ब्रेकिंग न्यूज़: जल संरक्षण पर प्रधानमंत्री मोदी का विशेष संबोधन
छत्तीसगढ़ में जल संकट से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की प्रशंसा
रायपुर, 29 मार्च 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में चलाए जा रहे “मोर गांव मोर पानी” महा अभियान का जिक्र किया। उन्होंने इस अभियान के तहत गांवों में किए गए नवाचारों की सराहना करते हुए विशेष रूप से ‘5% मॉडल’ को प्रभावी बताया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह मॉडल सतत् विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण है।
जल छायांकन में सामुदायिक प्रयासों की महत्ता
प्रधानमंत्री मोदी ने जल संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए पिछले 11 वर्षों में चले ‘जल संचय अभियान’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर में लगभग 50 लाख आर्टिफिशियल वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित की गई हैं। उन्हें यह देखकर प्रसन्नता हुई कि अब गांवों में सामुदायिक स्तर पर जल संकट से निपटने के लिए सक्रियता दिखाई दे रही है।
कोरिया के किसानों की अनोखी पहल
प्रधानमंत्री ने कोरिया के किसानों द्वारा अपनाई गई एक सरल और प्रभावशाली तकनीक की सराहना की। किसानों ने अपने खेतों में छोटे-छोटे रिचार्ज तालाब और सोखता गड्ढे बनाकर बारिश के पानी को सहेजने का कार्य किया है। इस प्रयास से बारिश का जल खेतों में रुकने लगा है और धीरे-धीरे यह जमीन के अंदर जाने लगा है। इस संदर्भ में, प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरिया क्षेत्र के 1200 से अधिक किसान इस मॉडल को अपनाकर जल स्तर में सुधार ला रहे हैं।
निष्कर्ष: जल संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रयास की आवश्यकता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह संबोधन जल संरक्षण के महत्व को उजागर करता है और दर्शाता है कि सामुदायिक प्रयासों से ही हम जल संकट का सामना कर सकते हैं। ‘मोर गांव मोर पानी’ महा अभियान जैसे नवाचार, चाहे वे छोटे ही क्यों न हों, लेकिन वे हमारे पर्यावरण को बचाने और गांवों में जल सहेजने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं। वर्तमान में जब जल संकट एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है, ऐसे प्रयासों की सख्त आवश्यकता है।