ब्रेकिंग न्यूज़: छत्तीसगढ़ में अवैध गांजे की खेती का भंडाफोड़
कोंडागांव, 27 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती का मामला तूल पकड़ने के बाद अब पुलिस ने गांजे की अवैध खेती का भी खुलासा किया है। मक्के के खेतों में छिपकर की जा रही गांजे की खेती की जानकारी मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और दो किसानों को गिरफ्तार किया है।
छत्तीसगढ़ में रबी फसलों के बीच गांजे की खेती
छत्तीसगढ़ के केशकाल विकासखंड क्षेत्र में पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने मक्के की फसल के बीच अवैध गांजे के पौधों की खेती का भंडाफोड़ किया। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि यहां मक्के के साथ-साथ गांजा भी उगाया जा रहा है। मौके पर पहुंचकर जब अधिकारियों ने खेतों का निरीक्षण किया, तो बड़े-बड़े गांजे के पौधे मक्के की फसल के बीच छिपे मिले। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अवैध तरीके से गांजे की खेती की जा रही थी।
पहले भी हो चुके हैं अफीम की खेती के मामले
इससे पहले, छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बलरामपुर और रायगढ़ जिले में अफीम की खेती के कई मामलों का खुलासा हुआ था। यहां तरबूज और ककड़ी की फसलों के बीच करीब एक एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की गई थी। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर एक्शन लिया और अवैध खेती पर रोक लगाई।
पुलिस की जागरूकता और कार्रवाई
विशेषज्ञों के मुताबिक, अवैध खेती के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य न केवल गांजे और अफीम की खेती पर रोक लगाना है, बल्कि इस प्रकार की गतिविधियों को खत्म करना भी है जो युवा पीढ़ी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। पुलिस ने स्थानीय जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में अवैध गांजे और अफीम की खेती की लगातार बढ़ती घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें इस दिशा में अपना काम कर रही हैं, लेकिन जनता की जागरूकता भी इस लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ऐसे मामलों को समय रहते पकड़ना न केवल कानून व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करेगा, बल्कि समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी कम करेगा।
