महासमुंद। नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एक शासकीय कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नयापारा वार्ड क्रमांक 6 निवासी गेंददास मानिकपुरी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रायपुर निवासी रवि कुमार दुबे, जो वर्तमान में पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास महासमुंद में भृत्य के पद पर कार्यरत है, ने उसे सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर लाखों रुपये ले लिए।
शिकायत में बताया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से निकली भर्ती में चपरासी एवं भृत्य पद पर नियुक्ति कराने का प्रलोभन देकर आरोपी ने अलग-अलग किश्तों में राशि प्राप्त की। आवेदक के अनुसार 6 सितंबर 2022 को 60 हजार रुपये तथा 9 अक्टूबर 2022 को 52 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके बाद दो माह पश्चात आरोपी को 3 लाख 88 हजार रुपये नगद दिए गए। इस प्रकार कुल 5 लाख रुपये आरोपी को सौंपे गए।
नौकरी नहीं लगी, पैसे लौटाने का दिया था आश्वासन
आवेदक का आरोप है कि निर्धारित समय में नौकरी नहीं लगने पर उसने फरवरी 2023 में आरोपी से संपर्क किया। इस दौरान आरोपी ने पैसे वापस लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में लगातार टालमटोल करता रहा। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देता था।
पहले भी की थी शिकायत
पीड़ित ने बताया कि उसने 7 जून 2023 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला जनदर्शन के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, जहां से जांच के निर्देश दिए गए।
जांच में आरोप पाए गए सही
महासमुंद थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक द्वारा की गई जांच में शिकायत के तथ्यों की पुष्टि हुई। जांच में पाया गया कि आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर शिकायतकर्ता से रकम प्राप्त की थी। मामले में प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी से संबंधित धारा 420 के तहत अपराध घटित होना पाया गया।
पुलिस ने आरोपी रवि कुमार दुबे के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है। अब पुलिस आर्थिक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।


Recent Comments