ब्रेकिंग न्यूज़: रायगढ़ में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज
रायगढ़: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ प्रशासन ने जंग छेड़ दी है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत तमनार क्षेत्र के आमाघाट से लेकर लैलूंगा विकासखंड तक व्यापक कार्यवाही की जा रही है।
अभियान की विस्तृत जानकारी
प्रशासन ने पिछले 72 घंटों में तमनार, घरघोड़ा, खरसिया, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ में ड्रोन सर्वेक्षण का भी सहारा लिया है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने बताया कि इस अभियान के तहत अवैध मादक पदार्थों की खेती पर प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक से डेढ़ सप्ताह में जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों का गहन विश्लेषण किया गया है, जिसमें अफीम की खेती के मामले सामने आए हैं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने कहा कि 19 मार्च को एक मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर तमनार क्षेत्र के आमाघाट में छापेमारी की गई। इस छापेमारी में क़रीब 60,326 अफीम के पौधे बरामद किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और खेत को पूर्ण रूप से नष्ट कर दिया गया है।
इसी तरह, 23 मार्च को लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव में भी अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आया। यहां खेतों में साग-भाजी के बिच छिपाकर अवैध अफीम की खेती की जा रही थी, जिसे समय पर जब्त किया गया।
नागरिकों से अपील
स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि वे किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों के बारे में जानें, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। ऐसा करके हम सभी मिलकर इस तरह की गतिविधियों पर नकेल कस सकते हैं और समाज को सुरक्षित रख सकते हैं।
निष्कर्ष
रायगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चल रहा यह अभियान प्रशासन की दृढ़ता और गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने साफ किया है कि इस प्रकार के अपराधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि समाज को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सके।