भारत का 6जी मिशन: कन्वर्जेंस इंडिया पैनल ने 2030 की योजना तैयार की

ब्रेकिंग न्यूज़: भारत ने 2030 तक 6G प्रौद्योगिकी की दिशा में कदम बढ़ाया

भारत ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में 23 मार्च 2026 को आयोजित हुए Convergence India 2026 सम्मेलन में 6G के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इस सम्मेलन में उद्योग के प्रमुख विशेषज्ञों ने “2030 तक 6G: भारत का अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी में कदम” शीर्षक के तहत विचार-विमर्श किया।

भारत की 6G आकांक्षाएँ और चुनौतियाँ

पैनल में मौजूद विशेषज्ञों ने भारत की अंतरराष्ट्रीय 6G दौड़ में आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति को स्पष्ट किया। देश ने 4G में पीछे रहने और 5G में बराबरी करने के बाद अब 6G में अग्रणी बनने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए, भारत ने 2030 के आसपास व्यावसायिक रूप से तैयार होने का रोडमैप तैयार किया है और वैश्विक 6G पेटेंट में कम से कम 10% हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत Bharat 6G Vision, Bharat 6G Alliance, और विस्तारित परीक्षण क्षेत्रों जैसे पहलों को शामिल किया जाएगा।

प्रमुख वक्ता और उनके विचार

इस पैनल में बात करने वाले मुख्य विशेषज्ञों में शामिल थे:

  • ए के मित्तल, निदेशक जनरल, टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसायटी ऑफ इंडिया (TSDSI)
  • अंबिका खुराना, प्रमुख नियामक और कॉर्पोरेट मामलों की अधिकारी, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड
  • राकेश कुमार, कार्यकारी निदेशक, टेलीकम्युनिकेशंस कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (TCIL)
  • मनोज गुर्णानी, CTO और रणनीति प्रमुख, नोकिया इंडिया

इनमें से प्रत्येक ने 6G की दिशा में आवश्यक तकनीकी प्रगति के बारे में महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।

6G के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकी और नीतिगत सुधार

पैनल ने बताया कि 5G से 6G में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव होंगे, जैसे टेराहर्ट्ज़ स्पेक्ट्रम, AI-प्राकृतिक नेटवर्क डिज़ाइन, अल्ट्रा-लो लेटेंसी, और विस्तृत औद्योगिक अनुप्रयोगों का समर्थन। इनमें XR, होलोग्राफिक संचार, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और स्वायत्त प्रणालियाँ शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ये प्रगति भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और उद्योग 4.0 के लिए नई संभावनाएँ खोल सकती हैं। साथ ही, उन्होंने भारत के सामने आने वाली चुनौतियों को भी रेखांकित किया, जैसे गहरे फाइबराइजेशन, घरेलू उपकरण और उपकरण निर्माण, टेलीकॉम-AI-चिप डिज़ाइन प्रतिभा, और नीति समन्वय में कमी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारत अपनी 6G दृष्टि को वास्तविकता में बदलना चाहता है, तो उसे अपनी अवसंरचना, कौशल, और मानकों में तेजी से सुधार करना होगा।

इस सम्मेलन का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं था, बल्कि इसे आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने की दिशा में एक मंच प्रदान करना भी था।

कंपनी का नाम: Communications Today इस आयोजन का संचार साझेदार है, जो कि प्रौद्योगिकी और संचार के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है।

CT ब्यूरो: यह खबर नवीनतम तकनीकी प्रगति और औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहलू को उजागर करती है। भारत की 6G यात्रा की बारीकी से निगरानी करना आवश्यक है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश आगामी डिजिटल क्रांति में प्रमुख भूमिका निभा सके।

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