महासमुंद। कोमाखान थाना क्षेत्र में गंभीर मारपीट के शिकार युवक चितरंजन पटेल (23) की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। युवक की मौत की खबर मिलते ही बकमा गांव के सैकड़ों ग्रामीण और परिजन शव लेकर सीधे कोमाखान थाना पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर प्रदर्शन किया।
विवाह समारोह में जाते समय हुआ था हमला
दर्ज एफआईआर और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, चितरंजन पटेल 15 अप्रैल 2026 की शाम अपनी मौसी के यहां ग्राम राटापाली में आयोजित विवाह कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। इसी दौरान ग्राम लामीसरार स्थित एक मुर्गी फार्म के पास पहले से घात लगाए बैठे टोंगोपानी निवासी दीपेश साहू, कुंजन साहू, मनबाय और उनके अन्य साथियों ने उसे रोक लिया।

आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने युवक पर लाठी, डंडे और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में चितरंजन गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी कमर की हड्डी टूट गई और सिर पर भी गंभीर चोटें आईं। आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल को भी क्षतिग्रस्त कर दिया और मौके से फरार हो गए।
“8 दिन बाद होश आया, तब बेटे ने बताए हमलावरों के नाम”
घटना के बाद युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान आदित्य अस्पताल महासमुंद में उसकी मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद मां लीलाबाई पटेल का रो-रोकर बुरा हाल है।
कोमाखान थाने के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा,
“मेरे बेटे को बेरहमी से पीटा गया। वह 7-8 दिन तक बेहोश रहा। होश आने पर उसने हमलावरों के नाम बताए। हम कई बार थाने पहुंचे, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई। अब मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए।”
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, हत्या की धारा जोड़ने की मांग
चितरंजन की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की गंभीरता के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में मामूली धाराओं के तहत मामला दर्ज किया, जिससे आरोपी खुलेआम घूमते रहे।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और मामले में हत्या की धारा नहीं जोड़ी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
थाना प्रभारी ने साधी चुप्पी
पूरे मामले में कोमाखान थाना प्रभारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए और उन्होंने किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।


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