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कोमाखान में नए तहसील भवन का उद्घाटन, सेवा सेतु शिविर में ग्रामीणों ने रखीं समस्याएं

सांसद रूपकुमारी चौधरी रहीं मुख्य अतिथि, विभिन्न विभागों के लगाए गए स्टॉल; करहीडीह के ग्रामीणों ने सरपंच पर कार्रवाई तो कच्ची शराब को लेकर ग्रामीणों ने रोक लगाने की मांग की

कोमाखान। सोमवार 5 अक्टूबर को कोमाखान में नए तहसील भवन का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। उन्होंने नए तहसील भवन को क्षेत्र के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों को तहसील एवं राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष ऐतराम साहू, पूर्व सांसद चुन्नीलाल यादव, पूर्व विधायक प्रीतम दीवान, प्रदीप चंद्राकर, प्रकाश शर्मा, उषा पटेल, अल्का चंद्राकर सहित कलेक्टर, एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सेवा सेतु शिविर में विभागों के लगाए गए स्टॉल

तहसील भवन उद्घाटन अवसर पर 25वां सेवा अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में ब्लॉक स्तर के विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। यहां विभागीय अधिकारियों ने नागरिकों की समस्याएं एवं मांगें सुनीं और शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई।

शिविर में ग्रामीणों को संबंधित विभागों की योजनाओं, पात्रता एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। नागरिकों ने अपनी समस्याओं और मांगों से अधिकारियों को अवगत कराया।

शिविर में ग्राम पंचायत करहीडीह के ग्रामीण भी शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच रामेश्वर साहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिविर में ग्राम पंचायत करहीडीह के ग्रामीण भी शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच रामेश्वर साहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

करहीडीह के ग्रामीण पहुंचे, सरपंच पर कार्रवाई की मांग

शिविर में ग्राम पंचायत करहीडीह के ग्रामीण भी शिकायत लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच रामेश्वर साहू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच बीते करीब 35 दिनों से फरार हैं और उनका नाम गांजा तस्करी के मामले में सामने आया है। ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग रखी।

ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर महासमुंद ने संबंधित एसडीएम को धारा 40 के तहत तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार किए जाने की बात कही गई।

कच्ची शराब पर रोक लगाने ग्रामीणों ने दिया आवेदन इसी दौरान एक अन्य ग्राम पंचायत के सरपंच और गांव के वरिष्ठ नागरिक भी कच्ची शराब की समस्या को लेकर शिविर में पहुंचे। सरपंच गैदी बाई, सरपंच प्रतिनिधि प्रेमसिंह कंवल सिन्हा, हीरालाल सिन्हा, ईश्वर सिन्हा सहित ग्राम प्रमुख एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा
कच्ची शराब पर रोक लगाने ग्रामीणों ने दिया आवेदन

इसी दौरान एक अन्य ग्राम पंचायत के सरपंच और गांव के वरिष्ठ नागरिक भी कच्ची शराब की समस्या को लेकर शिविर में पहुंचे। सरपंच गैदी बाई, सरपंच प्रतिनिधि प्रेमसिंह कंवल सिन्हा, हीरालाल सिन्हा, ईश्वर सिन्हा सहित ग्राम प्रमुख एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा

कच्ची शराब पर रोक लगाने ग्रामीणों ने दिया आवेदन

इसी दौरान एक अन्य ग्राम पंचायत के सरपंच और गांव के वरिष्ठ नागरिक भी कच्ची शराब की समस्या को लेकर शिविर में पहुंचे। सरपंच गैदी बाई, सरपंच प्रतिनिधि प्रेमसिंह कंवल सिन्हा, हीरालाल सिन्हा, ईश्वर सिन्हा सहित ग्राम प्रमुख एवं ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत से लगे सरगीडह में घर-घर कच्ची शराब बनाए जाने और बेचे जाने की शिकायत लंबे समय से है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब के सेवन से गांव में लगातार मौतें हो रही हैं और अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, बीते दिन बुधराम निषाद की मौत हुई है। इसके अलावा हाल में सेतराम यादव, हेमचंद बरिहा और बुधराम बरिहा की भी शराब के कारण मौत होने का ग्रामीणों ने दावा किया। ग्रामीणों ने इन मौतों की जांच कराने तथा कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में कार्रवाई कर अवैध शराब के कारोबार को बंद कराने और लोगों को इससे होने वाले नुकसान से बचाने की मांग की।

अधिकारियों ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

तहसील भवन उद्घाटन के साथ आयोजित सेवा सेतु शिविर में एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इससे ग्रामीणों को अपनी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और शासन की योजनाओं की जानकारी लेने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान कई ग्रामीणों ने अपनी स्थानीय समस्याओं को लेकर आवेदन भी सौंपे।

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