ग्राम सभा के दौरान बुलाकर की अवैध वसूली की कोशिश का आरोप, झूठी खबरें और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की भी शिकायत
महासमुंद। जिले के ग्राम पंचायत खट्टी की सरपंच अनीता मेहरा ने दो व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए थाना महासमुंद में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम सभा के दौरान स्वयं को न्यूज पोर्टल का पत्रकार बताने वाले दो व्यक्तियों ने उनसे 10 लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर झूठी खबरें प्रकाशित कर बदनाम करने और सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी छवि धूमिल करने की धमकी दी गई।
शिकायत के अनुसार, 24 जून 2026 को ग्राम पंचायत खट्टी में आयोजित ग्राम सभा के दौरान दोपहर करीब 1:30 बजे दो व्यक्ति पहुंचे। इनमें एक ने अपना नाम मयंक गुप्ता बताते हुए स्वयं को एक न्यूज पोर्टल का संपादक तथा दूसरे ने अपना नाम मनोज गोस्वामी बताते हुए स्वयं को दूसरे न्यूज पोर्टल का पत्रकार बताया।
’10 लाख नहीं दिए तो खबर चला देंगे’ का आरोप
सरपंच अनीता मेहरा का आरोप है कि दोनों व्यक्तियों ने ग्राम सभा के बीच आर्थिक अनियमितता के आरोप लगाते हुए उन्हें अलग बुलाया और कथित रूप से 10 लाख रुपये की मांग की। शिकायत के अनुसार, रकम नहीं देने पर उनके खिलाफ समाचार प्रकाशित करने और बदनाम करने की धमकी दी गई। सरपंच का कहना है कि उन्होंने इस मांग से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों ने उन्हें परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कथित रूप से भ्रामक और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की गई। उनकी तस्वीरों का उपयोग कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। साथ ही ग्राम पंचायत सचिव को उनका पति बताकर उनके चरित्र पर भी सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने का आरोप लगाया गया है।
अन्य सरपंचों से भी अवैध वसूली की आशंका जताई
अनीता मेहरा ने शिकायत में दावा किया है कि उन्हें अन्य सरपंचों एवं स्थानीय लोगों से जानकारी मिली है कि संबंधित व्यक्ति जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों को भी डरा-धमकाकर कथित रूप से अवैध राशि की मांग करते हैं। उन्होंने पुलिस से इस पहलू की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
सरपंच ने स्वयं को अनुसूचित जाति वर्ग की महिला जनप्रतिनिधि बताते हुए कहा है कि उनके चरित्र पर लांछन लगाकर सामाजिक रूप से अपमानित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग
शिकायत में दोनों आरोपितों के खिलाफ कथित रूप से धमकी देकर अवैध वसूली का प्रयास, मानहानि, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने तथा अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले को जांच में लिया है। मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं। पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।


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