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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट पर साधा निशाना, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

रायपुर, 11 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य एवं मध्यप्रदेश शासन के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने राम मंदिर चढ़ावा और चंदा प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट तथा भाजपा-आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी मौजूद रहे।

कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से चंदा और दान दिया, लेकिन अब उसी धन के उपयोग और प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता का नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा विषय है। कांग्रेस का आरोप है कि ट्रस्ट के भीतर हुई घटनाओं और हालिया घटनाक्रमों ने पूरे मामले की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

कांग्रेस ने उठाए सात बड़े सवाल

पत्रकारवार्ता में कांग्रेस ने केंद्र सरकार और ट्रस्ट से कई सवाल पूछे, जिनमें प्रमुख रूप से पूछा गया कि यदि ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ तो कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा? ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के इस्तीफों के पीछे क्या कारण हैं? यदि कोई अनियमितता नहीं हुई तो स्वतंत्र न्यायिक जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है?

इन बिंदुओं पर जताई चिंता

कांग्रेस ने दावा किया कि ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफे, वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विवाद, आयोजनों पर हुए खर्च तथा कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। पार्टी ने कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर मामले को समाप्त नहीं किया जा सकता, बल्कि शीर्ष स्तर की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं—

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें।
  • कथित रूप से जिम्मेदार सभी प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  • पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक आयोग से कराई जाए।
  • श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन कर अधिक पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।
  • मंदिर से जुड़े चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और अन्य खर्चों का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए तथा रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

दीपक बैज का आरोप

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा और आरएसएस पर पहले भी राम मंदिर निर्माण के दौरान एकत्रित चंदे को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर भी गंभीर प्रश्न सामने आए हैं। बैज ने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

पत्रकारवार्ता में कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रवक्ता उपस्थित रहे।

नोट: यह समाचार कांग्रेस नेताओं द्वारा पत्रकारवार्ता में लगाए गए आरोपों और की गई मांगों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का पक्ष या जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि होगी।

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