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छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी की हत्या, तीन दोषियों को फांसी; चौथे को उम्रकैद

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर डबल मर्डर केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। प्रधान आरक्षक की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में अदालत ने कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह और चंद्रकांत चौधरी को फांसी की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे दोषी आर्यन उर्फ गोल्डी विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा दी गई है।

मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत में हुई। 29 सितंबर को अदालत ने चारों आरोपियों को हत्या सहित संबंधित गंभीर धाराओं में दोषी करार दिया था। इसके बाद 8 अक्टूबर को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई और अदालत ने तीन दोषियों को मृत्युदंड तथा एक को मृत्यु पर्यंत कारावास की सजा सुनाई।

13 अक्टूबर 2024 की रात हुई थी वारदात

यह मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। सूरजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी नाबालिग बेटी की घर में हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच और अभियोजन के अनुसार, वारदात में धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। दोनों के शव बाद में घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंके गए थे। मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े आरोप भी शामिल थे।

वारदात का पता तब चला जब प्रधान आरक्षक ड्यूटी से घर लौटे। घर के अंदर खून के निशान मिले, जबकि उनकी पत्नी और बेटी वहां नहीं थीं। अगले दिन दोनों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी की हत्या, तीन दोषियों को फांसी; चौथे को उम्रकैद
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में मां-बेटी की हत्या, तीन दोषियों को फांसी; चौथे को उम्रकैद

पुराने विवाद से जुड़ा था मामला

अभियोजन के अनुसार, इस हत्याकांड की पृष्ठभूमि में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई से जुड़ा विवाद था। बताया गया कि उसके भाई संदीप साहू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था और बाद में पुलिस उसे थाने लेकर गई थी। थाने में मारपीट किए जाने के आरोप से कुलदीप नाराज था।

जांच में पुलिस ने कुलदीप साहू के साथ रिंकू उर्फ फूल सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन उर्फ गोल्डी विश्वकर्मा की भूमिका सामने आने की बात कही थी। चारों के खिलाफ अदालत में हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला चला।

वारदात से पहले पुलिसकर्मी पर हमला करने का आरोप

मामले में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, वारदात से पहले कुलदीप साहू ने पुलिसकर्मियों से भी विवाद किया था। उस पर एक पुलिसकर्मी पर खौलता तेल डालने और बाद में पुलिसकर्मियों को वाहन से कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगा था।

वाहन से पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश के मामले में कुलदीप साहू को अलग से 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी है।

हत्याकांड के बाद सूरजपुर में भड़का था आक्रोश

मां-बेटी की हत्या की खबर सामने आने के बाद सूरजपुर में लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। आरोपी की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज की और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया।

मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के फरार होने के बाद उसकी गिरफ्तारी बलरामपुर जिले में की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई गई।

29 सितंबर को चारों दोषी करार

करीब दो साल तक चली सुनवाई के बाद 29 सितंबर 2026 को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने सजा सुनाने के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की थी।

अब अदालत के फैसले के बाद कुलदीप साहू, रिंकू उर्फ फूल सिंह और चंद्रकांत चौधरी को फांसी, जबकि आर्यन उर्फ गोल्डी विश्वकर्मा को मरते दम तक उम्रकैद की सजा हुई है।

फैसले की खास बातें

  • कुलदीप साहू — फांसी
  • रिंकू उर्फ फूल सिंह — फांसी
  • चंद्रकांत चौधरी — फांसी
  • आर्यन उर्फ गोल्डी विश्वकर्मा — मरते दम तक उम्रकैद
  • 29 सितंबर 2026 — चारों दोषी करार
  • 8 अक्टूबर 2026 — सजा का ऐलान
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