ब्रेकिंग न्यूज़: खल्लारी माता मंदिर में रोपवे हादसे की लापरवाही का खुलासा
रायपुर, 24 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले स्थित प्रसिद्ध खल्लारी माता मंदिर में हाल ही में हुए रोपवे हादसे में गंभीर लापरवाही की बातें सामने आई हैं। जांच के दौरान पता चला कि रोपवे के संचालन का जिम्मा संभालने वाली कंपनी ‘रोपवे एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’, कोलकाता, पहले से ही ब्लैक लिस्टेड है।
ब्लैक लिस्टेड कंपनी की सुरक्षा पर सवाल
महासमुंद प्रशासन के अनुसार, इस कंपनी के कर्मचारियों ने पहले भी अन्य राज्यों में ऐसे हादसे किए हैं। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में 2016 और 2021 में इसी कंपनी के कार्यकाल में दो जानें गई थीं। 22 मार्च को खल्लारी मंदिर में हुई घटना में श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रॉली 20 फीट नीचे खाई में गिर गई। इस हादसे में रायपुर निवासी आयुषी धावरे (28) की मौत हुई और 16 अन्य लोग घायल हुए।
तकनीकी जांच में सामने आई गंभीर खामियां
23 मार्च को पीडब्ल्यूडी और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने हादसे के स्थल का दौरा किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रोपवे की केबल और सुरक्षा उपकरणों का तकनीकी परीक्षण काफी समय से नहीं किया गया था। इसके अलावा, मेंटेनेंस लॉग बुक में कई खामियां पाई गईं हैं। यह भी सामने आया कि यहां तैनात छह कर्मचारी प्रशिक्षित इंजीनियर नहीं हैं और कंपनी उनके सीधे वेतन का भुगतान नहीं करती।
सिस्टम की जिम्मेदारी और सुरक्षा की अनदेखी
पुलिस ने कंपनी के दो स्थानीय कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्रशासन का कहना है कि मार्च 2024 से चालू इस रोपवे की सुरक्षा निगरानी किसी भी सरकारी विभाग द्वारा नहीं की गई थी। स्थानीय विधायक की पहल से कंपनी को खल्लारी लाया गया था, फिर भी सुरक्षा जांच के कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
निष्कर्ष
इस हादसे ने न केवल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन को अनदेखी करने के परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं। अब सभी की नज़र इस मामले की विस्तृत जांच और उचित कार्रवाई पर है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
