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बागबाहरा खुर्सीपार: अवैध शराब रोकने की सजा, उपसरपंच पर लगा ₹75,000 का दंड

महासमुंद/बागबाहरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के कोमाखान थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खुर्सीपार में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ की गई शिकायत अब विवाद का रूप ले चुकी है। गांव के उपसरपंच दुर्गेश साहू द्वारा अवैध शराब बिक्री की शिकायत पुलिस से करना इतना महंगा साबित हुआ कि उन्हें ग्रामीण सभा द्वारा 75,000 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में जनपद सदस्य पारस सांखला, राहुल चंद्राकर सहित कई पंचायत प्रतिनिधियों ने कोमाखान थाना में ओडिशा ब्रांड की अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ ज्ञापन सौंपा था। इस शिकायत के बाद खुर्सीपार गांव में एक पंचायत बैठक आयोजित की गई, जिसमें कथित तौर पर कांग्रेस भारत जोड़ो पदयात्री रामेश्वर चक्रधारी, पूर्व सरपंच प्रहलाद बरिहा, अगनू निषाद, दिलीप चक्रधारी, धनीराम उर्फ कुशल साहू और दशरथ साहू ने मिलकर फैसला सुनाया कि उपसरपंच दुर्गेश साहू ने गांव के आर्थिक हित को नुकसान पहुँचाया है।

फैसले के अनुसार:

  • शराब कोचिया को 25,000 रुपये का नुकसान होने पर उसे मुआवजा दिया जाएगा।

  • और गांव के खिलाफ शिकायत करने पर उपसरपंच को 50,000 रुपये का दंड भरना होगा।

इस फैसले से आक्रोशित उपसरपंच दुर्गेश साहू ने कहा, “मैं पंचायत का निर्वाचित प्रतिनिधि हूं। अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करना मेरा कर्तव्य है। यह दंड पंचायत व्यवस्था और लोकतंत्र का अपमान है।”

उन्होंने यह मामला छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री के संज्ञान में लाते हुए बागबाहरा SDOP को भी लिखित शिकायत दी है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की है।

यह मामला यह दर्शाता है कि आज भी कई ग्रामीण इलाकों में अवैध धंधों के खिलाफ बोलने वालों को प्रताड़ित किया जाता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक संकेत है।

यहां पढ़ें: महासमुंद: कोमाखान थाना से महज 4 किमी दूर हाईवे किनारे खुलेआम गांजा और शराब की बिक्री, प्रशासन मौन