ब्रेकिंग न्यूज़: शिक्षकों की समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री से वार्ता
शालेय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मिलकर अपनी समस्याएं रखीं। प्रांतीय प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे वीरेंद्र दुबे ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और समस्या के समाधान की मांग की। इस बैठक में शिक्षा मंत्री ने सकारात्मकता दिखाते हुए सुझाव मांगे और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।
TET की अनिवार्यता पर चिंता
वीरेंद्र दुबे ने बैठक में शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्होंने मांग की कि RTE के पहले नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखा जाए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय परीक्षा का आयोजन ऐसी तरीके से किया जाए कि किसी भी शिक्षक का अहित न हो। शिक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले में उचित कदम उठाएंगे।
भर्ती पदोन्नति नियम में संशोधन की आवश्यकता
प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने बताया कि संगठन ने भर्ती पदोन्नति नियम 2026 में व्यापक बदलाव की मांग की है। उन्होंने कहा कि नया नियम 2 लाख LB शिक्षक वर्ग के साथ पक्षपाती प्रतीत हो रहा है। संगठन ने इस पर नाराजगी व्यक्त की और मंत्री से विस्तृत सुझाव मांगे। शिक्षा मंत्री ने भर्ती पदोन्नति नियम पर जल्दी कार्यवाही का आश्वासन दिया।
विवादित युक्तियुक्तकरण पर चर्चा
प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और प्रांतीय मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि संगठन ने विवादित युक्तियुक्तकरण मामले को निस्तारित करने की मांग की। पीड़ित शिक्षकों के लंबित वेतन की भुगतान की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा, प्राचार्य के 10% पद पर शीघ्र विभागीय परीक्षा आयोजित करने की भी मांग की गई। इस पर शिक्षा मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उचित निर्देश दिए।
निष्कर्ष
यह बैठक शालेय शिक्षक संघ और शिक्षा मंत्री के बीच सकारात्मक चर्चाओं का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए उठाए गए कदम निश्चित रूप से शिक्षकों की चिंताओं को कम करने में सहायक होंगे। उम्मीद है कि सरकार जल्द से जल्द इन मांगों पर निर्णय लेगी।
