बड़ी खबर: यमन के हूथियों ने इज़राइल पर किया पहला हमला
यमन के हूथियों ने इज़राइल पर पहली बार हमला किया है। यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए थे। इससे एक नया मोर्चा खुल गया है, जिसने न केवल हजारों लोगों की जान ली है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी झटका दिया है।
हूथियों का नया हमलावर रुख
हूथियों ने शनिवार को 24 घंटे के भीतर इज़राइल पर दो बार मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हालांकि, इज़राइल की सेना ने इन हमलों को रोकने का दावा किया है। हूथियों ने यह स्पष्ट किया है कि वे "फिलिस्तीन, लेबनान, इराक, और ईरान में प्रतिरोध मोर्चों का समर्थन करते हुए" लड़ाई जारी रखेंगे।
हूथियों ने पहले इस संघर्ष में भाग नहीं लिया था, लेकिन उनका ताजा रुख चौंकाने वाला है। अतीत में, उन्होंने गाजा में इज़राइल के हमले के दौरान लाल सागर में जहाजों पर हमले किए थे, जिससे वहां के वाणिज्यिक यातायात पर काफी असर पड़ा था।
युद्ध का असर नागरिकों पर
हूथियों का यह हमला तब हुआ जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को Rubio ने कहा कि अमेरिका अगले कुछ हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई समाप्त करने की उम्मीद कर रहा है। इस बीच, अमेरिकी मरीन की नई टुकड़ियाँ क्षेत्र में पहुँचने लगी हैं।
अमेरिका और इज़राइल ने पिछले 24 घंटों में बमबारी की है, जिसमें इज़राइल की सेना ने एक ईरानी अनुसंधान केंद्र को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया ने बताया है कि एक आवासीय इलाके पर हमले में कम से कम पांच लोग मारे गए हैं।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस संघर्ष की शुरुआत से अब तक 1,937 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 230 बच्चे शामिल हैं। ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने बताया कि अमेरिकी-इज़राइली हमलों ने 93,000 से अधिक नागरिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया है।
लेबनान में हो रही बर्बादी
इज़राइल में युद्ध की भयानकता लेबनान तक पहुँच चुकी है। लेबनानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इज़राइल के हमलों में 1,189 लोग मारे गए हैं। इज़राइल की सेनाएँ दक्षिण की तरफ आगे बढ़ रही हैं, जिससे हिज़्बुल्ला को खत्म करने और एक बफर ज़ोन बनाने का प्रयास कर रही हैं।
शनिवार को हुए एक इज़राइली हमले में दक्षिण लेबनान में तीन पत्रकारों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस युद्ध के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों में अब तक 51 की मौत हो चुकी है।
इस बीच, हिज़्बुल्ला ने इज़राइल पर हमला करते हुए कई ऑपरेशनों का दावा किया है।
संदिग्ध संदेश और आगे की संभावनाएँ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला तो वह ईरानी ऊर्जा ढांचे पर हमले कर सकता है। हालांकि, उन्होंने इस मामले में जवाब देने के लिए ईरान को 10 दिन और दिए हैं।
पाकिस्तान, जो अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है, ने संकट पर चर्चा के लिए क्षेत्रीय शक्तियों के विदेश मंत्रियों को इस्लामाबाद बुलाया है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्री इश्क़ दार ने ईरान के साथ बातचीत में क्षेत्र में सभी हमलों और संघर्षों को समाप्त करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।
यह घटनाक्रम न केवल मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आर्थिक हालात पर असर डाल रहा है। सभी की नजर इस संघर्ष पर बनी हुई है, जो एक बार फिर से वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है।
