ब्रेकिंग न्यूज: रायगढ़ पुलिस ने नशे के खिलाफ शुरू किया ‘ऑपरेशन आघात’
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस ने अवैध शराब और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पिछले दो महीनों में लगभग 4 करोड़ रुपये की शराब जब्त की गई है, और इस सिलसिले में 394 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान
26 जनवरी को जिले में पदभार ग्रहण करते ही एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। “ऑपरेशन आघात” नामक इस अभियान के तहत पुलिस ने न केवल अवैध शराब का व्यापार करने वालों पर कार्रवाई की, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करने वालों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। इस दौरान 357 प्रकरण दर्ज किए गए और 367 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने 2845 लीटर विभिन्न प्रकार की (देसी, अंग्रेजी और महुआ) शराब जब्त की, जिसमें 2612 लीटर महुआ शराब शामिल है। इस सख्ती के चलते सीमावर्ती ओडिशा राज्य से महुआ शराब की अवैध तस्करी पर भी रोक लगा दी गई है।
गांजा और अफीम तस्करी पर कार्रवाई
रायगढ़ पुलिस ने उड़ीसा मार्ग से चल रहे गांजा तस्करी नेटवर्क पर भी प्रभावी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में पिछले दो महीनों में 16 प्रकरणों में 27 गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 100 किलो से अधिक गांजा जब्त किया गया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 25 लाख 50 हजार रुपये है।
इसके साथ ही, अवैध अफीम की खेती के खिलाफ भी नजर रखी गई है। तमनार क्षेत्र के आमाघाट, लैलूंगा तहसील के नवीन घटगांव और मुडागांव में कुल 4 प्रकरण दर्ज करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में 2963 किलो अवैध अफीम (पौधों सहित) बरामद की गई, जिसकी बाजार में कीमत 4 करोड़ 18 लाख रुपये से अधिक है।
व्यापक कार्रवाई में बड़ी सफलता
समग्र रूप से “ऑपरेशन आघात” के तहत रायगढ़ पुलिस ने पिछले दो महीनों में लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये के मादक पदार्थों को जब्त किया है। इस अभियान में उपयोग में लाए गए 21 दुपहिया और 3 चार पहिया वाहनों को भी जब्त किया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा है, “नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस ने एक सख्त अभियान छेड़ा है। अगर आपके इलाके में अवैध गतिविधियां चल रही हैं, तो मुझे 9479193200 पर सूचित करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”
निष्कर्ष
रायगढ़ पुलिस की यह पहल साबित करती है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने दिखा दिया है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई एक निरंतर प्रक्रिया है। जनता की भागीदारी भी इस मुहिम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।