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महासमुंद, वैद्य फूड में आधी रात प्रशासन की दबिश, 200 किलो पनीर जब्त; जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने की करीब तीन घंटे जांच

महासमुंद, 17 अगस्त 2026। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड में देर रात दबिश दी। कार्रवाई के दौरान करीब 200 किलो पनीर जब्त किया गया है।

कार्रवाई एसडीएम अक्षा गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई। संयुक्त टीम रात करीब 12 बजे वैद्य फूड पहुंची और लगभग तीन घंटे तक संस्थान में जांच की।

आधी रात को चल रहा था पनीर निर्माण

रात में जांच के दौरान मौके पर पनीर का निर्माण किए जाने की स्थिति सामने आई। पनीर की गुणवत्ता और उसके निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद मौके पर उपलब्ध करीब 200 किलोग्राम पनीर को जब्त कर लिया गया।

कार्रवाई के दौरान तहसीलदार जुगल किशोर, नायब तहसीलदार हरीश ध्रुव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी शंखनाद भोई सहित पुलिस विभाग की टीम मौजूद रही।

सील कोल्ड स्टोरेज खोलकर भी हुई जांच

अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान सील किए गए कोल्ड स्टोरेज में रखी खाद्य सामग्री की भी नियमानुसार जांच की। पनीर की वास्तविक गुणवत्ता और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की पुष्टि के लिए पनीर का नमूना लिया गया, जिसे जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।

प्रशासन ने मौके पर मौजूद खाद्य सामग्री और निर्माण प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी भी जुटाई है।

जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई

अभिहित अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि जब्त पनीर का नमूना राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानून और संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जब्त पनीर मानकों के अनुरूप है या नहीं। अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और प्रतिबंधित अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण रखना है। अधिकारियों के अनुसार उपभोक्ताओं की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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