Homeछत्तीसगढ़महासमुंद टोनही प्रताड़ना मामला: 23 आरोपियों में से 21 की अग्रिम जमानत...

महासमुंद टोनही प्रताड़ना मामला: 23 आरोपियों में से 21 की अग्रिम जमानत खारिज, कोर्ट ने गंभीरता देखते हुए याचिका की निरस्त

महासमुंद। जिले के बागबाहरा थाना क्षेत्र में महिला को कथित रूप से टोनही (डायन) बताकर प्रताड़ित करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। न्यायालय के आदेश पर 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत (एंटीसिपेटरी बेल) की अर्जी लगाई थी। हालांकि, महासमुंद जिला एवं सत्र न्यायालय ने 21 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।

इस मामले में बागबाहरा थाना पुलिस ने न्यायालय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, 2005 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत 23 नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।

22 जुलाई को लगाई थी अग्रिम जमानत याचिका

जानकारी के अनुसार, 23 आरोपियों में से 21 लोगों ने 22 जुलाई को महासमुंद जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। मामले में 29 जुलाई को दोनों पक्षों की विस्तृत बहस हुई। इसके बाद 31 जुलाई को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए सभी 21 आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने रखे गंभीर तथ्य

पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता शिवा आर्तत्राण पवार ने न्यायालय में पैरवी करते हुए दलील दी कि आरोपी पक्ष के कुछ लोगों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड (क्रिमिनल हिस्ट्री) रहा है और वे पूर्व में जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने यह भी तर्क रखा कि जमानत आवेदन के दौरान न्यायालय से महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया।

अधिवक्ता की दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।

टोनही प्रताड़ना का है मामला

इससे पहले बागबाहरा निवासी पीडित पक्ष की शिकायत पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के आदेश के बाद पुलिस ने 24 जुलाई को 23 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत में महिला और उसके परिवार को कथित रूप से टोनही बताकर प्रताड़ित करने, गाली-गलौज, धमकी और सामाजिक बहिष्कार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments