महासमुंद। करोड़ों रुपये मूल्य की एलपीजी गैस के गबन और कालाबाजारी मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी संतोष सिंह ठाकुर और उसके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को महासमुंद पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए होटल में छिपकर रह रहे थे।
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने पत्रकारवार्ता में बताया कि मामले के मुख्य आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार थे। उनकी तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रायपुर, कवर्धा, छुईखदान, कान्हा-किसली, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर भेजी गई थीं।
तकनीकी जांच, टोल प्लाजा डेटा और सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित न्यू चालुक्य होटल में छिपे हुए हैं। इसके बाद स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर रायपुर निवासी संतोष सिंह ठाकुर (57) और उसके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर (27) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने संतोष ठाकुर के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
87 टन एलपीजी गैस गबन का आरोप
पुलिस के अनुसार सिंघोड़ा थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 96/25 के तहत 24 दिसंबर 2025 को 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रक जब्त किए गए थे। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन वाहनों को उरला रायपुर स्थित ठाकुर पेट्रो कैमिकल्स के संचालक संतोष सिंह ठाकुर के सुपुर्द किया गया था।
जांच में खुलासा हुआ कि सुपुर्द किए गए ट्रकों में से 5 कैप्सूल ट्रकों में भरी करीब 87 टन एलपीजी गैस, जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपये बताई जा रही है, का षड्यंत्रपूर्वक गबन कर लिया गया। मामले में पुलिस ने आपराधिक न्यास भंग, कूट रचना और कालाबाजारी से जुड़ी धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस इससे पहले जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि पूरे गैस हेराफेरी नेटवर्क की जांच अभी जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।


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