ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच की स्थिति में सुधार
रायपुर, 27 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच की हालात सुधारने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल के दिनों में अस्पतालों में रीएजेंट, मशीनों और मैनपावर की कमी के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी। लेकिन अब इस मुद्दे का समाधान निकाला गया है।
जांच की व्यवस्था बेहतर करने की दिशा में कदम
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पिछले कुछ समय से पैथोलॉजी जांच की सुविधाएं गंभीर संकट में थीं। विभिन्न अस्पतालों में कहीं मशीन नहीं हैं तो कहीं रीएजेंट की कमी। कुछ अस्पतालों में मशीन और रीएजेंट हैं लेकिन मैनपावर की कमी है। इसलिए, सही तरीके से जांच प्रक्रिया नहीं हो पा रही थी। पूर्व में हुए 400 करोड़ रुपये के रीएजेंट घोटाले के बाद, स्वास्थ्य विभाग ने नई खरीद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इस समस्या का हल निकालते हुए, राज्य सरकार ने सरकारी कंपनी एचएलएल लाइव केयर लिमिटेड के साथ एक समझौता (एमओयू) किया है। यह कंपनी अब सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच की सुविधाएं प्रदान करेगी।
नए सिस्टम के अंतर्गत लागू सेवाएँ
एचएलएल लाइव केयर कंपनी प्राइवेट लैब की तरह तेज और विश्वसनीय जांच रिपोर्ट प्रदान करेगी। इसके तहत राज्य के सभी पांच संभागीय मुख्यालयों पर जांच लैब स्थापित की जा रही हैं। यहां पर जांच रिपोर्ट को रैंडमली चेक किया जा सकेगा, जिससे गुणवत्ता की निगरानी की जा सकेगी। इसके अलावा, सभी जिलों में एडवांस लेबोरेटरी बनाई जाएगी, जिसमें विशेष रनर रखे जाएंगे, जो सैंपल को समय पर लैब तक पहुंचाएंगे।
एक अप्रैल से शुरू होगी इंट्रीग्रेटेड पैथो टेस्ट सेवा
इस नई सेवा का नाम "इंट्रीग्रेटेड पैथो टेस्ट" रखा गया है, जो एक अप्रैल 2026 से शुरू होगी। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने इसकी समीक्षा की है और निर्देश दिया है कि इसे प्रारंभिक चरण में बस्तर से शुरू किया जाए। डायरेक्टर हेल्थ संजीव झा के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि दो-तीन महीनों के भीतर इस सेवा को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
निष्कर्ष
इस नई पहल के साथ, छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच की स्थिति में सुधार होगा। इससे मरीजों को सही और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। सरकार की यह योजना न केवल जांच प्रक्रिया को सुधारेगी, बल्कि अस्पतालों में मैनपावर और उपकरणों के उपयोग को भी बेहतर बनाएगी। आशा है कि इस प्रणाली से जनता को चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर और अधिक गुणवत्ता के साथ मिलेगा।
