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मानव तस्करी मामले में बड़ा अपडेट: पुलिस ने मांगी थी 29 सितंबर तक रिमांड, अदालत ने नहीं दी; पांचों आरोपी जेल भेजे गए

न्यायिक मजिस्ट्रेट पारुल साय के समक्ष हुई सुनवाई, पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज होने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया

महासमुंद। मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी और बाल मजदूरी से जुड़े कथित सिंडिकेट मामले में गिरफ्तार पांचों आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया है। आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट महासमुंद पारुल साय के समक्ष पेश किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच और पूछताछ के लिए 29 सितंबर 2026 तक पुलिस रिमांड मांगी थी, लेकिन न्यायालय ने पुलिस रिमांड नहीं दी। इसके बाद सभी पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

महासमुंद पुलिस ने इस मामले में मानव तस्करी के कथित नेटवर्क का खुलासा करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ मजदूरों को दूसरे राज्यों में भेजने, बंधुआ मजदूरी और नाबालिगों के शोषण से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

10 ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी

पुलिस की कार्रवाई के दौरान महासमुंद और ओडिशा से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई में ₹1 करोड़ 48 लाख 54 हजार 750 रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा मजदूरों से संबंधित रजिस्टर-डायरी, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस ने मुकेश चंद्राकर को कथित नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताते हुए उसके साथ लता सबर, जगत गुप्ता उर्फ मनीष गुप्ता, नंदकुमार मोहंती उर्फ नंदू और पीयूष अग्रवाल उर्फ फुन्नू सेठ को गिरफ्तार किया था।

पुलिस ने रिमांड में पूछताछ की मांग की थी

पुलिस की ओर से अदालत में आरोपियों को 29 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर देने की मांग की गई थी। पुलिस का कहना था कि मामले की जांच के लिए आरोपियों से पूछताछ आवश्यक है तथा बरामद मोबाइल, बैंक दस्तावेज और अन्य सामग्री के आधार पर कथित नेटवर्क की कड़ियों की पड़ताल की जानी है।

हालांकि, सुनवाई के बाद न्यायालय ने पुलिस रिमांड नहीं दी और पांचों आरोपियों को जेल भेजने का आदेश दिया।

आगे की जांच जारी

पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल फोन, दस्तावेजों और मजदूरों के पलायन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं और मजदूरों को किन-किन स्थानों पर भेजा गया था।

खल्लारी थाने में दर्ज है मामला

इस मामले में थाना खल्लारी अपराध क्रमांक 104/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रकरण में बीएनएस की धारा 143(2), 143(3), 143(4), 3(5) तथा संगठित अपराध से संबंधित धारा 111 के तहत कार्रवाई की गई है।

फिलहाल पांचों आरोपी जेल में हैं और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

नोट: आरोप पुलिस जांच और दर्ज प्रकरण पर आधारित हैं। आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

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