र यादव के पक्ष में बनते दिख रहे हैं.

इधर बिलासपुर MLA अमर अग्रवाल का नाम भी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में तेजी से उछला है. 14 साल तक मंत्री रह चुके अमर अग्रवाल रिजल्ट ओरिएंटेड काम करने के लिए पहचाने जाते हैं. भीड़ से अलग रहकर काम करने में भरोसा करने वाले अमर अग्रवाल ने पूर्ववर्ती रमन सरकार में आबकारी पॉलिसी बनाई थी. शराब बिक्री का ठेका सिस्टम खत्म किया था. इस फैसले से आबकारी राजस्व में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई थी. अमर अग्रवाल देश में इकलौते चेहरे रहे हैं, जो सर्वाधिक लंबे समय तक GST काउंसिल में बतौर सदस्य शामिल थे.

मंत्रिमंडल विस्तार में राजेश मूणत का नाम भी सुर्खियों में है. रमन सरकार में आवास एवं पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, पीडब्ल्यूडी, नगरीय प्रशासन जैसे बड़े विभाग संभाल चुके मूणत की पहचान बड़े से बड़ा टास्क पूरा करने के लिए जाना जाता है. विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व CM रमन सिंह के करीबी माने जाते हैं.

मंत्रिमंडल विस्तार के लिए संभावित नामों में अजय चंद्राकर भी एक नाम हैं. तेजतर्रार छवि के अजय चंद्राकर अपने संसदीय ज्ञान और गहरी राजनीतिक समझ के लिए पहचाने जाते हैं. अगर बस्तर संभाग से मंत्रिमंडल में चेहरा लिए जाने की वकालत की गई, तब ऐसी स्थिति में मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव का नंबर लग सकता है.

लोकसभा चुनाव में किरण देव अपने नेतृत्व कौशल का प्रदर्शन कर चुके हैं. विक्रम उसेंडी भी एक अहम नाम साबित हो सकते हैं. इन संभावित नामों के इतर रायपुर दक्षिण उप चुनाव जीतने वाले सुनील सोनी भी वाइल्ड कार्ड एंट्री पा सकते हैं. सांसद रहते सुनील सोनी की टिकट कट गई थी.

उनकी जगह बृजमोहन अग्रवाल को पार्टी ने लोकसभा चुनाव लड़ाया था. लोकसभा चुनाव जीतने के बाद बृजमोहन अग्रवाल की खाली हुई रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से सुनील सोनी ने चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की. किन्हीं कारणों से पूर्व मंत्रियों का पत्ता मंत्रिमंडल विस्तार में कटता है, तब ऐसी स्थिति में सुनील सोनी का नंबर लग सकता है.

राजभवन को सूचना नहीं

संगठन के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक इस हफ्ते मंत्रिमंडल विस्तार किया जा सकता है, लेकिन अब तक इसकी सूचना राजभवन को नहीं है. हालांकि दिल्ली आलाकमान की मंजूरी मिलते ही सूचना भेजी जा सकती है.

https://webmorcha.com/google-launches-genie-in-india-now-it-works/

फेसबुक पर जाइए

 

📲 इस खबर को तुरंत शेयर करें

🚨 ताजा खबर सबसे पहले पाएं!

WhatsApp से भी तेज अपडेट के लिए अभी Telegram जॉइन करें

👉 Join Telegram Channel
WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com