Homeज्योतिष🪔 Diwali 2025: भ्रम में न रहें, इस तारीख को मनाएं दिवाली...

🪔 Diwali 2025: भ्रम में न रहें, इस तारीख को मनाएं दिवाली — जानें लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त

🌙 दिवाली की सही तारीख (Diwali 2025 Date)

हर साल कार्तिक अमावस्या को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। यह वह दिन होता है जब अंधेरी रात में दीपों की रोशनी से पूरा देश जगमगा उठता है।
इस बार कार्तिक अमावस्या तिथि

  • शुरू होगी: 20 अक्टूबर 2025, दोपहर 3:44 बजे

  • समाप्त होगी: 21 अक्टूबर 2025, शाम 5:55 बजे

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, प्रदोष और निशीत काल दिवाली पूजा के लिए आवश्यक होते हैं, जो इस बार 20 अक्टूबर की शाम को पड़ रहे हैं।
👉 इसलिए दीवाली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को मनाई जाएगी।


🕯️ लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त (Diwali 2025 Shubh Muhurat)

दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए तीन प्रमुख शुभ मुहूर्त रहेंगे —

1️⃣ प्रदोष काल: शाम 5:46 बजे से रात 8:18 बजे तक
2️⃣ वृषभ काल: शाम 7:08 बजे से रात 9:03 बजे तक
3️⃣ सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: शाम 7:08 से 8:18 बजे के बीच — यही समय लक्ष्मी-गणेश पूजा के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

इस दौरान पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।


🙏 कैसे करें दीपावली की पूजा (Diwali 2025 Puja Vidhi)

  • पूजा के लिए पूर्व दिशा या ईशान कोण में चौकी रखें।

  • चौकी पर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछाएं।

  • पहले भगवान गणेश और उनके दाहिने ओर मां लक्ष्मी की मूर्ति रखें।

  • गंगाजल से शुद्धिकरण करें और संकल्प लें।

  • एकमुखी घी का दीपक जलाकर पूजा आरंभ करें।

  • मां लक्ष्मी और गणेश जी को फूल, फल, मिठाई और खील-बताशे अर्पित करें।

  • मंत्र जाप करें, आरती करें और अंत में शंख ध्वनि करें।

🪔 पूजा के बाद घर के सभी कोनों में दीपक जलाएं —

  • मुख्य द्वार

  • छत

  • नल या पानी के स्थान के पास

  • उत्तर दिशा में विशेष रूप से दीपक रखना शुभ माना जाता है।


🎨 दीपावली पर क्या रखें सावधानियां (Diwali 2025 Precautions)

  • अधिक से अधिक मिट्टी के दीपों का उपयोग करें।

  • घर के मुख्य द्वार को खाली न रखें, वहां आम के पत्तों का वंदनवार जरूर लगाएं।

  • लक्ष्मी-गणेश की अलग-अलग प्रतिमाएं स्थापित करें, संयुक्त प्रतिमा नहीं।

  • घर में शुद्ध और सात्विक भोजन ही बनाएं।

  • पहले भगवान को भोग लगाएं, फिर परिवार संग भोजन करें।

  • जुआ, लॉटरी या मांस-मदिरा का सेवन न करें — ये दरिद्रता का कारण माने जाते हैं।

  • मां लक्ष्मी के सामने जलाया गया दीपक पूरी रात प्रज्वलित रहने दें।


🌸 दिवाली का महत्व

दिवाली की रात को महानिशा कहा गया है। मान्यता है कि इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक पर भ्रमण करती हैं। जो व्यक्ति श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करता है, उसकी प्रार्थना अवश्य स्वीकार होती है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।


📅 निष्कर्ष

इस बार दिवाली को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी, लेकिन ज्योतिष गणना के अनुसार
🪔 मुख्य दीपावली सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को ही मनाई जाएगी।
इस दिन प्रदोष और निशीत काल में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करना सबसे शुभ रहेगा।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments