Homeछत्तीसगढ़मानसून पहुंचा छत्तीसगढ़ की दहलीज पर, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मानसून पहुंचा छत्तीसगढ़ की दहलीज पर, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन का इंतजार अब जल्द खत्म होने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून प्रदेश की सीमा के करीब पहुंच चुका है और अनुकूल मौसमीय परिस्थितियों को देखते हुए बस्तर संभाग से अगले कुछ घंटों में इसकी एंट्री होने की संभावना है। मानसून की दस्तक के साथ प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होने और तापमान में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि पिछले चार दिनों से मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ गई है, जिसके कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर एक बार फिर बढ़ गया है। प्री-मानसून गतिविधियों में कमी आने से बीते 24 घंटों के दौरान अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की घटनाएं भी देखने को मिलीं।

सक्रिय द्रोणिका का असर, मौसम में लगातार बदलाव

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक सक्रिय द्रोणिका (ट्रफ लाइन) मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश तक फैली हुई है। इसी मौसमी प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है।

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक प्रदेश में इसी प्रकार का मौसम बने रहने के आसार हैं।

रायपुर में बादल और हल्की बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

राजनांदगांव रहा सबसे गर्म, पेंड्रारोड सबसे ठंडा

प्रदेश के तापमान आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले 24 घंटों में राजनांदगांव सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

बारिश के आंकड़ों के अनुसार कुसमी में सर्वाधिक 5 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा ओरछा में 4 सेंटीमीटर, पिपरिया में 3 सेंटीमीटर तथा बड़े बचेली और थानखमरिया में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं भैरमगढ़, माकड़ी, ओडगी, पंधरिया और बोड़ला समेत कई क्षेत्रों में हल्की वर्षा दर्ज की गई।

किसानों और आम लोगों को मिलेगी राहत

मौसम विभाग का मानना है कि जैसे ही मानसून प्रदेश में पूरी तरह प्रवेश करेगा, बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होगी। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। वहीं किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि कार्यों की तैयारियों में भी मदद मिलेगी।

फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

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