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महासमुंद में किसान ने टोकन न कटने से लगाया अपना ही गला; नाजुक हालत में भर्ती, खल्लारी विधायक ने सरकार पर साधा निशाना

महासमुंद/बागबाहरा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बोडरीदादर (सेनभांठा) के किसान मनबोध गांडा ने टोकन नहीं कट पाने से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार किसान ने ब्लेड से अपना गला काट लिया, जिससे वह लहुलूहान हालत में जमीन पर गिर पड़ा।

स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना 112 को दी। पुलिस की मदद से किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा पहुंचाया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

टोकन के लिए कई दिनों से लगा रहा चक्कर, नहीं सुनी गई किसान की फरियाद

परिजनों व ग्रामीणों के अनुसार किसान मनबोध कई दिनों से टोकन कटवाने के लिए चक्कर काट रहा था, लेकिन उसे हर बार निराशा ही मिली। लगातार मानसिक तनाव और व्यवस्था की लेटलतीफी से परेशान होकर उसने यह भयावह कदम उठाया।

ग्रामीणों का कहना है कि—
“सरकारी दफ्तरों में सुनवाई नहीं होती। किसान सुबह से शाम तक लाइन में लगते हैं, फिर भी टोकन नहीं कटता। मनबोध इसी तनाव में टूट गया।”

खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव का बयान— ‘सरकार की लचर व्यवस्था से किसान परेशान’

घटना के बाद खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव का भी बयान सामने आया है। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार की ढीली धान खरीदी व्यवस्था पर सवाल उठाए।

विधायक का कहना है—
“पीड़ित किसान सरकार की पूरी व्यवस्था से परेशान था। टोकन के लिए लगातार चक्कर काट रहा था। प्रशासन की लापरवाही के कारण उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। यह बेहद गंभीर मामला है। हम इसकी निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।”

उन्होंने बताया कि वे जल्द ही अस्पताल जाकर किसान और उसके परिवार से मिलेंगे तथा जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करेंगे।

धान खरीदी व्यवस्था की खुली पोल

इस घटना ने धान खरीदी प्रणाली की वास्तविक जमीनी स्थिति को उजागर कर दिया है—

  • किसान टोकन के लिए दर-दर भटक रहे

  • खरीदी केंद्रों में अफसर नदारद

  • पोर्टल ठप, टोकन प्रक्रिया अव्यवस्थित

  • किसान तनाव में

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले बता रहे हैं कि समर्थन मूल्य योजना की जमीन पर हालत गंभीर है।

ग्रामीणों की मांग— दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो

गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि—

  • टोकन प्रक्रिया को ठीक किया जाए

  • जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई हो

  • सभी किसानों को समय पर धान बेचने का अवसर मिले

फिलहाल किसान मनबोध गांडा की हालत नाजुक बनी हुई है।