पेंड्रा। कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या और लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार, जिंदा कारतूस, लूटे गए सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन, मोटरसाइकिल और कार भी बरामद की है।
झारखंड से रची गई थी वारदात की साजिश
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी झारखंड से ट्रेन के जरिए अकलतरा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। यहां से मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड खुशीराम साहू उन्हें अपने गांव बिटकुला लेकर गया। इसके बाद आरोपियों ने खम्हरिया स्थित एक होंडा शोरूम से ग्लैमर मोटरसाइकिल खरीदी और वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई।
26 मई को कोटमीकला साप्ताहिक बाजार पहुंचकर आरोपियों ने ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी से लूटपाट का प्रयास किया। इस दौरान प्रदीप सोनी ने बदमाशों का डटकर मुकाबला किया। खुद को घिरता देख आरोपी राहुल उर्फ मनीष मंडल ने उन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद जंगल में छिपे आरोपी
गोली मारने के बाद आरोपी जंगल के रास्ते फरार हो गए, लेकिन रास्ता भटक जाने के कारण पूरी रात बोदरापारा-तिलोरा के जंगल में छिपे रहे। अगले दिन सुबह आरोपियों ने आपस में संपर्क कर स्थानीय ग्रामीणों से रास्ते की जानकारी ली और लूटे गए आभूषणों का बंटवारा कर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए।
पुलिस के अनुसार, मनीष मंडल अपने दो साथियों के साथ बस और ट्रेन के माध्यम से वापस झारखंड भाग गया, जबकि मास्टरमाइंड खुशीराम साहू मोटरसाइकिल से देवरीखुर्द होते हुए बस्तीबगरा पहुंचा। वहां उसने अपने दामाद श्रेयांस शुक्ला को बुलाकर लूट के आभूषणों का एक हिस्सा सौंप दिया और बाद में अपने गांव लौट गया।
रेकी कर बनाई गई थी लूट की योजना
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि खुशीराम साहू ने बिहार और झारखंड के अपने साथियों के साथ मिलकर क्षेत्र के सोना-चांदी कारोबारियों की रेकी की थी। लंबे समय तक निगरानी करने के बाद कोटमीकला बाजार में प्रदीप सोनी को निशाना बनाया गया।
26 मई की शाम आरोपियों ने सोना-चांदी से भरा बैग लूटने की कोशिश की, लेकिन विरोध करने पर मनीष मंडल ने अवैध हथियार से गोली चला दी, जिससे प्रदीप सोनी की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी आभूषण लेकर फरार हो गए।
दो सप्ताह में पुलिस ने सुलझाया मामला
घटना के बाद पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, साइबर जांच और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बिहार और झारखंड तक पहुंचकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों से बरामद हुए हथियार और आभूषण
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर:
- 2 देशी कट्टे
- 4 जिंदा कारतूस
- 1 खोखा
- लगभग 40 ग्राम सोने के आभूषण
- 4 किलो 480 ग्राम चांदी के आभूषण
- 7 मोबाइल फोन
- 2 मोटरसाइकिल
- 1 स्विफ्ट कार
बरामद की है।
पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी आए सामने
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ बिहार और झारखंड में लूट एवं चोरी के कई मामले पहले से दर्ज हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम को मिलेगा एक लाख रुपये का इनाम
इस चर्चित हत्याकांड का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम के कार्यों की सराहना करते हुए बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने टीम के सदस्यों को एक लाख रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
इस कार्रवाई में जीपीएम, बिलासपुर और मुंगेली पुलिस के अलावा साइबर सेल तथा एसीसीयू की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


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