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महासमुंद: तालाब में ‘मगरमच्छ’ की खबर से मचा हड़कंप, सरपंच ने कराई मुनादी; वन विभाग ने खोला राज

पिथौरा। पिथौरा विकासखंड के ग्राम गड़बेड़ा स्थित मझआ तालाब में मगरमच्छ देखे जाने की खबर से मंगलवार सुबह गांव में हड़कंप मच गया। तालाब में मगरमच्छ होने की सूचना जैसे ही ग्रामीणों तक पहुंची, लोगों में डर का माहौल बन गया। देखते ही देखते बात पूरे गांव में फैल गई और ग्रामीण तालाब के आसपास जाने से बचने लगे।

ग्रामीणों ने मामले की जानकारी ग्राम सरपंच को दी। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सरपंच की ओर से तत्काल गांव में मुनादी कराई गई कि कोई भी ग्रामीण तालाब के पास न जाए और तालाब में नहाने के लिए बिल्कुल न उतरे। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील भी की गई।

मगरमच्छ की खबर से बढ़ी दहशत

मझआ तालाब में मगरमच्छ होने की बात सुनकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। पानी में दिखाई देने वाली हलचल को लेकर भी आशंका जताई जाने लगी। मामले की सूचना वन विभाग को दी गई, जिसके बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया।

हालांकि, जांच के बाद तस्वीर कुछ और ही सामने आई।

रेंजर बोले- ‘मगरमच्छ नहीं, मछलियों का झुंड रहा होगा’

वन विभाग के रेंजर अतरंग पांडेय ने बताया कि तालाब में मगरमच्छ होने की पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पानी में दिखाई देने वाली हलचल मछलियों के झुंड की वजह से रही होगी।

रेंजर ने यह भी बताया कि मझआ तालाब में हाल ही में मछली के नए बीज डाले गए हैं। ऐसे में तालाब में बड़ी संख्या में मछलियां मौजूद हैं और पानी में उनका झुंड दिखाई देने से किसी को मगरमच्छ होने का भ्रम हो सकता है।

‘मछली पकड़ने न जाएं, इसलिए फैलाई गई अफवाह?’

रेंजर अतरंग पांडेय के मुताबिक, एक तरह से यह अफवाह फैलाए जाने जैसा मामला प्रतीत होता है। उन्होंने आशंका जताई कि तालाब में हाल ही में मछली के बीज डाले जाने के कारण लोग मछली पकड़ने के लिए वहां न जाएं, इसके लिए भय पैदा करने के उद्देश्य से मगरमच्छ होने की बात कही गई होगी।

हालांकि, वन विभाग ने एहतियात के तौर पर मौके पर निगरानी रखी है ताकि ग्रामीणों में किसी तरह की आशंका न रहे।

मुनादी के बाद ग्रामीण भी हुए सतर्क

मगरमच्छ की सूचना के बाद हुई मुनादी से ग्रामीणों में तालाब को लेकर सतर्कता बढ़ गई थी। लोग तालाब के पास जाने से बचते रहे। बाद में वन विभाग की जांच और रेंजर के बयान के बाद ग्रामीणों को राहत मिली।

फिलहाल मझआ तालाब में मगरमच्छ होने की पुष्टि नहीं हुई है। वन विभाग के अनुसार पानी में दिखाई देने वाली हलचल मछलियों के झुंड की वजह से होने की संभावना है। वहीं, तालाब में हाल ही में मछली के बीज डाले जाने के कारण ग्रामीणों से वहां मछली पकड़ने के लिए नहीं जाने की अपील भी की जा रही है।

एक छोटी-सी अफवाह ने कुछ ही देर में पूरे गांव में मगरमच्छ की दहशत पैदा कर दी, लेकिन वन विभाग की जांच के बाद कहानी का सच कुछ और ही निकला।

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