ब्रेकिंग न्यूज़: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जै मिल ने भारत में दिए विशेष बयान, द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर जोर। दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जै मिल ने अपने भारत दौरे के दौरान कहा है कि कोरिया और भारत को आपस में मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना
भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एशिया के दोनों देश वैश्विक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की बदलती स्थिति में, बहुपरकारी सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति ने भारत की अर्थव्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने वैश्विक कारोबारी नियमों को आकार देने के लिए खुद को सही स्थान पर स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सुरक्षा के लिए किसी एक देश पर निर्भरता को कम करना बेहद जरूरी है।
ऊर्जा सुरक्षा और بحر हर्मुज
राष्ट्रपति ली ने ऊर्जा की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया दोनों ही मध्य पूर्व से ऊर्जा लेकर आते हैं, और इसलिए, بحر हर्मुज के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों को मिलकर इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इस संदर्भ में, निरंतर संवाद और सहयोग की आवश्यकता होगी।
रक्षा सहयोग और आत्मनिर्भरता
रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रपति ने कहा कि कोरिया भारत की परियोजनाओं में तकनीकी सहयोग रहेगा। विशेष रूप से, K9 वज्र तोप का प्रोजेक्ट इस सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत, उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा भारत में किया जाएगा। इसके अलावा, दोनों देश कई तकनीकी विकास और साझेदारी के क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे ताकि सामरिक रक्षा उद्योग को आगे बढ़ाया जा सके।
राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों के हस्ताक्षर की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि उनके विजन में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना शामिल है।
इस यात्रा के माध्यम से, वे विश्वास जताते हैं कि दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे तथा नई दिशा में आगे बढ़ेंगे।
राष्ट्रपति ली जै मिल की यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने में सहायक होगी, बल्कि वैश्विक मामलों में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।




